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एनडीआरएफ : प्राकृतिक आपदा से निपटने के सिखाए गुर
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एनडीआरएफ : प्राकृतिक आपदा से निपटने के सिखाए गुर
गोरखपुर। एनडीआरएफ की टीम ने मंगलवार को राप्ती नदी पर राजघाट के पास 65 आपदा मित्रों व डिजास्टर मैनेजमेंट के 20 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया। इस दौरान टीम ने प्राकृतिक आपदा से निपटने के गुर सिखाए।
निरीक्षक डीपी चंद्रा के नेतृत्व में टीम ने उन्हें घरेलू सामान से तैरने वाली डिवाइस तैयार करने के साथ ही स्टेचर तैयार करना, प्राकृतिक आपदा के दौरान अगर कोई व्यक्ति घायल हो जाता है तो उसको अस्पताल तक पहुंचाने के पहले क्या-क्या प्राथमिक उपचार दिया जा सकता है, आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये आपदा मित्र जिले के विभिन्न स्थानों पर तैनात रहकर डिजास्टर मैनेजमेंट कम्युनिटी का निर्माण करेंगे।
जनसामान्य को प्रशिक्षित करेंगे साथ ही विभिन्न संक्रामक बीमारियों से बचने के तरीकों के बारे में भी लोगों को जानकारी देंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में वाटर रेस्क्यू तकनीक, ड्रम की नाव बनाना, तारपोलिन और घास का बेड़ा, बांस का बेड़ा, केले के तने से नाव बनाना, खाली डिब्बों व खाली बोतलों को तैरने में सहायक बनाना, बाढ़ से पहले की तैयारी के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता व एनडीआरएफ के आठ जवान उपस्थित रहे। वहीं, एनडीआरएफ के उपनिरीक्षक चंदन कुमार सिंह की अगुवाई में मानबेला गांव में जन जागरूकता अभियान भी चलाया गया।
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गोरखपुर। एनडीआरएफ की टीम ने मंगलवार को राप्ती नदी पर राजघाट के पास 65 आपदा मित्रों व डिजास्टर मैनेजमेंट के 20 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया। इस दौरान टीम ने प्राकृतिक आपदा से निपटने के गुर सिखाए।
निरीक्षक डीपी चंद्रा के नेतृत्व में टीम ने उन्हें घरेलू सामान से तैरने वाली डिवाइस तैयार करने के साथ ही स्टेचर तैयार करना, प्राकृतिक आपदा के दौरान अगर कोई व्यक्ति घायल हो जाता है तो उसको अस्पताल तक पहुंचाने के पहले क्या-क्या प्राथमिक उपचार दिया जा सकता है, आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये आपदा मित्र जिले के विभिन्न स्थानों पर तैनात रहकर डिजास्टर मैनेजमेंट कम्युनिटी का निर्माण करेंगे।
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जनसामान्य को प्रशिक्षित करेंगे साथ ही विभिन्न संक्रामक बीमारियों से बचने के तरीकों के बारे में भी लोगों को जानकारी देंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में वाटर रेस्क्यू तकनीक, ड्रम की नाव बनाना, तारपोलिन और घास का बेड़ा, बांस का बेड़ा, केले के तने से नाव बनाना, खाली डिब्बों व खाली बोतलों को तैरने में सहायक बनाना, बाढ़ से पहले की तैयारी के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता व एनडीआरएफ के आठ जवान उपस्थित रहे। वहीं, एनडीआरएफ के उपनिरीक्षक चंदन कुमार सिंह की अगुवाई में मानबेला गांव में जन जागरूकता अभियान भी चलाया गया।
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