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कालापानी विवाद: भारत की आपत्ति दरकिनार कर नेपाली संसद ने विवादित नक्शे को दी मंजूरी
Thu, 18 Jun 2020 02:57 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 18 Jun 2020 02:57 PM IST
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Nepal PM KP Sharma Oli
- फोटो : Social Media
भारत की आपत्ति दरकिनार कर नेपाल के नया नक्शा से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक राज्यसभा में गुरुवार को सर्वसम्मति से पारित हुआ है। इस विधेयक पर संविधान संशोधन के पक्ष में 57 लोगों ने मतदान किया। राज्यसभा का एक सीट रिक्त है। यानी कि सभी लोग मतदान में सहभागी होकर विधेयक के पक्ष में मतदान किया है।
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मत परिणाम सुनाते हुए राज्यसभा अध्यक्ष गणेश प्रसाद तिमल्सिना ने संविधान संशोधन विधेयक सर्वसम्मति से पारित होने की बात बताई। वहीं सत्ताधारी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के संसदीय दल के नेता दीनानाथ शर्मा ने कहा कि भारत ने लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा पर अवैध रूप से कब्जा किया है और उसे नेपाली जमीन को लौटा देना चाहिए।
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अब राज्यसभा से विधेयक पारित होने की सूचना प्रतिनिधि सभा को दिया जाएगा। राज्य सभा की यह सूचना को प्रतिनिधि सभा में सुनाकर सभामुख अग्नी प्रसाद सापकोटा प्रमाणित करके प्रमाणिकरण के लिए राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी समक्ष पेश करेंगे।
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बता दें कि भारत के साथ सीमा गतिरोध के बीच इस नए नक्शे में लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा को नेपाल ने अपने क्षेत्र में दिखाया है। कानून, न्याय और संसदीय मामलों के मंत्री शिवमाया थुम्भांगफे ने देश के नक्शे में बदलाव के लिए संसद में संविधान संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए इसे पेश किया था।
इस नए नक्शे में नेपाल ने लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा के कुल 395 वर्ग किलोमीटर के भारतीय इलाके को अपना बताया है।