नेपाली भूमि पर चीन द्वारा कब्जा के विरोध में कांग्रेस नेता ने जताई नाराजगी, कहा- 'निकम्मी है ये सरकार'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेपाल में चीन द्वारा जमीन पर कब्जे को लेकर घमासान जारी है। इसी बीच प्रमुख प्रतिपक्षी दल नेपाली कांग्रेस की स्थलगत निरीक्षण संसदीय टीम ने हूमला में चीन द्वारा अवैध तरीके से नेपाली जमीन पर कब्जा करने को लेकर निष्कर्ष निकाला है। इसकी रिपोर्ट रविवार यानी कि आज शाम तक सार्वजनिक किए जाने की बात बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, हूमला से निर्वाचित प्रदेश सांसद जीवन बहादुर शाही के नेतृत्व में 30 सितंबर को कांग्रेस जनप्रतिनिधियों की टोली अवैध कब्जे को लेकर मौके पर निरीक्षण करने गई थी। 10 दिन के अध्ययन के बाद शनिवार शाम को सदरमुकाम सिमकोट पहुंचे।
सदरमुकाम सिमकोट पहुंचने के बाद टीम के नेता सांसद जीवन बहादुर शाही ने जानकारी देते हुए कहा कि निरीक्षण के दौरान यह पाया गया है कि चीन द्वारा जगह जगह पर जमीन को कब्जे में लिया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सीमा पर अतिक्रमण की गई है। पांच और छह नंबर पिलर में गड़बड़ी दिखी है।
सांसद जीवन बहादुर ने कहा कि यह निकम्मी सरकार है, हां में हां मिलाये जा रही है, हमलोग प्रमाण सहित रिपोर्ट पेश करेंगे। जीपीएस प्रणाली को ही परिवर्तन कर जमीन हड़पने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्थलगत निरीक्षण के बाद हमारा निष्कर्ष है कि हमारी जमीन को अवैध रूप से कब्जा किया गया है। चीन से कूटनीतिक वार्ता का कोई विकल्प नहीं है।
प्रतिनिधि सभा सदस्य रंगमती शाही ने कहा सीमा पर बहुत समस्या है, पिलर जगह पर नहीं है। गाऊ पालिका उपद्य्क्ष पेमा तमांग ने कहा कि बनाए गए भवन नेपाल में ही हैं, पुराना भवन तोड़फोड़ कर 12 नंबर पिलर बनाया गया। नामखा गाऊ पालिका वार्ड नंबर छह लिमि स्थित लापचा क्षेत्र में चिनिया पक्ष द्वारा नौ अदद भवन बनाने के बाद विवाद बढ़ा। जिसके बाद जिलाधिकारी सुरक्षा सहित कई टीम ने यह जमीन चीन का होने की जानकारी दी। चिनिया दूतावास और केंद्र सरकार ने भी उक्त भूमि चीन का होना बताते आ रहा है। गाऊ पालिका अध्यक्ष नेकपा सांसद की टीम ने भूमि चीन का बताते हुए रक्षा मंत्री, वदेस मंत्री से भी चर्चा कर चुकी है। लेकिन नेपाली कांग्रेस ने सभी से अलग अलग तथ्य का दावा करते हुए आज अस्थलगत अध्ययन रिपोर्ट पेश करने की बात कही है।