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नगर निगम के इन कर्मचारियों को लापरवाही पड़ी भारी, अब देना होगा ये टेस्ट

Sat, 19 Sep 2020 05:10 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 19 Sep 2020 05:10 PM IST
सार

  • नगर निगम के टैक्स विभाग के 13 कर्मचारियों को योग्यता साबित करने का फरमान
  • नगर आयुक्त ने 24 सितंबर को टाइपिंग टेस्ट देने का दिया निर्देश

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Municipal corporation Tax Department employees will given Typing test in gorakhpur
गोरखपुर नगर निगम।(file) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में 20-30 साल नौकरी करने के बावजूद अब नगर निगम के टैक्स विभाग के कर्मचारियों को टाइपिंग टेस्ट देना होगा। काम करने में लापरवाही और हीलाहवाली की शिकायत पर नगर आयुक्त ने टैक्स विभाग के 13 कर्मचारियों को टाइपिंग टेस्ट देने का फरमान सुनाया है। इसके लिए 24 सितंबर की तारीख निर्धारित की गई है।

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आमदनी के लिहाज से नगर निगम का टैक्स विभाग काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। लेकिन अक्सर इस बात की शिकायत रहती है कि टैक्स विभाग के कर्मचारी अपना काम सलीके से नहीं कर रहे हैं। इस वजह से विभाग के काफी मामले हमेशा पेंडिंग रहते हैं। नगर आयुक्त से इस संबंध में शिकायत की गई। इसके बाद नगर आयुक्त ने टैक्स विभाग के सभी कर्मचारियों को टाइपिंग टेस्ट देने का निर्देश दिया है। इसकी तारीख 24 सितंबर तय की गई है।
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इन कर्मचारियों को देना है टाइपिंग टेस्ट
रवि प्रताप, उदय कुमार लोखंडे, श्याम सुंदर कुशवाहा, दिलीप मिश्रा, अजीत चौहान, प्रीति यादव, नमिता वर्मा, मधु तिवारी, राजेंद्र यादव, संतोष मिश्रा, अजय कुमार, दयाराम चौरसिया।

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कहीं स्क्रीनिंग की ओर बढ़ता कदम तो नहीं

नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि टैक्स विभाग के सभी कर्मचारियों का टाइपिंग टेस्ट कराया जा रहा है। देखा जा रहा है कि इनके काम करने की रफ्तार ठीक है या नहीं। अगर सुधार की जरूरत महसूस होगी तो उन्हें इसके लिए समय दिया जाएगा। कोशिश है कि काम तेज गति से होता रहे, पेंडिंग न रहे।

नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह ने जिन कर्मचारियों को टाइपिंग टेस्ट देने का फरमान सुनाया है, उनमें कई ऐसे भी कर्मचारी हैं, जिनकी उम्र 50 साल पार कर चुकी है। साथ ही इनके काम करने का रवैया काफी ढीलाढाला माना जाता है। ऐसे में इस बात की भी आशंका है कि नगर आयुक्त का यह आदेश कर्मचारियों की स्क्रीनिंग की दिशा में बढ़ाया गया कदम है।

नगर आयुक्त का कहना है कि अभी इन कर्मचारियों का केवल टेस्ट लिया जा रहा है। अगर इसमें वो असफल होते हैं तो उन्हें काम में सुधार का मौका दिया जाएगा। अगर इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं आता है तो सरकार की गाइडलाइन के अनुसार आगे कदम उठाया जाएगा।

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