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Gorakhpur News: सिक्टौर चौराहे से खोराबार के बीच बस रहीं नई काॅलोनियां
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गोरखपुर। कभी गोरखपुर के सबसे खराब इलाकों में शुमार रहे रामगढ़ताल की सूरत बदलते ही शहर के देवरिया रोड पर तेजी से विकास होने लगा है। महज पांच साल तक सहारा एस्टेट को शहर का बाहरी हिस्सा मानने वाले अब सिक्टौर चौराहे से फोरलेन अंडरपास पार कर घर बनाने के लिए जमीन की तलाश कर रहे हैं। वहीं, सिक्टौर चौराहे से खोराबार के बीच नई काॅलोनियां बस रहीं हैं। इसमें भी कई प्राइवेट काॅलोनाइजर्स बहुमंजिली बिल्डिंग बना रहे हैं।
रामगढ़ताल के किनारे तक लोगों ने पक्के मकान बनवा लिए हैं। सिक्टौर चौराहा से भाजपा कार्यालय होते हुए खोराबार तक आने वाली सड़क के किनारे कई निजी स्कूल व नर्सिंग होम बन चुके हैं। रानीडीहा, दिव्य नगर, गिरधरगंज, शिवपुर, कैलाशपुर आदि इलाकों में बन रही आलीशान बिल्डिंग सबका ध्यान खींच रही है।
रामगढ़ताल के किनारे गंदगी का ढेर रहता था। सिक्टौर निवासी बृजेश मिश्रा बताते हैं कि जब वह यहां रहने आए तो गांव जैसा माहौल था। सहारा एस्टेट को ही लोग शहर से बाहर मानते थे। सिक्टौर की तो गणना शहर में होती ही नहीं थी, लेकिन जैसे-जैसे रामगढ़ताल की सूरत संवरी सिक्टौर ही नहीं, यहां से लेकर खोराबार तक इलाके की सूरत ही बदल गई।
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देवरिया-कुशीनगर के अलावा बिहार के गोपालगंज और छपरा तक के लोगों ने यहां आकर जमीन खरीदकर घर बना लिए और रहने भी लगे हैं। भाजपा कार्यालय बनने के बाद इस सड़क के चौड़ीकरण की उम्मीद भी प्रबल हो गई है। अगर यह सड़क चौड़ी हुई तो इलाके का विकास और तेज हो जाएगा।
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प्रमुख स्थानों की नजदीकी से बढ़ेगा व्यवसाय
रानीडीहा के पास परचून की छोटी सी दुकान चलाने वाले राजेंद्र यादव कहते हैं कि एक दशक पहले भले ही यह गोरखपुर से दूर था, लेकिन आज नौका विहार, चिड़ियाघर, एम्स और एयरपोर्ट हमारे नजदीक है। देवरिया रोड और देवरिया बाईपास रोड के चौड़ीकरण ने दोनों सड़कों के बीच बसे रानीडीहा, गिरधरगंज, यादव टोला, कैलाशपुरम, शिवपुर, महादेव झारखंडी इलाके की किस्मत बदल दी है। कुनराघाट की तरफ से भी रामगढ़ताल के सुंदरीकरण का काम पूरा होने पर इस इलाके के लोगों को टहलने के लिए एक विकल्प मिल जाएगा। साथ ही पैडलेगंज से लेकर मोहद्दीपुर तक आने-जाने का एक और सुगम मार्ग मिलेगा, जिससे इस इलाके के विकास में तेजी आएगी।
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तालनदोर तक होने लगी प्लाटिंग
देवरिया रोड पर वनसप्ती देवी मंदिर से एक सड़क हाईवे के बाईपास को पार करते हुए तालनदोर तक जाती है। तालनदोर में एनसीसी का प्रशिक्षण केंद्र बन रहा है। इसके बगल में एक बिल्डर की तरफ से प्लाॅटिंग कराने के लिए जमीन खरीदी गई है, जिस पर मिट्टी भरने का काम शुरू हो गया है। यह पूरा इलाका जीडीए के महायोजना 2031 में शामिल है। खोराबार में ही जीडीए की तरफ से नया गोरखपुर बसाया जाना है। इन इलाकों के विकास के साथ ही कुनराघाट से लेकर सिक्टौर चौराहे तक का पूरा इलाका शहर के बीच का हिस्सा बन जाएगा।
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कोट-
कुनराघाट से सहारा एस्टेट और मोहद्दीपुर-पैडलेगंज रिंग रोड का काम पूरा होते ही इलाके की सूरत बदल जाएगी। शहरवासियों के अलावा बाहरी लोग भी ताल के किनारे घूमने आएंगे तो स्थानीय दुकानदारों की बिक्री बढ़ेगी। अन्य लोगों को भी नए-नए रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे इलाके के लोगों को ही फायदा होगा।
-सर्वेश पांडेय, व्यापारी
