{"_id":"601bdfca6e0fd5303701b806","slug":"most-patients-of-mouth-and-throat-cancer-in-purvanchal","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पूर्वांचल में मुंह व गले के कैंसर के सबसे अधिक मरीज, जानिए कैसे रोकी जा सकती है ये बीमारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्वांचल में मुंह व गले के कैंसर के सबसे अधिक मरीज, जानिए कैसे रोकी जा सकती है ये बीमारी
Thu, 04 Feb 2021 05:21 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 04 Feb 2021 05:21 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्वांचल में कैंसर रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसमें सबसे अधिक मामले मुंह और गले के कैंसर के हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सही समय पर अगर जानकारी हो जाए, तो कैंसर से बचाया जा सकता है। इसके लिए बेहतर खान-पान व जीवन शैली में बदलाव करना होगा। तभी इस रोग से बचा जा सकता है।
विज्ञापन
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में आने वाले रोगियों में सबसे अधिक 21.4 फीसदी मुंह व गले के कैंसर से पीड़ित हैं। इसका मुख्य कारण पान मसाला, गुटका, तंबाकू और सिगरेट हैं। दूसरे नंबर पर बच्चेदानी के मुंह के कैंसर के रोगी हैं। इनकी संख्या 16.3 फीसदी है। स्तन कैंसर के 12.6 व पित्ताशय के कैंसर के 9.4 फीसदी मामले हैं। अन्य अंगों में कैंसर के मामले चार फीसदी से नीचे हैं। ऐसे में पान मसाला, गुटका, तंबाकू से बचाव बेहद जरूरी है।
विज्ञापन
इसलिए मनाया जाता है कैंसर दिवस
पहली बार अंतरराष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण संघ ने 1933 में जनेवा में यह दिवस मनाया था। इसके बाद से इसी दिन हर साल लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है।
विज्ञापन
बढ़ रही हैं कैंसर मरीजों की संख्या
हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल में प्रतिदिन 30 से 40 मरीज कैंसर के आ रहे हैं। इसमें ज्यादातर माउथ कैंसर, बच्चेदानी के मुंह और स्तन कैंसर के मरीज शामिल हैं। जबकि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या 10 के आसपास ही हैं।
कैंसर के सबसे बड़े कारण
कैंसर के लक्षण
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के कैंसर रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. राकेश रावत ने कहा कि कैंसर के ज्यादातर मामले मुंह और गले के कैंसर के आ रहे हैं। इसकी बड़ी वजह तंबाकू और उससे बने उत्पाद का सेवन करना है। खान-पान और बदल रही जीवन शैली में अगर बदलाव किया जाए, तो इससे बचा जा सकता है।
हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. एचबी सिंह ने कहा कि ऑपरेशन, रेडियोथेरेपी और कीमोथेरेपी से कैंसर के मरीज ठीक हो रहे हैं। सही समय पर अगर कैंसर रोग की पहचान हो जाए तो आसानी से इलाज है। लोगों को योगाभ्यास पर ध्यान देने की जरूरत है। तेल-घी वाले सामान का सेवन कम करें। गुटका, पान मसाला से दूरी बनाएं। यह ज्यादा खतरनाक है।
पेट का कैंसर दूषित पानी से हो रहा
पेट का कैंसर दूषित पानी के सेवन से हो रहा है। पूर्वांचल में पेट से जुड़े कैंसर के मरीज आ भी रहे हैं। यह बातें टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल मुंबई के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. विनायक अग्रवाल ने कहीं। वह बुधवार को प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। कहा कि मुंह, जीभ, पित्त और गले के कैंसर के अलावा पेट से जुड़े कैंसर भी खतरनाक है। लेकिन अगर सही समय पर इसका इलाज हो जाए तो मरीजों को बचाया जा सकता है। होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. रुप कुमार बनर्जी ने बताया कि अगर सही समय पर कैंसर के बारे में पता चल जाए तो होम्योपैथ में भी इसका इलाज संभव है। होम्योपैथी में इसका इलाज बेहद सस्ता और सुलभ है।
कैंसर के सबसे बड़े कारण
- तंबाकू और उससे बने उत्पादों का सेवन।
- लंबे समय तक शराब का सेवन।
- जंक फूड और फास्ट फूड का इस्तेमाल ।
- शरीर में गांठें बनना। बार-बार एक्स-रे करवाना।
कैंसर के लक्षण
- अचानक शरीर का वजन बढ़ना और कम होना।
- कमजोरी और थकान होना।
- त्वचा के नीचे गांठ बनना।
- बोलने में दिक्कत महसूस होना।
- बार-बार बुखार आना।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के कैंसर रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. राकेश रावत ने कहा कि कैंसर के ज्यादातर मामले मुंह और गले के कैंसर के आ रहे हैं। इसकी बड़ी वजह तंबाकू और उससे बने उत्पाद का सेवन करना है। खान-पान और बदल रही जीवन शैली में अगर बदलाव किया जाए, तो इससे बचा जा सकता है।
हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. एचबी सिंह ने कहा कि ऑपरेशन, रेडियोथेरेपी और कीमोथेरेपी से कैंसर के मरीज ठीक हो रहे हैं। सही समय पर अगर कैंसर रोग की पहचान हो जाए तो आसानी से इलाज है। लोगों को योगाभ्यास पर ध्यान देने की जरूरत है। तेल-घी वाले सामान का सेवन कम करें। गुटका, पान मसाला से दूरी बनाएं। यह ज्यादा खतरनाक है।
पेट का कैंसर दूषित पानी से हो रहा
पेट का कैंसर दूषित पानी के सेवन से हो रहा है। पूर्वांचल में पेट से जुड़े कैंसर के मरीज आ भी रहे हैं। यह बातें टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल मुंबई के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. विनायक अग्रवाल ने कहीं। वह बुधवार को प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। कहा कि मुंह, जीभ, पित्त और गले के कैंसर के अलावा पेट से जुड़े कैंसर भी खतरनाक है। लेकिन अगर सही समय पर इसका इलाज हो जाए तो मरीजों को बचाया जा सकता है। होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. रुप कुमार बनर्जी ने बताया कि अगर सही समय पर कैंसर के बारे में पता चल जाए तो होम्योपैथ में भी इसका इलाज संभव है। होम्योपैथी में इसका इलाज बेहद सस्ता और सुलभ है।