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जीडीए: महायोजना को लेकर आईं 11 हजार से ज्यादा आपत्तियां, 15 अक्तूबर तक बढ़ाई थी तिथियां

Mon, 17 Oct 2022 01:28 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 17 Oct 2022 01:28 PM IST
सार

जीडीए सचिव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि महायोजना के प्रारूप पर आपत्ति दर्ज कराने की समय सीमा बीत चुकी है। करीब 11 हजार आपत्तियां आई हैं। प्रवृत्ति के अनुसार उसे अलग-अलग किया जा रहा है। जल्द ही सुनवाई की तिथि घोषित कर दी जाएगी।

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More than 11 thousand objections came about master plan of GDA
गोरखपुर विकास प्राधिकरण - फोटो : Social Media

विस्तार

गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की महायोजना 2031 के प्रारूप पर 11 हजार से अधिक लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं। लगातार आ रहीं आपत्तियों को देखते हुए जीडीए ने आपत्ति दाखिल करने की अंतिम तारीख चार अक्तूबर से बढ़ाकर 15 अक्तूबर कर दी थी।

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जीडीए के सीमा विस्तार के बाद सुनियोजित विकास के लिए महायोजना 2031 तैयार की गई है। जीडीए बोर्ड से स्वीकृति मिलने के बाद महायोजना के प्रारूप को आपत्तियों एवं सुझावों के लिए सार्वजनिक किया गया था। अंतिम तिथि तक करीब 11 हजार आपत्तियां आई हैं।
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आपत्तियां की समय सीमा समाप्त होने के बाद नियोजन विभाग सभी आपत्तियों को उनकी प्रवृत्ति के अनुसार अलग करने में जुट गया है। आपत्तियों को अलग करने के बाद कंप्यूटर में फीड किया जाएगा। इसके बाद सुनवाई शुरू होगी। सुनवाई को लेकर जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
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ज्यादातर आपत्तियां भू उपयोग परिवर्तन से जुड़ी

जीडीए में दर्ज कराई गईं आपत्तियों में से अधिकतर भू उपयोग परिवर्तन से जुड़ी हैं। ग्रीन लैंड को आवासीय करने, मुख्य सड़क पर स्थित भूखंडों का भू उपयोग व्यावसायिक करने को लेकर भी सुझाव व आपत्तियां दी गई हैं। विनियमितीकरण से जुड़ी आपत्तियां भी खूब आई हैं। विस्तारित क्षेत्र में फोरलेन के किनारे जिनकी जमीन है, उनकी ओर से भी आपत्ति दर्ज कराई गई हैं।

फोरलेन के किनारे हाईवे फैसिलिटी जोन के तहत दोनों ओर 30-30 मीटर बफर जोन व उसके बाद 18-18 मीटर चौड़ी सर्विस लेन बनाई जानी है। इस बीच कई लोगों की जमीन आ रही है। बड़ी संख्या में इन लोगों ने भी आपत्ति दाखिल की हैं। इसके साथ ही वन क्षेत्र, प्राकृतिक नाला के आसपास निर्माण पर रोक को लेकर किए गए प्रावधान के विरोध में भी आपत्तियां आई हैं।

जीडीए सचिव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि महायोजना के प्रारूप पर आपत्ति दर्ज कराने की समय सीमा बीत चुकी है। करीब 11 हजार आपत्तियां आई हैं। प्रवृत्ति के अनुसार उसे अलग-अलग किया जा रहा है। जल्द ही सुनवाई की तिथि घोषित कर दी जाएगी।

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