फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   More than 50 kW power theft happening in Sikariganj Gorakhpur

गोरखपुर: सिकरीगंज में 50 किलोवाट से अधिक की हो रही थी बिजली चोरी, ऐसे हुआ खुलासा

Wed, 31 Mar 2021 02:50 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 31 Mar 2021 02:50 PM IST
सार

  • 17 मार्च को बिजली निगम की विजिलेंस टीम ने ट्रांसफार्मर से बिजली चोरी करते पकड़ा था
  • अधीक्षण अभियंता 31 को सौंपेंगे जांच रिपोर्ट, कहा-अधिकारियों की मिलीभगत से इनकार नहीं

विज्ञापन
More than 50 kW power theft happening in Sikariganj Gorakhpur
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : पिक्साबे

विस्तार

गोरखपुर जिले के सिकरीगंज के भेउसा उर्फ बनकटवा में सीमेंट की ईंट और मुर्गी दाना बनाने की फैक्ट्री में 50 किलोवाट से अधिक की बिजली चोरी की जा रही थी। जांच में इस बात का पता चला है। मामले की जांच अधीक्षण अभियंता ग्रामीण प्रथम राजीव चतुर्वेदी कर रहे हैं।

विज्ञापन


उन्होंने अपनी अंतरिम रिपोर्ट मुख्य अभियंता को सौंपी है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि अफसरों और कर्मचारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर बिजली चोरी की जा रही थी। वहीं, बिजली चोरी का जिस पर केस दर्ज किया गया है उसने मामले में फंसाने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि सबकुछ बिजली निगम के निर्देशानुसार ही किया गया था।  
विज्ञापन


बता दें कि, बिजली निगम की विजिलेंस द्वितीय टीम ने 17 मार्च को भेउसा उर्फ बनकटवा गांव में छापा मारा था। गांव में सीमेंट की ईंट और मुर्गी दाना बनाने की फैक्ट्री बिजली से संचालित की जा रही थी, लेकिन बिजली का कनेक्शन वैध तरीके से नहीं लिया गया था। विजिलेंस इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह ने एंटी थेफ्ट बिजली थाने में संचालक दुर्ग विजय सिंह के खिलाफ बिजली चोरी का केस दर्ज कराया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


 इसके बाद मुख्य अभियंता देवेंद्र सिंह ने मामले में अधीक्षण अभियंता ग्रामीण के साथ अधीक्षण अभियंता स्टोर एके सिंह और मुख्य अभियंता कार्यालय से संबद्ध अधिशासी अभियंता एके सिंह की जांच कमेटी बनाई थी। इस कमेटी ने मौके पर जाकर जांच की। हाइटेंशन लाइन को उतरवाया और 25 केवीए के ट्रांसफार्मर को सील किया था।  

अधीक्षण अभियंता ग्रामीण का कहना है कि 50 किलोवाट से अधिक की बिजली चोरी हो रही थी और मामले की जानकारी अधिशासी अभियंता को नहीं हो सकी, जानकर आश्चर्य हुआ। उन्होंने अधिशासी अभियंता से सवाल किया तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अधीक्षण अभियंता ग्रामीण ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट मुख्य अभियंता को सौंप दी है। 31 मार्च के बाद फाइनल रिपोर्ट सौंप देंगे।

 

56 लाख से ज्यादा की बिजली चोरी

विजिलेंस को मौके पर औद्योगिक और वाणिज्यिक श्रेणी की मिलाकर 50 किलोवाट से ज्यादा का बिजली का उपभोग मिला था। अधिशासी अभियंता सिकरीगंज ने बताया कि परिसर में तीन अलग-अलग श्रेणी के कनेक्शन पर बिजली की चोरी की जा रही थी। इसमें इंडस्ट्रियल पर 41 लाख और 13 लाख 68 हजार और कामर्शियल कनेक्शन पर 1 लाख 99 हजार रुपये का शमन और जुर्माना जोड़कर लगाया गया है।

तो ट्रांसफार्मर कहां से आया?
वर्कशाप के अधिशासी अभियंता अविनाश गौतम ने बताया कि सिकरीगंज में अवैध रूप से संचालित किया जा रहे ट्रांसफार्मर को वर्कशाप से नहीं ले जाया गया था। पूर्वांचल के किस जोन या खंड से मंगाया गया है इसकी जांच की जा रही है। वर्कशाप से जारी ट्रांसफार्मरों पर जॉब कार्ड नंबर प्लेट लगाया जाता है। इससे पता चलता है कि यह वर्कशाप से लिया गया है। सील किए गए ट्रांसफार्मर पर पेंट से तीन से चार जगह अलग-अलग नंबर लिखा गया है। इससे पता नहीं चल पा रहा कि कहां से मंगवाया गया है।

सिकरीगंज अधिशासी अभियंता चंद्रशेखर ने कहा कि बिजली चोरी की जानकारी नहीं थी। विजिलेंस की कार्रवाई के बाद अखबार में चोरी की बात सामने आई। टीम मामले की जांच कर रही है। अभी कुछ कहना सही नहीं है। ट्रांसफार्मर निगम की तरफ से नहीं दिया है, यह बात सामने आ गई है। बिजली चोरी की जा रही थी यह भी सही है।

अधीक्षण अभियंता ग्रामीण प्रथम राजीव चतुर्वेदी ने कहर कि जांच में विभागीय संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता। ट्रांसफार्मर कहां से आया, कैसे आया यह जांच का विषय है, लेकिन 50 किलोवाट की बिजली चोरी हो रही थी और अधिशासी अभियंता के अलावा अन्य किसी अधिकारी को सूचना नहीं थी, ये बात समझ से परे है। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। 31 मार्च के बाद फाइनल रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
 
प्रभारी एंटी थेफ्ट थाना संजय सिंह ने कहा कि विजिलेंस की सूचना पर 18 मार्च को उपभोक्ता दुर्ग विजय सिंह पर बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज करवाया गया था। इसमें उपभोक्ता को बिजली चोरी के एवज में विभागीय शमन शुल्क व जुर्माना जमा करना होगा। ऐसा नहीं करने पर जेल जाने तक की नौबत आ सकती है। एंटी थेफ्ट थाने की तरफ से मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। अभी कुछ भी कहना सही नहीं होगा। लेकिन परिसर में अवैध रूप से ट्रांसफार्मर, एलटी लाइन चलते मिला था। इसकी रिकार्डिंग भी है।

मेरे नाम से न कनेक्शन और न ही परिसर: दुर्ग विजय
बिजली चोरी के आरोपित दुर्ग विजय सिंह का कहना है कि मेरे नाम से न तो परिसर है और न बिजली कनेक्शन। विजिलेंस की टीम ने बिना मिले मेरे नाम पर मुकदमा दर्ज करवा दिया है। बिना निगम के सहमति के क्या इतने हैवी लोड के कनेक्शन को चला पाना संभव होगा? परिसर और कनेक्शन परिवार के सदस्य के नाम पर है। निगम की तरफ से ट्रांसफार्मर को जारी किया गया था। परिवार की तरफ से 30 हजार रुपये के आस पास दिए गए थे। अब कौन सा ट्रांसफार्मर लगाया गया, कैसे लगाया गया, इसकी जानकारी मुझे और परिवार को नहीं है। अधिकारियों को मामले की जानकारी है। कैसे ट्रांसफार्मर लगा, लाइन कैसे खींची गई ये तो निगम के अधिकारी ही जानते होंगे। लगता है कि साजिशन फंसाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed