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Gorakhpur News: नशीली दवाओं की तलाश में नारकोटिक्स टीम ने भालोटिया में मारा छापा
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पटना में मिली दवा का बैच नंबर आवंटित हुआ था गोरखपुर को, तीन दुकानों की हुई जांच
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (सीबीएन) की आठ सदस्यीय टीम ने शुक्रवार को भालोटिया मार्केट के तीन बड़ी फर्मों के दवा के स्टाक की जांच की। बताया जाता है कि इस दवा की बड़ी खेप बिहार की राजधानी पटना में पकड़ी गई है। इसका बैच गोरखपुर को आवंटित हुआ था।
सीबीएन के सीनियर इंस्पेक्टर अनूप गैरोला और रवि रंजन की अगुवाई में आई इस टीम में दो इंस्पेक्टर और 6 सिपाही शामिल हैं। टीम सबसे पहले भालोटिया मार्केट में फार्मा डिस्ट्रीब्यूटर पर पहुंची। यह नार्कोटिक्स दवाओं के थोक विक्रेता हैं। इनके फार्म पर टीम ने डोमेडाल प्लस दवा के अभिलेखों की जांच की। यह ट्रामाडोल के फार्मूले जैसी दवा है। इसके बाद टीम ने मारुति फार्मा की जांच की। यह एंटी साइकेट्रिक ड्रग के थोक सप्लायर है।
बताया जाता है कि शहर के कई नामी मानसिक रोग विशेषज्ञों के पास यहीं से दवाएं भेजी जाती हैं। इनके पास नार्कोटिक्स दवाओं की लंबी श्रृंखला भी है। इसके बाद टीम ने खाटू श्याम फार्मा पर भी जांच की। यहां भी नार्कोटिक्स दवाओं का बड़ा काम होता है।
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दोपहर में नारकोटिक्स टीम के छापा मारने की जानकारी से बाजार के दुकानदारों में हड़कंप मच गया। हालांकि मामला नारकोटिक्स से जुड़ा होने के चलते दुकानदार उधर गए नहीं। अफसरों ने भी इस मामले में चुप्पी साध ली है।
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पटना में मिली दवा का बैच नंबर आवंटित हुआ था गोरखपुर को, तीन दुकानों की हुई जांच
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (सीबीएन) की आठ सदस्यीय टीम ने शुक्रवार को भालोटिया मार्केट के तीन बड़ी फर्मों के दवा के स्टाक की जांच की। बताया जाता है कि इस दवा की बड़ी खेप बिहार की राजधानी पटना में पकड़ी गई है। इसका बैच गोरखपुर को आवंटित हुआ था।
सीबीएन के सीनियर इंस्पेक्टर अनूप गैरोला और रवि रंजन की अगुवाई में आई इस टीम में दो इंस्पेक्टर और 6 सिपाही शामिल हैं। टीम सबसे पहले भालोटिया मार्केट में फार्मा डिस्ट्रीब्यूटर पर पहुंची। यह नार्कोटिक्स दवाओं के थोक विक्रेता हैं। इनके फार्म पर टीम ने डोमेडाल प्लस दवा के अभिलेखों की जांच की। यह ट्रामाडोल के फार्मूले जैसी दवा है। इसके बाद टीम ने मारुति फार्मा की जांच की। यह एंटी साइकेट्रिक ड्रग के थोक सप्लायर है।
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बताया जाता है कि शहर के कई नामी मानसिक रोग विशेषज्ञों के पास यहीं से दवाएं भेजी जाती हैं। इनके पास नार्कोटिक्स दवाओं की लंबी श्रृंखला भी है। इसके बाद टीम ने खाटू श्याम फार्मा पर भी जांच की। यहां भी नार्कोटिक्स दवाओं का बड़ा काम होता है।
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दोपहर में नारकोटिक्स टीम के छापा मारने की जानकारी से बाजार के दुकानदारों में हड़कंप मच गया। हालांकि मामला नारकोटिक्स से जुड़ा होने के चलते दुकानदार उधर गए नहीं। अफसरों ने भी इस मामले में चुप्पी साध ली है।