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नगर निगम: गोरखपुर में अब तक के सबसे बड़े बजट को मिली मंजूरी

Tue, 19 Apr 2022 02:15 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 19 Apr 2022 02:15 PM IST
सार

करीब 452 करोड़ रुपये से शहर के विकास का नगर निगम ने तैयार किया है खाका, पार्षदों और मनोनीत पार्षदों को विकास कार्य के लिए मिलेंगे 40-40 लाख रुपये।

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Municipal Corporation biggest budget ever approved in Gorakhpur
नगर निगम की बैठक करते मेयर सीताराम जायसवाल साथ में नगर आयुक्त अविनाश सिंह। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर नगर निगम बोर्ड ने अब तक के सबसे बड़े बजट को मंजूरी दे दी। हल्की नोकझोंक के बीच नगर निगम बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए नगर निगम के 452 करोड़, 54 लाख, 85 हजार रुपये के बजट को मंजूरी दी। वहीं, बोर्ड ने नगर निगम के 70 वार्डों के पार्षदों के अलावा मनोनीत पार्षदों को विकास कार्यों के लिए 40-40 लाख रुपये के प्रावधान को भी स्वीकृति दी। पार्षद अपनी वरीयता के अनुसार यह रुपये खर्च करेंगे।

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सोमवार को नई बिल्डिंग में नगर निगम बोर्ड की बैठक दो बजे हुई। पार्षद प्रदीप कुमार व प्रेमचंद के निधन पर शोक जताते हुए बैठक को तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इसके बाद बजट के मुद्दे पर चर्चा के लिए नगर निगम की बैठक हुई। पार्षद अजय राय ने पार्षद वरीयता के कार्यों के लिए धन के आवंटन की मांग की। इस मांग पर सभी पार्षदों ने सहमति जताई। पार्षद 50-50 लाख रुपये का बजट मांग रहे थे। हालांकि बाद में 40-40 लाख रुपये का बजट देने के अनुरोध को स्वीकार कर लिया गया। बैठक में नगर निगम के सारे अधिकारी, कर्मचारी और पार्षद मौजूद रहे।

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पार्षदों ने उठाए विभिन्न मुद्दे

बेतियाहाता वार्ड के पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी सोनू ने दक्षिणी बेतियाहाता में सड़क का निर्माण न होने का मामला उठाया। इस सड़क के निर्माण के लिए उन्होंने पानी में बैठ कर धरना भी दिया था। नगर आयुक्त ने जल्द निर्माण का आश्वासन दिया। विश्वजीत त्रिपाठी ने हरिहर प्रसाद दुबे मार्ग पर कई जगह पटरी न बनाने का भी मामला उठाया। उन्होंने डस्टबिन न होने से हो रही दिक्कतों के बारे में बताया। इस पर नगर आयुक्त ने 15 दिन में डस्टबिन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। शक्ति नगर वार्ड के पार्षद आलोक सिंह विशेन ने जेम पोर्टल पर अच्छी कंपनियों से ही खरीदारी करने को कहा।

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उन्होंने भालोटिया मार्केट में केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री दिलीप सिंह के अनुरोध पर वाटर पोस्ट बनाने का काम शुरू कराने की मांग की। कहा कि ठंड के मौसम में घटिया कंबल की आपूर्ति करने वाली फर्म के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। मनोनीत पार्षद रणंजय सिंह जुगनू ने निर्माण विभाग की लापरवाही का मामला उठाया। साथ ही जुगनू ने कहा कि निगम ने छह प्राइवेट गार्ड मोटे वेतन पर रखे गए हैं। जब प्रवर्तन दल है और सुरक्षा गार्ड भी हैं तो प्राइवेट गार्ड का औचित्य क्या है?

