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गोरखपुर: सीएचसी में जच्चा-बच्चा की मौत पर हंगामा, अस्पताल छोड़कर भागे कर्मचारी
Tue, 20 Jul 2021 08:56 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 20 Jul 2021 08:56 AM IST
सार
शव को नहीं उठाने दे रहे थे परिजन, एसडीएम दो थाने के फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीएम, सीओ, स्वास्थ्य अधीक्षक ने परिजनों को कार्रवाई का भरोसा दिया, तब माने, दी तहरीर।
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घटना के बाद पूछताछ करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के सहजनवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सोमवार को प्रसूता और नवजात बच्चे की मौत पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। डॉक्टर, कर्मचारी पर लापरवाही का अरोप लगाते हुए परिजनों ने कार्रवाई की मांग की। बताया गया कि हंगामा होने पर स्वास्थ्यकर्मी अस्पताल छोड़कर भाग गए। सूचना पर एसडीएम सहजनवां दो थाने की पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए, आरोपी स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्होंने परिजनों को शांत कराया। परिजनों ने पुलिस को तहरीर दे दी है।
जानकारी के मुताबिक, सहजनवां के वार्ड नंबर दस लुचूई निवासी रामशरण वर्मा की पत्नी ममता (28) को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन सोमवार को सीएचसी सहजनवां लेकर गए थे।
आरोप है कि प्रसव के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा लापरवाही की गई, जिससे ममता की मौत हो गई और फिर पेट में बच्चे की भी मौत हो गई। अस्पताल कर्मचारी ने इसकी सूचना परिजनों को नहीं दी। देर शाम जानकारी होने के बाद परिजन हंगामा करने लगे।
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मौके पर सहजनवां पुलिस पहुंची, वहीं बवाल बढ़ता देख गीडा थाने के स्टाफ को भी बुला लिया। एसडीएम भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने नाराज परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन परिजन किसी भी दशा में शव उठाने को तैयार नहीं थे। उनकी मांग थी कि जब तक मौके पर डीएम नहीं आते तथा दोषी स्वास्थ्यकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जाती, शव नहीं उठाएंगे।
एसडीएम ने आरोपी पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद रात में नौ बजे के करीब शव को कब्जे में लिया जा सका है। एसडीएम का कहना है कि जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की असली वजह सामने आ जाएगी। डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप निराधार हैं। डॉक्टर व कर्मचारियों के स्वास्थ्य केंद्र से भागने की बात भी गलत है। डॉक्टरों ने ही महिला को मृत घोषित किया है। सहजनवां स्वास्थ्य विभाग का सबसे अच्छा केंद्र है।
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जानकारी के मुताबिक, सहजनवां के वार्ड नंबर दस लुचूई निवासी रामशरण वर्मा की पत्नी ममता (28) को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन सोमवार को सीएचसी सहजनवां लेकर गए थे।
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आरोप है कि प्रसव के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा लापरवाही की गई, जिससे ममता की मौत हो गई और फिर पेट में बच्चे की भी मौत हो गई। अस्पताल कर्मचारी ने इसकी सूचना परिजनों को नहीं दी। देर शाम जानकारी होने के बाद परिजन हंगामा करने लगे।
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मौके पर सहजनवां पुलिस पहुंची, वहीं बवाल बढ़ता देख गीडा थाने के स्टाफ को भी बुला लिया। एसडीएम भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने नाराज परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन परिजन किसी भी दशा में शव उठाने को तैयार नहीं थे। उनकी मांग थी कि जब तक मौके पर डीएम नहीं आते तथा दोषी स्वास्थ्यकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जाती, शव नहीं उठाएंगे।
एसडीएम ने आरोपी पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद रात में नौ बजे के करीब शव को कब्जे में लिया जा सका है। एसडीएम का कहना है कि जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की असली वजह सामने आ जाएगी। डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप निराधार हैं। डॉक्टर व कर्मचारियों के स्वास्थ्य केंद्र से भागने की बात भी गलत है। डॉक्टरों ने ही महिला को मृत घोषित किया है। सहजनवां स्वास्थ्य विभाग का सबसे अच्छा केंद्र है।