{"_id":"626cf07779c7eb74570a1016","slug":"newborn-life-will-be-safe-with-respirator-machine-in-gorakhpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर: रेस्पिरेटर मशीन से सुरक्षित होगी नवजात की जिंदगी, दो से तीन दिनों के अंदर होगी इंस्टाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर: रेस्पिरेटर मशीन से सुरक्षित होगी नवजात की जिंदगी, दो से तीन दिनों के अंदर होगी इंस्टाल
Sat, 30 Apr 2022 01:46 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 30 Apr 2022 01:46 PM IST
सार
एसआईसी जिला महिला अस्पताल डॉ. एनके श्रीवास्तव ने कहा कि रेस्पिरेटर मशीन लगने से नवजात का इलाज आसान होगा। जन्म के बाद जिन नवजात को सांस लेने में तकलीफ होती है। उनकी सुरक्षा इस मशीन से की जा सकेगी।
विज्ञापन
गोरखपुर जिला अस्पताल।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर जिला महिला अस्पताल में रेस्पिरेटर मशीन लगाई जाएगी। इसका इस्तेमाल नवजात को सांस लेने में परेशानी होने पर ऑक्सीजन देने के लिए किया जाएगा। जिला प्रशासन के सहयोग से मशीन अस्पताल को मिल चुकी हैं, जिसे दो से तीन दिनों के अंदर इंस्टाल कर दिया जाएगा।
जिला महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. जय कुमार ने बताया कि कुछ बच्चे जन्म के तत्काल बाद सांस नहीं ले पाते हैं। इसकी वजह से उनके शरीर में कोई प्रतिक्रिया नहीं होती है। इस दौरान डॉक्टर एक अंबु बैग के जरिए बच्चे को ऑक्सीजन देने की कोशिश करता है या फिर उसके सीने पर पंप करता है। लेकिन रेस्पिरेटर मशीन आने के बाद यह प्रक्रिया आसान हो जाएगी। यह मशीन जरूरत के मुताबिक नवजात को ऑक्सीजन देती रहेगी। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में दो रेस्पिरेटर मशीनें उपलब्ध हैं।
विज्ञापन
एसआईसी जिला महिला अस्पताल डॉ. एनके श्रीवास्तव ने कहा कि रेस्पिरेटर मशीन लगने से नवजात का इलाज आसान होगा। जन्म के बाद जिन नवजात को सांस लेने में तकलीफ होती है। उनकी सुरक्षा इस मशीन से की जा सकेगी।
विज्ञापन
जिला महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. जय कुमार ने बताया कि कुछ बच्चे जन्म के तत्काल बाद सांस नहीं ले पाते हैं। इसकी वजह से उनके शरीर में कोई प्रतिक्रिया नहीं होती है। इस दौरान डॉक्टर एक अंबु बैग के जरिए बच्चे को ऑक्सीजन देने की कोशिश करता है या फिर उसके सीने पर पंप करता है। लेकिन रेस्पिरेटर मशीन आने के बाद यह प्रक्रिया आसान हो जाएगी। यह मशीन जरूरत के मुताबिक नवजात को ऑक्सीजन देती रहेगी। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में दो रेस्पिरेटर मशीनें उपलब्ध हैं।
विज्ञापन
नौ लाख रुपये है कीमत
जिला महिला अस्पताल के एसआईसी डॉ एनके श्रीवास्तव ने बताया कि मशीन की कीमत नौ लाख रुपये है। मशीन को लेबर रूम में इंस्टाल कराया जाएगा। इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री के हाथों कराने की तैयारी है। इसे लेकर प्रशासन से वार्ता भी की गई है।
विज्ञापन
एसआईसी जिला महिला अस्पताल डॉ. एनके श्रीवास्तव ने कहा कि रेस्पिरेटर मशीन लगने से नवजात का इलाज आसान होगा। जन्म के बाद जिन नवजात को सांस लेने में तकलीफ होती है। उनकी सुरक्षा इस मशीन से की जा सकेगी।