{"_id":"65624c51393cccacfc027e97","slug":"museum-will-be-built-in-the-old-building-of-municipal-corporation-by-spending-75-lakhs-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-380254-2023-11-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: नगर निगम के पुराने भवन में 75 लाख खर्च कर बनाया जाएगा संग्रहालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: नगर निगम के पुराने भवन में 75 लाख खर्च कर बनाया जाएगा संग्रहालय
विज्ञापन
- नगर निगम की तरफ से डीपीआर और डिजाइन दोनों तैयार कर लिया गया है
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। 75 लाख रुपये खर्च कर 124 साल पुराने नगर निगम के पुराने भवन को संग्रहालय बनाया जाएगा। इसकी डिजाइन तैयार कर ली गई है। फिलहाल विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाए जाने के बाद संग्रहालय के लिए एक्सप्रेशन आफ इंट्रेस्ट (ईओआई) एवं ई निविदा की तैयारी चल रही है। मुख्य अभियंता संजय चौहान ने बताया कि संग्रहालय का डीपीआर और डिजाइन दोनों बनकर तैयार है। इसी आधार पर ईओआई एवं ई निविदा से फर्म का चयन किया जाएगा। फर्म दो साल तक संग्रहालय का संचालन करेगी। उसके बाद नगर निगम उसे संचालित करेगा।
निगम संग्रहालय को समृद्ध बनाने के लिए महानगरवासियों से निगम से जुड़े ऐतिहासिक महत्व के दस्तावेज मांगे जाएंगे। उन्हें नगरवासियों का श्रेय देते हुए प्रदर्शित किया जाएगा। नगर निगम के पुराने भवन का निर्माण 1899 में किया गया था। इसे अमन-ओ-अमन के नाम से जाना जाता था। इतना पुराना भवन होने के बाद भी इसकी मजबूती बेमिसाल है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। 75 लाख रुपये खर्च कर 124 साल पुराने नगर निगम के पुराने भवन को संग्रहालय बनाया जाएगा। इसकी डिजाइन तैयार कर ली गई है। फिलहाल विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाए जाने के बाद संग्रहालय के लिए एक्सप्रेशन आफ इंट्रेस्ट (ईओआई) एवं ई निविदा की तैयारी चल रही है। मुख्य अभियंता संजय चौहान ने बताया कि संग्रहालय का डीपीआर और डिजाइन दोनों बनकर तैयार है। इसी आधार पर ईओआई एवं ई निविदा से फर्म का चयन किया जाएगा। फर्म दो साल तक संग्रहालय का संचालन करेगी। उसके बाद नगर निगम उसे संचालित करेगा।
निगम संग्रहालय को समृद्ध बनाने के लिए महानगरवासियों से निगम से जुड़े ऐतिहासिक महत्व के दस्तावेज मांगे जाएंगे। उन्हें नगरवासियों का श्रेय देते हुए प्रदर्शित किया जाएगा। नगर निगम के पुराने भवन का निर्माण 1899 में किया गया था। इसे अमन-ओ-अमन के नाम से जाना जाता था। इतना पुराना भवन होने के बाद भी इसकी मजबूती बेमिसाल है।
विज्ञापन