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गोरखपुर में पानी की टंकी में शव मिलने का मामला: दो विशाल हैं या दोनों एक ही? इसी सवाल में छुपा है हत्या का राज
Tue, 31 Aug 2021 05:10 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 31 Aug 2021 05:10 PM IST
सार
दाहिने हाथ में गोदा हुआ था विशाल नाम। घर से कुछ दूरी पर रहने वाला युवक विशाल कुछ दिनों से है गायब। कहीं घर में ही तो नहीं छिपा युवक की मौत का राज। घर के आसपास नहीं कोई ऊंची इमारत, तीन तरफ से खुली जमीन। घर का भूगोल ऐसा है कि बाहरी का अंदर जाकर टंकी तक पहुंच पाना संभव नहीं।
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गोरखपुर: घटनास्थल की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
'दो विशाल हैं, या दोनों एक ही हैं ', गोरखनाथ पुलिस फिलहाल यही पहेली सुलझाने में लगी हुई है। पुलिस को यकीन है कि इस पहेली का जवाब ही रिटायर्ड कृषि इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह के घर की पानी की टंकी में 25 वर्षीय युवक की लाश मिलने की घटना से पर्दा उठाने में 'पासवर्ड' साबित होगा। दरअसल, पानी की टंकी से जिस युवक की लाश मिली, उसके दाहिने हाथ पर विशाल नाम गोदा हुआ था और इस घटनास्थल से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित किराये के एक कमरे में रहने वाला 25 साल का युवक विशाल भी कुछ दिनों से लोगों को नजर नहीं आ रहा है।
घटना गोरखनाथ थाना क्षेत्र के हुमायूंपुर हड़वा फाटक के पास की है। संकेत ही कुछ ऐसे मिले हैं कि पुलिस की वक्र दृष्टि मौका-ए-वारदात वाले घर में रह रहे सभी लोगों पर है। वजह, जैसी लाश मिली है, उस कद काठी के किसी युवक को मारकर, बाहर से लाकर, पानी की टंकी में डालना मुमकिन नजर नहीं आ रहा है। यह संभव तभी है, जब युवक स्वेच्छा से वहां आया हो। उसे गला घोंटकर मार दिया गया हो और लाश टंकी में छिपा दी गई हो। मृत युवक के गले में अंगोछा लिपटा भी मिला है, चूंकि शरीर पर कोई घाव नहीं है, लिहाजा अनुमान यही है कि हत्या, गला घोंटकर की गई होगी। हत्या किसने की...? क्यों की...? वारदात में कितने लोग शामिल थे...? बस यही राजफाश करना है। हो भी जाएगा, पुलिस को इत्मीनान है। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा कहते हैं, कुछ ठोस सुराग मिले हैं, कातिल जल्द ही सलाखों के पीछे होगा।
अमर उजाला संवाददाता ने पुलिस के इस भरोसे के पीछे की पड़ताल के लिए वारदात की तफ्तीश से जुड़े एक पुलिस अधिकारी को टटोला। वे कहते हैं कि सब कुछ बहुत फोकस्ड है। मृतक की शिनाख्त करनी है। मौका-ए-वारदात की 'बोली' समझने की जरूरत है। हम मौका-ए-वारदात को कुरेद रहे हैं। घटनास्थल (घर) के पीछे और एक साइड बगल में खाली जमीन है। सामने सड़क है और दूसरी साइड में टीनशेड का मकान है, जिसकी ऊंचाई इतनी नहीं है कि उस रास्ते से छत पर पहुंचा जा सके। घर में सुरेंद्र सिंह (65), पत्नी शमनम (60) बेटा मृत्युंजय सिंह (45), मृत्युंजय की बेटी साक्षी (22) और सुरेंद्र का भतीजा कार्तिकेय (17) रहते हैं।
