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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   In Gorakhpur, Nath Panth Museum will be built in the Research Chair in DDU

Gorakhpur News:डीडीयू में बनेगा गुरू गोरक्षनाथ शोधपीठ, होगा नाथ पंथ का संग्रहालय, संरक्षित किए जाएंगे ये धरोहर

Thu, 04 Jul 2024 11:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो निखिल तिवारी, गोरखपुर
निखिल तिवारी, गोरखपुर Updated Thu, 04 Jul 2024 11:41 AM IST
सार

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ में नाथ पंथ संग्रहालय बनेगा। यहां पर नाथ पंथ से संबंधित  पांडुलिपि और दुर्लभ वस्तुओं को संरक्षित किया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय  प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है।

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In Gorakhpur, Nath Panth Museum will be built in the Research Chair in DDU
डीडीयू में गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ में नाथ पंथ संग्रहालय बनेगा। यहां पर नाथ पंथ से संबंधित पांडुलिपि और दुर्लभ वस्तुओं को संरक्षित किया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। जल्द ही इसे शासन को भेजा जाएगा।

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योजना के मुताबिक, नाथ पंथ संग्रहालय को महाराणा प्रताप परिसर स्थित शोधपीठ के द्वितीय तल पर बनाया जाएगा। इसपर करीब दो करोड़ रुपये खर्च होंगे। जल्द ही इसका प्रेजेंटेशन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष किया जाएगा। इसके बाद शासन के पास भेजा जाएगा।
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गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ में नाथ पंथ पर शोध कार्य हो रहे हैं। गोरखनाथ मंदिर दर्शन के लिए श्रद्धालु पूरे देशभर से आते हैं। पिछले कुछ समय में इनकी संख्या में काफी इजाफा हुआ है। इसमें बहुत सारे लोगों को नाथ संप्रदाय के इतिहास के बारे में जानने और समझने की इच्छा होती है। ऐसे लोगों को आसानी से यह जानकारी उपलब्ध हो, इसके लिए विश्वविद्यालय की ओर से नाथ पंथ संग्रहालय बनाने की योजना बनाई गई है।
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संग्रहालय में होगा नाथ पंथ पर डॉक्यूमेंटरी का प्रदर्शन
संग्रहालय में नाथ पंथ पर हुए पुराने कार्यों के बारे में जानकारी मिलेगी। इसमें नाथ पंथ पर हुए शोध और किताबें मौजूद रहेंगी। इसके साथ ही नाथ योगियों की वेशभूषा, इससे जुड़ी पांडुलिपियां रखी जाएंगी। संग्रहालय आने वाले लोगों को नाथ पंथ का इतिहास बताने के लिए एक डॉक्यूमेंटरी भी दिखाई जाएगी।

शोधपीठ में है नाथ पंथ लाइब्रेरी
गोरक्षनाथ शोधपीठ में प्रथम तल पर एक लाइब्रेरी है, जिसमें नाथ पंथ से जुड़ीं दो हजार से अधिक किताबें हैं। इसमें विद्यार्थियों और शोधार्थियों के अलावा आम लोग भी जाकर नाथ पंथ के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। शोधपीठ के उप निदेशक डॉ. कुशल नाथ मिश्र ने बताया कि लाइब्रेरी में अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं की नाथ पंथ से संबंधित लगभग 2000 से अधिक पुस्तकें हैं। संग्रहालय बन जाने से यह एक ऐसा केंद्र बन जाएगा, जहां पर नाथ पंथ से जुड़ी सभी जानकारी उपलब्ध होगी।


गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो पूनम टंडन ने बताया कि गोरखपुर की पहचान गोरक्षनाथ मंदिर और नाथ पंथ से है। शोधपीठ को नाथ पंथ के एक जीवंत केंद्र के रूप में विकसित करना है। प्रस्तावित संग्रहालय में नाथ पंथ से संबंधित समस्त पांडुलिपि, चित्र, नाथ योगियों की वेशभूषा, दुर्लभ प्राचीन वस्तुओं एवं अन्य उपलब्ध सामग्रियों का संग्रह होगा।
 

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