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रामगढ़ताल के किनारे रिंग रोड का काम पूरा होने से सबसे अधिक फायदा गिरधरगंज वार्ड के लोगों को ही मिलेगा। क्योंकि इस मोहल्ले के तमाम घर ताल के किनारे हैं। इलाके की खूबसूरती बढ़ेगी तो अच्छे लोग यहां किराएदार के तौर पर आएंगे, इससे मकानों की कीमत भी बढ़ेगी। सुबह-शाम लोग टहलने आएंगे तो दुकानदारी करने के अवसर बढेंगे। सबसे खास बात यह रहेगी कि हमेशा इस इलाके पर नगर निगम की भी नजर रहेगी और बिजली, पानी, सफाई, सिवरेज समेत सभी सुविधाएं और बेहतर होंगी।
- रणंजय सिंह जुगनू, पार्षद गिरधरगंज
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रामगढ़ताल के किनारे तक लोगों ने पक्के मकान बनवा लिए हैं। सिक्टौर चौराहा से भाजपा कार्यालय होते हुए खोराबार तक आने वाली सड़क के किनारे कई निजी स्कूल व नर्सिंग होम बन चुके हैं। रानीडीहा, दिव्य नगर, गिरधरगंज, शिवपुर, कैलाशपुर आदि इलाकों में बन रही आलीशान बिल्डिंग सबका ध्यान खींच रही है।
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रामगढ़ताल के किनारे गंदगी का ढेर रहता था। सिक्टौर निवासी बृजेश मिश्रा बताते हैं कि जब वह यहां रहने आए तो गांव जैसा माहौल था। सहारा एस्टेट को ही लोग शहर से बाहर मानते थे। सिक्टौर की तो गणना शहर में होती ही नहीं थी, लेकिन जैसे-जैसे रामगढ़ताल की सूरत संवरी सिक्टौर ही नहीं, यहां से लेकर खोराबार तक इलाके की सूरत ही बदल गई।
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देवरिया-कुशीनगर के अलावा बिहार के गोपालगंज और छपरा तक के लोगों ने यहां आकर जमीन खरीदकर घर बना लिए और रहने भी लगे हैं। भाजपा कार्यालय बनने के बाद इस सड़क के चौड़ीकरण की उम्मीद भी प्रबल हो गई है। अगर यह सड़क चौड़ी हुई तो इलाके का विकास और तेज हो जाएगा।
प्रमुख स्थानों की नजदीकी से बढ़ेगा व्यवसाय
रानीडीहा के पास परचून की छोटी सी दुकान चलाने वाले राजेंद्र यादव कहते हैं कि एक दशक पहले भले ही यह गोरखपुर से दूर था, लेकिन आज नौका विहार, चिड़ियाघर, एम्स और एयरपोर्ट हमारे नजदीक है। देवरिया रोड और देवरिया बाईपास रोड के चौड़ीकरण ने दोनों सड़कों के बीच बसे रानीडीहा, गिरधरगंज, यादव टोला, कैलाशपुरम, शिवपुर, महादेव झारखंडी इलाके की किस्मत बदल दी है। कुनराघाट की तरफ से भी रामगढ़ताल के सुंदरीकरण का काम पूरा होने पर इस इलाके के लोगों को टहलने के लिए एक विकल्प मिल जाएगा। साथ ही पैडलेगंज से लेकर मोहद्दीपुर तक आने-जाने का एक और सुगम मार्ग मिलेगा, जिससे इस इलाके के विकास में तेजी आएगी।
तालनदोर तक होने लगी प्लाटिंग
देवरिया रोड पर वनसप्ती देवी मंदिर से एक सड़क हाईवे के बाईपास को पार करते हुए तालनदोर तक जाती है। तालनदोर में एनसीसी का प्रशिक्षण केंद्र बन रहा है। इसके बगल में एक बिल्डर की तरफ से प्लाॅटिंग कराने के लिए जमीन खरीदी गई है, जिस पर मिट्टी भरने का काम शुरू हो गया है। यह पूरा इलाका जीडीए के महायोजना 2031 में शामिल है। खोराबार में ही जीडीए की तरफ से नया गोरखपुर बसाया जाना है। इन इलाकों के विकास के साथ ही कुनराघाट से लेकर सिक्टौर चौराहे तक का पूरा इलाका शहर के बीच का हिस्सा बन जाएगा।
कोट-
कुनराघाट से सहारा एस्टेट और मोहद्दीपुर-पैडलेगंज रिंग रोड का काम पूरा होते ही इलाके की सूरत बदल जाएगी। शहरवासियों के अलावा बाहरी लोग भी ताल के किनारे घूमने आएंगे तो स्थानीय दुकानदारों की बिक्री बढ़ेगी। अन्य लोगों को भी नए-नए रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे इलाके के लोगों को ही फायदा होगा।
-सर्वेश पांडेय, व्यापारी
रामगढ़ताल के किनारे रिंग रोड का काम पूरा होने से सबसे अधिक फायदा गिरधरगंज वार्ड के लोगों को ही मिलेगा। क्योंकि इस मोहल्ले के तमाम घर ताल के किनारे हैं। इलाके की खूबसूरती बढ़ेगी तो अच्छे लोग यहां किराएदार के तौर पर आएंगे, इससे मकानों की कीमत भी बढ़ेगी। सुबह-शाम लोग टहलने आएंगे तो दुकानदारी करने के अवसर बढेंगे। सबसे खास बात यह रहेगी कि हमेशा इस इलाके पर नगर निगम की भी नजर रहेगी और बिजली, पानी, सफाई, सिवरेज समेत सभी सुविधाएं और बेहतर होंगी।
- रणंजय सिंह जुगनू, पार्षद गिरधरगंज