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मृत्युंजय की पत्नी फिलहाल कुछ दिनों से मां की सेवा के लिए मायके में है। हाल-फिलहाल पूरा परिवार कहीं, एक साथ बाहर भी नहीं गया। यानी, मौका-ए-वारदात ने कुछ यूं कहा है कि घरवाले या किसी करीबी की मिलीभगत के बिना पानी की टंकी तक पहुंच पाना काफी मुश्किल है। फिर इसे किसने संभव बनाया, इसकी जानकारी के लिए आसपास के लोगों के अलावा घरवालों से भी पूछताछ की जा रही है। मातहत पुलिस इस मामले में खुलकर कुछ नहीं बोल रही है, लेकिन इतना जरूर इशारा कर रही है कि कई अहम सुराग हाथ लग गए हैं। अधिकारी इन बिंदुओं पर बोलते हुए, सावधान भी करते हैं कि जरूरी नहीं कि हम जैसा सोच रहे हैं, सब कुछ ऐसा ही हो। अपराधों के खुलासे में भौच्चका कर देने वाले कमाल के यू-टर्न भी आते हैं।
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घटना गोरखनाथ थाना क्षेत्र के हुमायूंपुर हड़वा फाटक के पास की है। संकेत ही कुछ ऐसे मिले हैं कि पुलिस की वक्र दृष्टि मौका-ए-वारदात वाले घर में रह रहे सभी लोगों पर है। वजह, जैसी लाश मिली है, उस कद काठी के किसी युवक को मारकर, बाहर से लाकर, पानी की टंकी में डालना मुमकिन नजर नहीं आ रहा है। यह संभव तभी है, जब युवक स्वेच्छा से वहां आया हो। उसे गला घोंटकर मार दिया गया हो और लाश टंकी में छिपा दी गई हो। मृत युवक के गले में अंगोछा लिपटा भी मिला है, चूंकि शरीर पर कोई घाव नहीं है, लिहाजा अनुमान यही है कि हत्या, गला घोंटकर की गई होगी। हत्या किसने की...? क्यों की...? वारदात में कितने लोग शामिल थे...? बस यही राजफाश करना है। हो भी जाएगा, पुलिस को इत्मीनान है। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा कहते हैं, कुछ ठोस सुराग मिले हैं, कातिल जल्द ही सलाखों के पीछे होगा।
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अमर उजाला संवाददाता ने पुलिस के इस भरोसे के पीछे की पड़ताल के लिए वारदात की तफ्तीश से जुड़े एक पुलिस अधिकारी को टटोला। वे कहते हैं कि सब कुछ बहुत फोकस्ड है। मृतक की शिनाख्त करनी है। मौका-ए-वारदात की 'बोली' समझने की जरूरत है। हम मौका-ए-वारदात को कुरेद रहे हैं। घटनास्थल (घर) के पीछे और एक साइड बगल में खाली जमीन है। सामने सड़क है और दूसरी साइड में टीनशेड का मकान है, जिसकी ऊंचाई इतनी नहीं है कि उस रास्ते से छत पर पहुंचा जा सके। घर में सुरेंद्र सिंह (65), पत्नी शमनम (60) बेटा मृत्युंजय सिंह (45), मृत्युंजय की बेटी साक्षी (22) और सुरेंद्र का भतीजा कार्तिकेय (17) रहते हैं।
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मृत्युंजय की पत्नी फिलहाल कुछ दिनों से मां की सेवा के लिए मायके में है। हाल-फिलहाल पूरा परिवार कहीं, एक साथ बाहर भी नहीं गया। यानी, मौका-ए-वारदात ने कुछ यूं कहा है कि घरवाले या किसी करीबी की मिलीभगत के बिना पानी की टंकी तक पहुंच पाना काफी मुश्किल है। फिर इसे किसने संभव बनाया, इसकी जानकारी के लिए आसपास के लोगों के अलावा घरवालों से भी पूछताछ की जा रही है। मातहत पुलिस इस मामले में खुलकर कुछ नहीं बोल रही है, लेकिन इतना जरूर इशारा कर रही है कि कई अहम सुराग हाथ लग गए हैं। अधिकारी इन बिंदुओं पर बोलते हुए, सावधान भी करते हैं कि जरूरी नहीं कि हम जैसा सोच रहे हैं, सब कुछ ऐसा ही हो। अपराधों के खुलासे में भौच्चका कर देने वाले कमाल के यू-टर्न भी आते हैं।
इस वजह से लग रहा है कि सबको नहीं है पता
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच में पता चला है कि घरवाले उसी टंकी के पानी का इस्तेमाल कर रहे थे, जिसमें लाश मिली। टंकी में लाश पड़ी है, जानते हुए यह संभव नहीं है। इस वजह से पुलिस को लग रहा है कि घर में सभी को शव के बारे में नहीं पता था, मगर कोई तो है जिसे सब कुछ पता था।
