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पहले भी हाईवे पर हो चुके है हादसे: NHAI मोबाइल दस्ते को शव दिखा न पुलिस को, मान लिया था मनोरोगी
Sat, 01 Jul 2023 11:47 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 01 Jul 2023 11:47 AM IST
सार
झंगहा के मोतीराम अड्डा चौकी से 600 मीटर की दूरी पर सड़क पर ही शव पड़ा रहा और उस पर पुलिस की नजर नहीं पड़ी। जबकि एसएसपी पुलिस के रात्रि गश्त को लेकर लगातार आदेश देते रहते हैं। दूसरे, एनएचएआई के मोबाइल वैन भी मदद के लिए चलते हैं, लेकिन वह भी नजर नहीं आए।
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UP Police
- फोटो : iStock
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विस्तार
झंगहा इलाके के मोतीराम के पास हाईवे पर शव को वाहनों के रौंदने की यह घटना पहली नहीं है। इसके पहले भी 23 मई को इसी तरह की अमानवीय घटना चौरीचौरा के सोनबरसा में सामने आई थी। हालांकि, तब एनएचआई की मोबाइल टीम ने शव के टुकड़ों को देखकर पुलिस को सूचना दे दी थी, जिस वजह से शव को इतना बचा लिया गया था कि उसकी पहचान हो पाए।
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अगले दिन उस बुजुर्ग महिला की पहचान भी हो गई थी। लेकिन, इस बार न तो पुलिस की नजर पड़ी है और न ही एनएचएआई के मोबाइल टीम की। पुलिस की मानें तो मृतक मानसिक रूप से कमजोर था। वह कई दिनों से बोरे में कपड़ा लेकर घूम रहा था, अब वह नजर नहीं आ रहा है। आशंका है कि यह उसी का शव है।
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अब ऐसे में सवाल उठता है कि रात में कौन सी गश्त हो रही है? जानकारी के मुताबिक, 23 मई को सोनबरसा बाजार में एक बुजुर्ग महिला के शव के टुकड़े पुलिस को मिले थे। उस पर से भी कई वाहन गुजरे थे। एक बार फिर इसी तरह की घटना सामने आई है।
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झंगहा के मोतीराम अड्डा चौकी से 600 मीटर की दूरी पर सड़क पर ही शव पड़ा रहा और उस पर पुलिस की नजर नहीं पड़ी। जबकि एसएसपी पुलिस के रात्रि गश्त को लेकर लगातार आदेश देते रहते हैं। दूसरे, एनएचएआई के मोबाइल वैन भी मदद के लिए चलते हैं, लेकिन वह भी नजर नहीं आए।
नतीजतन शव को वाहनों ने कुचल दिया और अब उसकी पहचान कर पाना भी मुश्किल है। एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि यह गंभीर मामला है। गश्त बढ़ाने का आदेश दिया गया है। कोशिश है कि जल्द से जल्द मृतक की पहचान कर ली जाए।
नतीजतन शव को वाहनों ने कुचल दिया और अब उसकी पहचान कर पाना भी मुश्किल है। एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि यह गंभीर मामला है। गश्त बढ़ाने का आदेश दिया गया है। कोशिश है कि जल्द से जल्द मृतक की पहचान कर ली जाए।