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भारत-नेपाल के रिश्ते से बिगड़ा बार्डर का माहौल, लोगों ने कहा- 'अब दूरियां साफ नजर आती हैं'
Mon, 15 Jun 2020 08:19 PM IST
vivek shukla
संजय कुमार पांडेय, महराजगंज।
संजय कुमार पांडेय, महराजगंज।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 15 Jun 2020 08:19 PM IST
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Indo nepal border
- फोटो : अमर उजाला।
कोरोना वायरस के चलते पिछले करीब तीन माह से भारत-नेपाल की सीमा सील है। इससे 500 से अधिक शादियों को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। हालांकि इसके पीछे मधेश आंदोलन, नेपाल के मानचित्र विवाद के बाद उपजे हालात और नए नागरिकता कानून को भी कारण बताया जा रहा है। लोगों का मानना है कि हालात न सुधरे तो रोटी-बेटी के रिश्ते दरक जाएंगे।
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नौतनवां निवासी असलम खान बताते हैं कि भैरहवां (नेपाल) के सेमर पानी में विवाह प्रक्रिया की रश्में लगभग तय हो गई थी। सीमा बंद होने और दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव से बात आगे नहीं बढ़ सकी। असलम को डर है कि कहीं रिश्ता खटाई में न पड़ जाए।
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व्यापार मंडल तहसील अध्यक्ष सोनौली सुभाष जायसवाल ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र के तमाम लोगों के संबंध नेपाल के विभिन्न शहरों में हैं। नेपाल में भारत विरोधी माहौल बनाने की कोशिश चल रही है। हालात नहीं सुधरे तो दोनों देश में रोटी-बेटी के रिश्ते दरक जाएंगे। हाल के दिनों में करीब 500 शादियां सीमा बंद होने के कारण स्थगित हो चुकी है।
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अब दूरियां दिखती हैं
भैरहवां (नेपाल) निवासी दिलीप कलवार ने बताया कि उनकी शादी नौतनवां नगर के विशुनपुर गांव में हुई है। अब जैसा पहले ऐसा भेदभाव नहीं था। नेपाल के शासक वर्ग नया कानून बनाकर एक ही घर में दो तरह की नागरिकता देने में लगे हैं। अगर हम एक बेटे की शादी भारत व दूसरे की नेपाल में करते हैं तो वे एक ही परिवार में अलग-अलग दर्जे के नागरिक बन जाएंगे।
पूर्व प्रधान सोनौली महेंद्र कुमार ने बताया कि सीमा से सटे बेलहिया में उनकी बहन का घर है। हालात देखकर समझ नहीं आ रहा कि वह बहन के घर कैसे पहुंचेंगे। खनुवा गांव के प्रदीप का ननिहाल नेपाल में है। वह कई बार ननिहाल जाने के लिए तैयार हुए, लेकिन माता पिता ने नेपाल के हालात की दुहाई देकर उन्हें रोक दिया।
सोनौली कस्बे की रहने वाली सरोज देवी ने बताया कि अपने दोनों बेटों संजय और कुशन की शादी नेपाल में की है। संजय का कहना है कि नेपाल और भारत अलग देश हैं। पहले कभी इसका एहसास भी नहीं होता था मगर अब दूरियां साफ नजर आती हैं। बेटे सूरज की शादी नेपाल में कर चुके बेचन यादव निवासी हरदीडाली भी नेपाल के बिगड़े हालात से परेशान हैं।
पूर्व प्रधान सोनौली महेंद्र कुमार ने बताया कि सीमा से सटे बेलहिया में उनकी बहन का घर है। हालात देखकर समझ नहीं आ रहा कि वह बहन के घर कैसे पहुंचेंगे। खनुवा गांव के प्रदीप का ननिहाल नेपाल में है। वह कई बार ननिहाल जाने के लिए तैयार हुए, लेकिन माता पिता ने नेपाल के हालात की दुहाई देकर उन्हें रोक दिया।
सोनौली कस्बे की रहने वाली सरोज देवी ने बताया कि अपने दोनों बेटों संजय और कुशन की शादी नेपाल में की है। संजय का कहना है कि नेपाल और भारत अलग देश हैं। पहले कभी इसका एहसास भी नहीं होता था मगर अब दूरियां साफ नजर आती हैं। बेटे सूरज की शादी नेपाल में कर चुके बेचन यादव निवासी हरदीडाली भी नेपाल के बिगड़े हालात से परेशान हैं।