सुरेंद्र ने यह बताया था
शव मिलने के बाद पुलिस को सुरेंद्र सिंह ने बताया कि घर में अचानक शनिवार से बदबू आने लगी थी। बगल में गंदगी की वजह से ऐसा होने की आशंका पर शनिवार को सफाई कराई गई, लेकिन इसके बाद भी बदबू आई। इसके बाद बेटा मृत्युंजय छत पर गया तो देखा कि वहां पर पानी की टंकी के पास तेज बदबू आ रही थी। टंकी में झांकने पर शव दिखाई दिया था।
शव की पहचान पर पुलिस ने साधी चुप्पी
शव के दाहिने हाथ पर विशाल लिखा हुआ था। इसके बाद ही उसकी पहचान की कोशिश शुरू की गई। इसी दौरान पुलिस को पता चला है कि घर से 500 मीटर की दूूरी पर किराए के मकान में विशाल गुप्ता नाम का एक युवक रहता था, जो एक प्राइवेट नौकरी करने के साथ ही तैयारी भी करता था। लेकिन, वह कहां का है और कितने समय से यहां पर रह रहा था। कब से लापता है? जैसे सवाल पर पुलिस अभी चुप्पी साधे हुई है। खबर है कि लापता विशाल बिहार का रहने वाला है। पुलिस ने बिहार में परिजनों से संपर्क किया है। विशाल वहां भी नहीं पहुंचा है। उसके गायब होने की खबर पर परिजन, गोरखपुर के लिए चल पड़े हैं। पता चला है, उसका परिवार भी यहां किराए पर ही रहता था, लेकिन कुछ दिनों से परिवार बिहार गया हुआ है।
जिस कमरे में वह विशाल रह रहा था, वहां पर घनी आबादी ना होने की वजह से कोई विशाल के बारे में कुछ बता नहीं पा रहा है। सिर्फ इतना पता चला है कि अक्सर युवक आता-जाता रहता था। पुलिस सूत्रों के अनुसार इतनी जानकारी मिली है कि लापता युवक की कद काठी और उम्र, शव से काफी मिलती जुलती है। एसपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है। कोशिश जारी है। जल्द ही मामले का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।
सुरेंद्र ने यह बताया था
शव मिलने के बाद पुलिस को सुरेंद्र सिंह ने बताया कि घर में अचानक शनिवार से बदबू आने लगी थी। बगल में गंदगी की वजह से ऐसा होने की आशंका पर शनिवार को सफाई कराई गई, लेकिन इसके बाद भी बदबू आई। इसके बाद बेटा मृत्युंजय छत पर गया तो देखा कि वहां पर पानी की टंकी के पास तेज बदबू आ रही थी। टंकी में झांकने पर शव दिखाई दिया था।
शव की पहचान पर पुलिस ने साधी चुप्पी
शव के दाहिने हाथ पर विशाल लिखा हुआ था। इसके बाद ही उसकी पहचान की कोशिश शुरू की गई। इसी दौरान पुलिस को पता चला है कि घर से 500 मीटर की दूूरी पर किराए के मकान में विशाल गुप्ता नाम का एक युवक रहता था, जो एक प्राइवेट नौकरी करने के साथ ही तैयारी भी करता था। लेकिन, वह कहां का है और कितने समय से यहां पर रह रहा था। कब से लापता है? जैसे सवाल पर पुलिस अभी चुप्पी साधे हुई है। खबर है कि लापता विशाल बिहार का रहने वाला है। पुलिस ने बिहार में परिजनों से संपर्क किया है। विशाल वहां भी नहीं पहुंचा है। उसके गायब होने की खबर पर परिजन, गोरखपुर के लिए चल पड़े हैं। पता चला है, उसका परिवार भी यहां किराए पर ही रहता था, लेकिन कुछ दिनों से परिवार बिहार गया हुआ है।
जिस कमरे में वह विशाल रह रहा था, वहां पर घनी आबादी ना होने की वजह से कोई विशाल के बारे में कुछ बता नहीं पा रहा है। सिर्फ इतना पता चला है कि अक्सर युवक आता-जाता रहता था। पुलिस सूत्रों के अनुसार इतनी जानकारी मिली है कि लापता युवक की कद काठी और उम्र, शव से काफी मिलती जुलती है। एसपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है। कोशिश जारी है। जल्द ही मामले का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।