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Gorakhpur News: मोती पोखरे को मिलेगी संजीवनी, होगी सफाई
Wed, 31 Jul 2024 07:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Wed, 31 Jul 2024 07:05 AM IST
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गोरखपुर। अमृत योजना के तहत नगर निगम शहर के तालाबों की सफाई और उनका सुंदरीकरण करवाया जा रहा है। तालाबों के अंदर जलीय जीवों को भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन मिले इसके लिए एरेटर से उनकी सफाई होगी। साउथ अफ्रीका में काम कर चुकी एक फर्म ने इसमें रुचि दिखाई है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत मोती पोखरे की सफाई की जिम्मेदारी इसे दी गई है। यदि यह सफल रहा तो शहर के बाकी पोखरों की सफाई का जिम्मा भी फर्म को दे दिया जाएगा।
बशारतपुर स्थित मोती पोखरे की सफाई वेलिएंट इंटैक प्राइवेट लिमिटेड एरेटर से करेगी। यह छोटे-छोटे बुलबुलों की मदद से पानी को साफ करता है। एरेटर तालाब के बाहर से ऑक्सीजन को तालाब के तल तक ढकेलता है। लाभकारी बैक्टीरिया को पनपने और गुणा करने के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। यह तालाब के पानी में मुक्त ऑक्सीजन को घोलने का काम करता है।
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जलीय जीवों को भी लाभ
तालाब के पानी को साफ करने के लिए यदि किसी केमिकल का उपयोग किया जाता है तो उससे जलीय जीवों को नुकसान पहुंच सकता है। लेकिन एरेटर के साथ ऐसी कोई समस्या नहीं है। नगर निगम के मुख्य अभियंता संजय चौहान ने बताया कि फर्म को पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में मोती पोखरे को साफ करने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रयोग सफल रहा तो इसी तरीके से शहर के अन्य तालाबों की भी सफाई की जाएगी।
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बशारतपुर स्थित मोती पोखरे की सफाई वेलिएंट इंटैक प्राइवेट लिमिटेड एरेटर से करेगी। यह छोटे-छोटे बुलबुलों की मदद से पानी को साफ करता है। एरेटर तालाब के बाहर से ऑक्सीजन को तालाब के तल तक ढकेलता है। लाभकारी बैक्टीरिया को पनपने और गुणा करने के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। यह तालाब के पानी में मुक्त ऑक्सीजन को घोलने का काम करता है।
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जलीय जीवों को भी लाभ
तालाब के पानी को साफ करने के लिए यदि किसी केमिकल का उपयोग किया जाता है तो उससे जलीय जीवों को नुकसान पहुंच सकता है। लेकिन एरेटर के साथ ऐसी कोई समस्या नहीं है। नगर निगम के मुख्य अभियंता संजय चौहान ने बताया कि फर्म को पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में मोती पोखरे को साफ करने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रयोग सफल रहा तो इसी तरीके से शहर के अन्य तालाबों की भी सफाई की जाएगी।
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