Gorakhpur: शहर का सबसे साफ स्ट्रीट फूड हब बनेगा नया सवेरा रोड, सिर्फ सर्टिफिकेट मिलना बाकी
खाद्य सुरक्षा विभाग की तरफ से सभी वेंडर के लाइसेंस जारी किए गए हैं। पानी की गुणवत्ता की जांच की गई है। मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट बनाए गए हैं और प्रशिक्षण भी दिया गया है।
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गोरखपुर में पैडलेगंज से लेकर नया सवेरा तक का मार्ग शहर का सबसे साफ स्ट्रीट फूड हब बनेगा। खाद्य सुरक्षा विभाग के मुताबिक सभी तरह की जांच के बाद इसे भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने भी सत्यापन कर लिया है।
विभाग का दावा है कि सत्यापन करने वाली टीम यहां की व्यवस्था से संतुष्ट है और जल्द ही सर्टिफिकेट भी जारी हो जाएगा। विभाग के सहायक खाद्य आयुक्त प्रथम गुंजन कुमार ने बताया कि इस मार्ग पर स्ट्रीट फूड वैन और ठेले लगाने के लिए जीडीए ने संबंधित को जगह आवंटित की है। बाकायदा इसकी मार्किंग की गई है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की तरफ से सभी वेंडर के लाइसेंस जारी किए गए हैं। पानी की गुणवत्ता की जांच की गई है। मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट बनाए गए हैं और प्रशिक्षण भी दिया गया है। टीम निरंतर निगरानी कर यह जांच रही है कि वेंडरों द्वारा मानकों की अनदेखी तो नहीं की जा रहा है।
वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे पर सेमिनार
मंगलवार को वर्ल्ड फूड सेफ्टी दिवस के मौके पर खाद्य सुरक्षा विभाग साहबगंज समेत कुछ अन्य बाजारों में सेमिनार का आयोजन करेगा। इस दौरान व्यापारियों को खानपान से जुड़ी बारीकियां समझाने के साथ ही उन्हें लाइसेंस व पंजीकरण के लिए भी प्रेरित करेगा।
मई में 42 व्यापारियों पर 5.49 लाख का जुर्माना
खाद्य पदार्थों की खराब गुणवत्ता या मानक के मुताबिक खाद्य पदार्थ नहीं पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने मई महीने में जिले के 42 व्यापारियों पर 5.49 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। संबंधित व्यापारियों पर दो हजार रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया गया है। पूरे वित्तीय वर्ष की बात करें तो खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मार्च 2021 से मार्च 2022 तक कुल 2213 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
261 प्रतिष्ठानों पर छापा मारा, 463 नमूने लिए। इस एक साल में 377 नमूनों की जांच रिपोर्ट विभाग को मिली। इनमें से 129 नमूने मानक के अनुरूप नहीं मिले तो 110 नमूने मिथ्याछाप यानी पैकेजिंग नियमों की अनदेखी मिली। सात नमूने असुरक्षित मिले। 19.27 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है।