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राहत: अब प्रमाण पत्रों के लिए लेखपाल, तहसीलों के नहीं लगाने होंगे चक्कर, यहां से होगी आवेदनों की निगरानी
Fri, 24 Dec 2021 11:41 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 24 Dec 2021 11:41 AM IST
सार
आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र या विधवा एवं वृद्धा पेंशन बनवाने के लिए आवेदक अपने नजदीकी जनसेवा केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। कलेक्ट्रेट स्थित ई-डिस्ट्रिक्ट भवन में स्थापित कंट्रोल रूम से आवेदनों की निगरानी होगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : pixabay
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विस्तार
अब आय, जाति, निवास आदि प्रमाण पत्रों के लिए लेखपाल और तहसील कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। आवेदन करने के साथ ही उसकी निगरानी शुरू हो जाएगी। इसके लिए कलेक्ट्रेट स्थित ई-डिस्ट्रिक्ट भवन में कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है।
तय समय पर प्रमाण पत्र नहीं मिलने की दशा में आवेदक यहां शिकायत भी कर सकते हैं। डीएम विजय किरन आनंद का कहना है कि तय समय के भीतर प्रमाण पत्र नहीं बनाने वाले लेखपाल समेत संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। यही नहीं यदि कोई आवेदन निरस्त होता है तो उसकी स्पष्ट वजह बतानी पड़ेगी।
आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र या विधवा एवं वृद्धा पेंशन बनवाने के लिए आवेदक अपने नजदीकी जनसेवा केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के बाद उन्हें रिपोर्ट लगवाने या फिर डिजिटल साइन के लिए लेखपाल, तहसीलदार या एसडीएम कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। कलेक्ट्रेट में बने नियंत्रण कक्ष से निगरानी शुरू हो जाएगी।
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निगरानी के केंद्र में लेखपालों की कार्यशैली होगी। यदि तय अवधि बीतने के बाद भी निस्तारण नहीं होता है तो आवेदक नियंत्रण कक्ष में शिकायत कर सकता है। जांचकर्ता, किसी आवेदन को निरस्त करता है तो उसे उसका कारण बताना होगा। जानबूझकर आवेदन के निस्तारण में देरी करने की पुष्टि हुई तो संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई भी की जाएगी। इसी सिलसिले में सोमवार को जिले के जनसेवा केंद्र संचालकों की एक कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी।
डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि प्राय: आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र या अन्य सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन करने के बाद आवेदकों को दौड़ लगानी पड़ती है। समय से प्रमाण पत्र नहीं बनने की काफी शिकायतें आती हैं। इस पर रोक लगाने के लिए नई व्यवस्था शुरू की जा रही है। कलेक्ट्रेट स्थित कंट्रोल रूम से आवेदनों की निगरानी होगी। यदि किसी की लापरवाही मिली तो उस पर कार्रवाई भी की जाएगी। लेखपालों को आवेदन पत्र निरस्त करने की वजह भी बतानी होगी।
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तय समय पर प्रमाण पत्र नहीं मिलने की दशा में आवेदक यहां शिकायत भी कर सकते हैं। डीएम विजय किरन आनंद का कहना है कि तय समय के भीतर प्रमाण पत्र नहीं बनाने वाले लेखपाल समेत संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। यही नहीं यदि कोई आवेदन निरस्त होता है तो उसकी स्पष्ट वजह बतानी पड़ेगी।
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आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र या विधवा एवं वृद्धा पेंशन बनवाने के लिए आवेदक अपने नजदीकी जनसेवा केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के बाद उन्हें रिपोर्ट लगवाने या फिर डिजिटल साइन के लिए लेखपाल, तहसीलदार या एसडीएम कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। कलेक्ट्रेट में बने नियंत्रण कक्ष से निगरानी शुरू हो जाएगी।
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निगरानी के केंद्र में लेखपालों की कार्यशैली होगी। यदि तय अवधि बीतने के बाद भी निस्तारण नहीं होता है तो आवेदक नियंत्रण कक्ष में शिकायत कर सकता है। जांचकर्ता, किसी आवेदन को निरस्त करता है तो उसे उसका कारण बताना होगा। जानबूझकर आवेदन के निस्तारण में देरी करने की पुष्टि हुई तो संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई भी की जाएगी। इसी सिलसिले में सोमवार को जिले के जनसेवा केंद्र संचालकों की एक कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी।
डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि प्राय: आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र या अन्य सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन करने के बाद आवेदकों को दौड़ लगानी पड़ती है। समय से प्रमाण पत्र नहीं बनने की काफी शिकायतें आती हैं। इस पर रोक लगाने के लिए नई व्यवस्था शुरू की जा रही है। कलेक्ट्रेट स्थित कंट्रोल रूम से आवेदनों की निगरानी होगी। यदि किसी की लापरवाही मिली तो उस पर कार्रवाई भी की जाएगी। लेखपालों को आवेदन पत्र निरस्त करने की वजह भी बतानी होगी।