भड़का आईएमए: अवैध अस्पतालों में अध्यक्ष और सचिव वाले नाम भी, 70 से अधिक अस्पताल हैं पंजीकृत
आईएमए पदाधिकारियों का कहना है कि गैर पंजीकृत अस्पतालों की सूची में कई ऐसे नाम हैं, जो पांच से छह बार दर्ज किए गए हैं। जबकि, ये अस्पताल खुद स्वास्थ्य विभाग ने रजिस्टर्ड किए हैं। ऐसी स्थिति में यह अचानक गैर पंजीकृत कैसे हो गए, यह अपने आप में बड़ा सवाल है?
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से 187 गैर पंजीकृत अस्पतालों की जारी सूची पर आईएमए ने सवाल उठाए हैं। इनमें ऐसे अस्पताल भी शामिल हैं, जो आईएमए अध्यक्ष, सचिव सहित अन्य पदाधिकारियों और सदस्यों के हैं। आईएमए का कहना है कि पंजीकृत अस्पतालों की सूची में भी यही नाम है जो गैर पंजीकृत सूची में भी शामिल हैं। इनमें 70 से अधिक अस्पताल रजिस्टर्ड हैं। ऐसे में संशोधित सूची जारी करने की जरूरत है।
कमिश्नर अनिल ढींगरा ने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की तो आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग ने पंजीकृत अस्पताल, नर्सिंग होम, डेंटल क्लीनिक, पैथालॉजी और लैब की सूची जारी कर दी है। इसी जारी सूची में 187 ऐसे अस्पतालों के नाम भी जारी किए गए हैं, जो गैर पंजीकृत थे। इस सूची को स्वास्थ्य विभाग ने प्रशासन को भी सौंप दिया है। सूची जारी होने के बाद आईएमए ने सीएमओ से वार्ता भी की है।
आईएमए पदाधिकारियों का कहना है कि गैर पंजीकृत अस्पतालों की सूची में कई ऐसे नाम हैं, जो पांच से छह बार दर्ज किए गए हैं। जबकि, ये अस्पताल खुद स्वास्थ्य विभाग ने रजिस्टर्ड किए हैं। ऐसी स्थिति में यह अचानक गैर पंजीकृत कैसे हो गए, यह अपने आप में बड़ा सवाल है? वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए कई अस्पताल संचालकों ने कई बार आवेदन किए हैं।
इसमें जिस आवेदन में सभी कागजात मौजूद थे, उनका वेरिफिकेशन करते हुए रजिस्टर्ड किया गया। जबकि, जिस आवेदन में कागजात पूरे नहीं थे, उन्हें निरस्त कर दिया गया है। यही कारण है कि पंजीकृत और गैर पंजीकृत अस्पतालों की सूची में 70 से अधिक अस्पतालों के नाम दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग अब दूसरी बार संशोधित सूची जारी करने की तैयारी में जुट गया है।
आईएमए अध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने जल्दबाजी में सूची जारी की है। इस सूची में 70 से अधिक अस्पताल पंजीकृत हैं। इसे लेकर सीएमओ से वार्ता की गई है। पता चला है कि पोर्टल पर कई बार आवेदन करने के चक्कर में यह गलती हुई है। अवैध रूप से चल रहे अस्पतालों के खिलाफ आईएमए हैं और इसका विरोध भी करता है।
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने गैर पंजीकृत अस्पतालों की सूची जारी की है। इसमें ऐसे अस्पताल भी हैं, जो कई बार पोर्टल पर आवेदन किए थे। इसकी वजह से पोर्टल पर एक-एक डॉक्टरों का नाम कई बार शो कर रहा था, जिसकी वजह से ऐसे अस्पतालों की सूची को गैर पंजीकृत किया गया है। विभाग की ओर से जारी सूची सही है।