नगर आयुक्त ने कहा कि इन्हें तैनाती देने में किसी तरह की अनियमितता नहीं की गई। वार्ड नंबर 59 के पार्षद संजय श्रीवास्तव ने गुरु गोरक्षनाथ घाट पर छाया कुंज, हैंडपंप लगाने और राप्ती नदी में बोटिंग की सुविधा शुरू करने का मुद्दा उठाया। नगर आयुक्त ने तीनों मांगों को मान लिया। वार्ड नंबर 36 बिछिया रेलवे कालोनी की पार्षद शकुन मिश्रा ने बलिदानी की प्रतिमा के सुंदरीकरण और पथ प्रकाश की व्यवस्था का मामला उठाया। पार्षद अमरनाथ यादव ने वार्ड में सीवर चैंबर टूटने से होने वाले हादसों का मामला उठाया।

 

सपा के पार्षद अशोक यादव ने जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में जोनल व्यवस्था होने से हो रही दिक्कतों का मामला उठाया। सिविल लाइन वार्ड के देवेंद्र गौड़ पिंटू ने वार्ड में तीन सुपरवाइजर होने का मामला उठाया। इस पर नगर आयुक्त ने सिर्फ एक सुपरवाइजर सुनील मणि की ही तैनाती का निर्देश दिया। शहदुल्ला व बेचन को दूसरे वार्ड में तैनाती दी जाएगी। महेवा वार्ड के पार्षद रामभुवाल, हुमायूंपुर उत्तरी के राधेश्याम रावत, शिवपुर सहबाजगंज के अफरोज उर्फ गब्बर, दिलेजाकपुर के जितेंद्र सैनी, अलहदादपुर के आनंदवर्धन, अलीनगर के संजय यादव ने भी अपनी बात रखी।

नगर निगम के अधिकारियों की तहरीर पर कार्रवाई न होगा चिंताजनक

शक्तिनगर वार्ड के पार्षद आलोक सिंह विशेन ने बीते दिन घटिया कंबल की सप्लाई का मुद्दा उठाया। पार्षद ने कहा कि वाराणसी की फर्म ने घटिया कंबल की आपूर्ति की। जिसे महापौर ने गेट से ही वापस कर दिया गया। आईएएस नगर आयुक्त और पीसीएस अपर नगर आयुक्त द्वारा दी गई तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं होना चिंताजनक है। फर्म के खिलाफ 11 जनवरी को ही तहरीर दी गई थी।

मेयर ने उठाया स्ट्रीट लाइट का मुद्दा

मेयर सीताराम जायसवाल ने कहा कि ईएसएसएल कंपनी ने 11 हजार कम स्ट्रीट लाइट शहर में लगाई है। इसके बाद भी पूरा भुगतान हो रहा है। जहां लाइट नहीं लगी है, वहां तत्काल लाइट लगवाने का इंतजाम करें। जिसपर नगर आयुक्त ने कहा कि जल्द ही कंपनी के अधिकारियों से बैठक कर समस्या का समाधान करा दिया जाएगा।

उपसभापति ने आरआई के खिलाफ की कार्रवाई की मांग

उपसभापति ऋषि मोहन वर्मा ने नगर निगम के आरआई रामसूचित के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कहा कि आरआई को नगर आयुक्त ने जनप्रिय विहार वार्ड में नगर निगम की संपत्ति बंजर व गड्ढे की जमीन को सुरक्षित करने के लिए भेजा था। आरआई के पास नगर निगम की संपत्तियों का ही ब्योरा नहीं था। उन्होंने उपसभापति से ही ब्योरा मांगना शुरू कर दिया था। नगर आयुक्त ने आरआई के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। उपसभापति ने शौचालयों व मूत्रालयों की गंदगी का भी मामला उठाया।

यह है बजट

वित्तीय वर्ष 2021-2022 - प्राप्तियों का अनुमान
373 करोड़ 34 लाख 10 हजार और व्यय अनुमान 391 करोड़ 55 लाख 90 हजार है।
वित्तीय वर्ष 2022-2023 - प्राप्तियों का अनुमान
378 करोड़ 25 लाख 30 हजार और व्यय का अनुमान 452 करोड़ 54 लाख 85 हजार

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