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Exclusive: 26/11 की घटना में पीड़ित परिवारों को मिला है कभी न भूलने वाला जख्म, मदद की जगह मिला सिर्फ आश्वासन

Sat, 27 Nov 2021 10:37 AM IST
vivek shukla शोभित कुमार पांडेय, संतकबीरनगर।
शोभित कुमार पांडेय, संतकबीरनगर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 27 Nov 2021 10:37 AM IST
सार

संतकबीरनगर जिले के चार युवक मुंबई ताज होटल में आतंकवादियों के हमले में मारे गए थे। पीड़ित परिजनों को मदद की जगह सिर्फ आश्वासन मिला है।

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Mumbai attack families of victims never-forgettable wound in sant kabir nagar
26/11 मुंबई हमला। - फोटो : PTI

विस्तार

संतकबीरनगर जिला 26 नवंबर 2008 की वह मनहूस रात कभी नहीं भूलती है। जब मुंबई के ताज होटल को आतंकवादियों ने कब्जे में लेकर गोलियां बरसाई थीं। उस घटना में जिले के चार युवकों की मौत हो गई थी। तत्कालीन सांसद और बसपा सरकार में पूर्व मंत्री लालमणि प्रसाद तो घटना के वक्त मुंबई के ताज होटल में ही ठहरे थे। घटना को याद कर पीड़ित परिजन सहम जा रहे हैं। घटना का जिक्र करते ही पूर्व मंत्री भावुक हो गए।

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कोतवाली क्षेत्र के परसवा गांव निवासी फिरोज और निमावा गांव निवासी मकसूद मुंबई में रहकर कारोबार करते थे। इनका दोस्त थुरंडा गांव निवासी अखलाक अहमद घर पर ही रोजगार करता था। दोनों दोस्तों के बुलानेे पर अखलाक अहमद भी मुंबई गया और वहीं कारोबार करने लगा। धनघटा क्षेत्र के बकौली कला गांव निवासी हिदायतुल्ला भी मुंबई में रोजगार के लिए गए थे। वह ताज होटल में एक कैफे में काम करते थे। जिस वक्त ताज होटल पर आतंकियों ने हमला किया, उसके कुछ ही देर पहले कोतवाली क्षेत्र के तीनों दोस्त फिरोज, अखलाक और मकसूद होटल में ठहरे पूर्व मंत्री लालमणि प्रसाद से मिलने गए थे। जबकि हिदायतुल्ला ड्यूटी पर था।
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आतंकी हमले में चारों युवकों की मौत हो गई थी। इस घटना ने इनके घर वालों को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया। निमावा गांव निवासी मकबूल अहमद ने बताया कि उसके भाई मकसूद परिवार का खर्च चलाने के लिए मुंबई गए थे। ताज होटल पर आतंकवादियों के हमले में उसके भाई मकसूद की मौत हो गई थी। घर के इकलौते कमाऊ सदस्य की मौत से परिवार को गहरा धक्का लगा है।
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घटना के वक्त कई जनप्रतिनिधि घर पर आए और काफी आश्वासन दिए, लेकिन किसी की ओर से कोई सहायता न दी गई और न ही शासन-प्रशासन से दिलाई गई। दिवंगत भाई मकसूद अहमद की पत्नी समीउन्निशा, दो बेटियां और दो बेटे हैं। दोनों बेटियों की शादी रिश्तेदारों की मदद से कर दी गई है। जबकि दोनों बेटे 32 वर्षीय आफताब और 28 वर्षीय मेहताब आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।

पीड़ित परिवारों की मदद करे सरकार : पूर्व मंत्री

थुरंडा गांव निवासी फिरोज अहमद ने बताया कि ताज होटल की घटना में उसके भाई अखलाक अहमद की मौत हो गई थी। चार भाइयों में अखलाक सबसे बड़े थे। बड़े भाई दोस्तों के बुलाने पर मुंबई गए थे, लेकिन आतंकवादियों के हमले में उनकी मौत हो गई।

भाई की पत्नी सहनाज खातून और 15 वर्षीय बेटी नहिद फातिमा और 14 वर्षीय बेटा मोहम्मद हमजा है। बेटी 11वीं और बेटा नौवीं में पढ़ता है। भाई की पत्नी 25 नवंबर को ही रिश्तेदारों के बुलाने पर मुंबई गई है। उनका भी दर्द है कि आश्वासन तो बहुत मिला, लेकिन कोई मदद नहीं मिल पाई। ऐसा ही हाल अन्य पीड़ित परिवारों का भी है।

पूर्व मंत्री लालमणि प्रसाद बताते हैं कि 26/11 नवंबर की घटना याद आते ही कलेजा कांप उठता है। उस घटना में जिले के चार युवकों की मौत हो गई थी। इन पीड़ित परिवारों की मदद का दायित्व सरकार पर है। देश की हिफाजत के दौरान शहीद हुए सैनिकों के परिवारों की भी मदद सरकार को करनी चाहिए। शहीदों की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। ताज होटल की घटना में पकड़े गए आतंकवादी कसाब को फांसी दी गई थी तो समूचा देश खुशी से झूम उठा था। पीड़ित परिवारों को भी खुशी मिली थी।

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