नेशनल हाउस वाइफ-डे: घर-परिवार के साथ समाज को भी बेहतर बनाती है गृहिणी
ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय ने कहा कि विवाह से पहले मैं बहुत सादा जीवन जीता था। ममता ने आने के बाद जीवन में खुशियों के रंग भर दिए। पत्नी ममता के रूप में मुझे सरस्वती, लक्ष्मी, दुर्गा, अन्नपूर्णा जैसी देवियों का योग मिला है।
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गृहिणी की भूमिका घर-परिवार तक सीमित नहीं रहती है, वह बेहतर समाज बनाने में भी अहम भूमिका निभाती है। रसोईघर में भोजन तैयार करने व घर के सदस्यों की जरूरतें पूरी करने के साथ ही वह नई पीढ़ी में संस्कार भी भरती है। यह उसके संस्कार ही हैं, जो अच्छे समाज का निर्माण करते हैं। वह बुजुर्गों की देखभाल के साथ उनकी परंपराएं अगली पीढ़ी तक पहुंचाने वाली सेतु है तो दो परिवार- संस्कृतियों को जोड़ने वाली कड़ी भी। परिवार और समाज के सभी आयाम गृहिणी से ही जुड़ते हैं।
26 वर्षों से बांट रहे जीवन का सुख दुख
गृहिणी ममता ने बताया कि आधुनिक गृहिणी हूं, इसलिए घर, बाहर, समाज सभी कुछ संभालने में सक्षम हूं। संयुक्त परिवार में तीन पीढ़ियों के बीच सामंजस्य बनाते हुए, सभी को संतुष्ट कर रही हूं। खुद को सौभाग्यवती मानती हूं कि मुझे पति के रूप में नरेंद्र मिले। ऐसा सुलझा व्यक्तित्व, जिनका साथ मिलने पर कोई भी समस्या नहीं रह पाती है। विवाह के 26 वर्ष में सभी सुख-दुख हम दोनों ने मिलकर बांटा है। वह मेरी समस्या का समाधान जी-जान से करते हैं। वह व्यस्त रहते हैं, लिहाजा, घर की जिम्मेदारियों के साथ लखनऊ में रहने वाले बेटे शिवांश की जरूरतों का भी ख्यास रखती हूं।
ममता ने मेरे सादे जीवन में रंग भरा
ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय ने कहा कि विवाह से पहले मैं बहुत सादा जीवन जीता था। ममता ने आने के बाद जीवन में खुशियों के रंग भर दिए। पत्नी ममता के रूप में मुझे सरस्वती, लक्ष्मी, दुर्गा, अन्नपूर्णा जैसी देवियों का योग मिला है। वह लक्ष्मी के रूप में लेनदेन, परिवार में आने वाली बीमारी या अन्य समस्याओं में दुर्गा, बच्चों को पढ़ाने में सरस्वती और रसोई में अन्नपूर्णा है। उन्होंने परिवार, घर, बेटे की जिम्मेदारी इतनी अच्छी तरह से संभाली कि मुझे कभी किसी समस्या का अहसास ही नहीं हुआ। वह पत्नी, बहन, माता, बेटी सभी भूमिकाओं में श्रेष्ठ हैं।
क्विज कांटेस्ट की नियम-शर्तें
- यह कांटेस्ट केवल महिलाओं के लिए है
- शैक्षणिक योग्यता स्नातक होना चाहिए
- उम्र 45 वर्ष से अधिक न हो
- क्विज में उसी दिन के अमर उजाला में प्रकाशित समाचारों से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे। जवाब के विकल्पों में सही पर टिक करना होगा
- 31 अक्तूबर को आखिरी क्विज प्रकाशित होगी
- 20 सफल विजेताओं से तीन गेस्ट एडिटर चुनी जाएंगी
- गेस्ट एडिटर का चुनाव होटल रेडिसन ब्लू में सामान्य लिखित परीक्षा से होगा
- अमर उजाला के पाठकों के अलावा अन्य गृहणियां भी भाग ले सकती हैं। उन्हें
- अमर उजाला में प्रकाशित क्विज पूरी तरह से भरकर भेजना होगा।
- एक बार विजेता घोषित होने के बाद अन्य क्विज में आपकी एंट्री नहीं शामिल होगी।
- निर्णायक मंडल का निर्णय अंतिम होगा।
बनिए गेस्ट एडिटर, चलिए रेडिसन ब्लू
अमर उजाला के नेशनल वाइफ- डे यानी तीन नवंबर के संस्करण के लिए तीन गृहिणियों को गेस्ट एडिटर बनने का मौका मिलेगा। अमर उजाला का गेस्ट एडिटर बनने का उत्साह गृहिणियों में सिर चढ़ कर बोल रहा है। शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में गृहिणियों ने प्रविष्टियां भेजीं। सभी प्रविष्टियों में उत्तर शत प्रतिशत सही पाए गए। अधिक प्रविष्टियां होने के कारण दस भाग्यशाली विजेताओं का चयन लकी ड्रॉ के जरिये किया गया।
चयनित दस गृहिणियों को आकर्षक गिफ्ट हैंपर दिए जाएंगे 31 अक्तूबर तक चुने गए इन्हीं विजेताओं में से गेस्ट एडिटर पैनल के लिए तीन और चलिए होटल रेडिसन ब्लू के लिए चार गृहिणियों का चुनाव किया जाएगा। इसी प्रक्रिया के तहत चार हाउस वाइफ का चयन किया जाएगा, जिन्हें परिवार समेत फाइव स्टार होटल रेडिसन ब्लू में डिनर का मौका मिलेगा। हम आपको बता दें कि तीन नवंबर को नेशनल हाउस वाइफ डे पर अमर उजाला तीन हाउस वाइफ का गेस्ट एडिटर पैनल बनाएगा। दो नवंबर को उन्हें अमर उजाला कार्यालय बुलाया जाएगा और वे एक संपादक की तरह अमर उजाला की रिपोर्टिंग टीम से काम लेंगी।
अपराजिता नेशनल हाउस वाइफ डे कॉन्टेस्ट में बड़ी संख्या में महिलाएं प्रतिभाग कर रही हैं। रात नौ बजे तक मिली इन प्रविष्टियों में से लकी ड्रा के जरिये 10 महिलाओं को विजेता चुना गया।
क्विज पांच की विजेता
- राधा मोदी, जटेपुर (काली मंदिर)
- संतोषी सिंह, सहारा स्टेट
- अभिलाषा, सिद्धार्थ इंक्लेव, तारामंडल
- संध्या गुप्ता, रसूलपुर
- उषा देवी, गांधीपुरम, आरोग्य मंदिर राप्तीनगर
- नाजिया खान, गोरखनाथ
- विभा राय, सैनिक कुंज, नंदानगर
- पूजा चौरसिया, सिंघड़िया
- अनिता भारती, पीएसी कैंप बिछिया
- राजेश्वरी गुप्ता, वृंदावनी कॉलोनी सहारा इस्टेट
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