बाहर से आए हजारों लोगों को रेलवे देगी ये खास सौगात, घर के पास ही मिलेगा रोजगार, नहीं जाना पड़ेगा परदेश
- एनईआर के तीनों मंडलों में मनरेगा के तहत मिलेगा काम, तैयार हो रही है सूची
- जीएम ने दिए ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों को रोजगार देने के निर्देश
- पहले फेज में सिर्फ निर्माण विभाग देगा 1064 प्रवासियों को काम
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विभिन्न प्रांतों में फंसे श्रमिकों और उनके घरवालों को सुरक्षित घर पहुंचाने के बाद अब रेलवे ने उन्हें रोजगार मुहैया कराने की तैयारी शुरू कर दी है। पूर्वोत्तर रेलवे में पहले फेज में 1064 श्रमिकों को निर्माण संबंधित कार्यों में लगाया जाएगा। खास बात यह है कि जिस जिले के श्रमिक हैं उन्हें वहीं काम मिलेगा।
पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक एलसी त्रिवेदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जोन के सभी प्रमुख विभागाध्यक्षों को इस संबंध में कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यालय और डिवीजन पर जितने भी प्रोजेक्ट चल रहे हों उसमें जरूरत के हिसाब से प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराएं। महाप्रबंधक के निर्देश के बाद से ही पूरी मशीनरी एक्शन में आ गई और 1060 श्रमिकों को विभिन्न जिलों में रोजगार उपलब्ध कराने की सूची तैयार कर ली गई।
पटरियों के किनारे मरनेगा के तहत मिलेगा रोजगार
लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर मंडल द्वारा पटरियों के किनारे भी काम कराया जाएगा। यह काम मनरेगा के तहत होगा। इसके लिए सूची तैयार की जा रही है। अधिकारी इस बात का आकलन करने में जुटे हैं कि किस मंडल में कितने श्रमिकों की जरूरत होगी। इसकी सूची जिलेवार तैयार की जाएगी।
जिस जिले के श्रमिक, उसी जिले में मिलेगा काम
श्रमिक जिस जिले का होगा उसी जिले में काम मिलेगा। मसलन अगर बस्ती के श्रमिक हैं तो उन्हें बस्ती रेलवे के ही किसी प्रोजेक्ट में लगाया जाएगा।
एनईआर के 23 निर्माण कार्यों में लगेंगे श्रमिक
पूर्वोत्तर रेलवे के निर्माण कार्य विभाग की ओर से विभिन्न खंडों में 23 प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इसमें कैंट सेटेलाइट स्टेशन, नकहा स्टेशन एक्सटेंशन और डोमिनगढ़-कुसम्ही तीसरी लाइन भी शामिल है। इन 23 प्रोजेक्ट में पहले फेज में 1060 श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
एनईआर के इन जिलों में श्रमिकों को मिलेगा काम
गोरखपुर, बस्ती, संतकबीरनगर, देवरिया, आजमगढ़, गोंडा, लखीमपुर खीरी, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, वाराणसी, महराजगंज, बहराइच, बलरामपुर, कुशीनगर, अयोध्या, श्रावस्ती, सारण, गोपालगंज और सिवान जिले शामिल हैं।
एनईआर सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे में चल रहे प्रोजेक्ट में प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रयास है कि अधिक से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए।