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गोरखपुर विश्वविद्यालय: आसान होगी ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी, अब नहीं हो पाएगा डेटा का दुरुपयोग

Tue, 27 Jul 2021 10:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Tue, 27 Jul 2021 10:41 AM IST
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Monitoring online activities easy in Gorakhpur University
DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय भी अब आईटी पालिसी बना रहा है। इससे ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी और कार्यान्वयन आसान हो जाएगी। इसके लिए इनफॉर्मेशन कम्यूनिकेशन एंड टेक्नोलॉजी (आईसीटी) सेल की स्थापना की गई है।

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आईसीटी सेल से इंटरनेट, इंटरनेट कनेक्टिविटी, ऑनलाइन एडमिशन, ऑनलाइन परीक्षा समेत अन्य गतिविधियों की निगरानी की जाएगी। अब आईसीटी सेल के अंतर्गत ही ऑनलाइन सेंटर और डेटा सेंटर कार्य करेंगे। आईसीटी सेल के कोआर्डिनेटर की जिम्मेदारी डॉ. सचिन सिंह को दी गई है। नई व्यवस्था के अंतर्गत विश्वविद्यालय के किसी विभाग, सेक्शन, प्रशासन, आवासीय छात्रावास में नए इंटरनेट कनेक्शन के लिए आईसीटी सेल से मंजूरी लेनी होगी।
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दरअसल, पूर्व में बीएसएनएल और जियो के टॉवर बिना अनुमति के ही विश्वविद्यालय परिसर में लगाए गए हैं। जो विश्वविद्यालय की बिजली समेत अन्य सुविधाओं का उपयोग कर रहे हैं और कोई भुगतान भी नहीं किया जा रहा है। ऐसी व्यवस्था आने वाले दिनों में नहीं रहेगी। आने वाले दिनों में अगर कोई विश्वविद्यालय के एडमिशन, कोर्स कंटेंट, थिसिस, एग्जामिनेशन, किताबों से जुड़े डाटा का इस्तेमाल करना चाहता है तो उस पर डेटा का कॉपी राईट शुल्क लगाया जाएगा।
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अब नहीं हो पाएगा डेटा का दुरुपयोग

अभी तक ये व्यवस्था बाहरी वेंडरों पर आधारित थी, जो अपनी मनमानी करते थे और डाटा में कोई बदलाव करने पर विश्वविद्यालय को पता भी नहीं चलता था। इसकी मूल वजह उनका सर्वर था, जिस पर सभी डाटा मौजूद रहता था। नई व्यवस्था के अंतर्गत सभी विभाग, संकाय और सेक्शन को अपने किसी भी डिजिटल डाटा की कॉपी डेटा सेंटर पर जमा कराना होगी, ताकि डेटा के दुरुपयोग को रोका जा सके।

ऑनलाइन सेल ने बनाया खुद का सर्वर
विश्वविद्यालय के ऑनलाइन सेल ने खुद का क्लाउड सर्वर तैयार कर लिया है। जो सभी तरह की ऑनलाइन परीक्षाओं, एडमिशन, एग्जामिनेशन फार्म, एडमिशन फार्म, एडमिट कार्ड जारी, रिजल्ट के प्रकाशन में सहायक होगा। आईसीटी सेल वर्तमान में स्थापित कंप्यूटर सेंटर से कार्य करेगा।

हर गतिविधि पर होगी सेल की नजर
सेंट्रल नोडल एजेंसी की तरह विश्वविद्यालय की सभी ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखेगी। आईसीटी सेल विश्वविद्यालय के सभी डेटा को स्टोर करेगा। विश्वविद्यालय के द्वारा तैयार किए जा रहे किसी सॉफटवेयर मॉडयूल, एप फॉर एडमिशन, एग्जामिनेशन, रिजल्ट ये सभी डाटा अधिकृत रूप से आईसीटी सेल के पास स्टोर रहेगा। चीफ प्रॉक्टर और संपत्ति अधिकारी के द्वारा नए इंटरनेट कनेक्शन को लेकर किसी विभाग या सेक्शन के द्वारा की जा रही किसी भी प्रकार के गतिविधि की सूचना आईसीटी सेल को दी जाएगी। किसी प्रकार की लापरवाही मिलने पर रिकवरी तक का प्रावधान होगा।

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