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गोरखपुर: दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए शुरू हो रही नंदिनी कृषक योजना, खुलेंगी चार डेयरी यूनिट
Fri, 22 Sep 2023 12:16 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 22 Sep 2023 12:16 PM IST
सार
पशुधन विकास के क्षेत्र में अग्रणी और दूध उत्पादन में देश के प्रथम स्थान पर होने के बावजूद उत्तर प्रदेश में प्रति पशु दूध उत्पादकता कम है। प्रदेश में देसी गायों के दूध की उत्पादकता 3.6 किग्रा तथा भैंस की 5.02 किग्रा प्रतिदिन प्रति पशु है। जबकि पंजाब एवं हरियाणा में अधिक है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने ''नंदिनी कृषक समृद्धि योजना'' लांच की है। इसमें किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। अनुदान वाली इस योजना से दूध का उत्पादन बढ़ने के साथ उन्नत नस्ल वाले पशुधन का संरक्षण और संवर्धन भी होगा। इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदेश के 10 जिलों में शुरू किया जा रहा है। इनमें गोरखपुर भी शामिल है। योजना के तहत जिले में पशुपालकों को अनुदान देकर चार डेयरी यूनिट खोली जाएंगी।
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पशुधन विकास के क्षेत्र में अग्रणी और दूध उत्पादन में देश के प्रथम स्थान पर होने के बावजूद उत्तर प्रदेश में प्रति पशु दूध उत्पादकता कम है। प्रदेश में देसी गायों के दूध की उत्पादकता 3.6 किग्रा तथा भैंस की 5.02 किग्रा प्रतिदिन प्रति पशु है। जबकि पंजाब एवं हरियाणा में अधिक है। इसका मुख्य कारण यूपी में उच्च गुणवत्ता वाले दुधारू पशुओं की कमी है।
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इसे देखते हुए योगी सरकार पशुपालन के क्षेत्र में उद्यमिता विकास के लिए ''नंद बाबा दुग्ध मिशन'' चला रही है। इसी मिशन के तहत ''नंदिनी कृषक समृद्धि योजना'' को भी लांच किया गया है। यूनिट लगाने के लिए परियोजना लागत का 15 प्रतिशत लाभार्थी को स्वयं लगाना होगा जबकि 35 प्रतिशत वित्त पोषण बैंक ऋण से होगा।
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योजना में अनुदान चरणवार दिया जाएगा। पहले चरण में डेयरी यूनिट की आधारभूत संरचना तैयार होने व सत्यापन के बाद 25 प्रतिशत अनुदान प्राप्त होगा। दूसरे चरण में 25 दुधारू गोवंश के नियमानुसार क्रय एवं इसके सत्यापन के बाद 12.5 प्रतिशत तथा तीसरे चरण में 25 दुधारू गोवंश में से 10 संतति उत्पन्न होने व सत्यापन के पश्चात 12.5 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध होगा।
मुख्य विकास अधिकारी संजय मीना के मुताबिक योजना के अंतर्गत 50 प्रतिशत अनुदान वाली डेयरी लगाने के लिए निर्धारित प्रारूप पर पांच अक्तूबर तक उनके या मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय पर आवेदन किया जा सकता है।
मुख्य विकास अधिकारी संजय मीना के मुताबिक योजना के अंतर्गत 50 प्रतिशत अनुदान वाली डेयरी लगाने के लिए निर्धारित प्रारूप पर पांच अक्तूबर तक उनके या मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय पर आवेदन किया जा सकता है।
देसी गाय का दूध अमृत के समान : मंत्री
पशुधन विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि देसी गाय का दूध अमृत के समान है। देसी नस्ल की गायों को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि अब ऐसा सीमेन तैयार किया गया है, जिससे बछिया ही पैदा होगी। यह पहले पशुपालकों को 800 में मिलता था। अब 100 रुपये में दिया जा रहा है।
मंत्री बृहस्पतिवार को पत्राकरों से बातचीत कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि साहिवाल, थरपाकर, गिर, गंगातिरी आदि देसी नस्ल की गाये हैं। सरकार नस्ल सुधार के साथ दूध की उत्पादकता बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि गिर नस्ल की गाय 20 लीटर दूध देती है, लेकिन यही गुजरात से ब्राजील गई तो वहां के वैज्ञानिकों ने नस्ल में सुधार कर दिया तो 60 लीटर दूध दे रही है। इसी प्रकार का एक प्रोजेक्ट बरेली में बन रहा है। उसमें वैज्ञानिक शोध करेंगे।
मंत्री बृहस्पतिवार को पत्राकरों से बातचीत कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि साहिवाल, थरपाकर, गिर, गंगातिरी आदि देसी नस्ल की गाये हैं। सरकार नस्ल सुधार के साथ दूध की उत्पादकता बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि गिर नस्ल की गाय 20 लीटर दूध देती है, लेकिन यही गुजरात से ब्राजील गई तो वहां के वैज्ञानिकों ने नस्ल में सुधार कर दिया तो 60 लीटर दूध दे रही है। इसी प्रकार का एक प्रोजेक्ट बरेली में बन रहा है। उसमें वैज्ञानिक शोध करेंगे।