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Gorakhpur News: ओएलएक्स पर बुलेट खरीदने की कोशिश में युवक ने गंवाए 1.76 लाख
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गोरखपुर। ओएलएक्स पर बुलेट खरीदने का सौदा कानपुर के एक युवक के लिए महंगा साबित हुआ। जालसाजों ने पहले एडवांस और फिर फाइनेंस का बकाया चुकाने के नाम पर 1.76 लाख रुपये ऐंठ लिए। रुपये लेने के बाद आरोपियों ने न तो बाइक सौंपी और न ही रकम लौटाई। पीड़ित की तहरीर पर गुलरिहा पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है।
कानपुर के दबौली निवासी आशीष गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उन्होंने ओएलएक्स ऐप पर आशुतोष राय नाम के व्यक्ति द्वारा रॉयल एनफील्ड बुलेट बेचने का विज्ञापन देखा था। बाइक पसंद आने पर वह गोरखपुर पहुंचे। आरोप है कि आशुतोष ने पहले दो हजार रुपये एडवांस लिए और बताया कि बुलेट पर फाइनेंस कंपनी का 1.70 लाख रुपये का लोन बकाया है। उसने भरोसा दिलाया कि लोन की रकम जमा होने के बाद बाइक उनके नाम कर दी जाएगी।
आशीष के मुताबिक, उन्होंने यूपीआई के माध्यम से तीन बार में 50 हजार, 50 हजार और 68 हजार रुपये, कुल 1.68 लाख रुपये आशुतोष राय के खाते में ट्रांसफर कर दिए। रकम मिलने के बाद आरोपी ने दो-तीन दिन में बुलेट देने का आश्वासन दिया लेकिन बाद में टालमटोल शुरू कर दी। न बाइक दी गई और न ही पैसे लौटाए गए। कुछ दिन बाद आर्यन सिंह नाम के एक व्यक्ति ने खुद को श्रीराम फाइनेंस का कर्मचारी बताते हुए आशीष से संपर्क किया। उसने बाइक दिलाने का भरोसा देकर आठ हजार रुपये और जमा कराने को कहा। भरोसा कर आशीष ने यह रकम भी आशुतोष राय के नंबर पर भेज दी। इस तरह उनसे कुल 1.76 लाख रुपये की ठगी हो गई।
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पीड़ित ने पहले शाहपुर थाने में जनसुनवाई के दौरान शिकायत की थी लेकिन पुलिस के बुलाने पर भी आरोपी उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद आशीष ने गुलरिहा थाने में तहरीर दी। प्रभारी निरीक्षक जगदीश पाल ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। मामले में डिजिटल लेनदेन, बैंक खातों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
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कानपुर के दबौली निवासी आशीष गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उन्होंने ओएलएक्स ऐप पर आशुतोष राय नाम के व्यक्ति द्वारा रॉयल एनफील्ड बुलेट बेचने का विज्ञापन देखा था। बाइक पसंद आने पर वह गोरखपुर पहुंचे। आरोप है कि आशुतोष ने पहले दो हजार रुपये एडवांस लिए और बताया कि बुलेट पर फाइनेंस कंपनी का 1.70 लाख रुपये का लोन बकाया है। उसने भरोसा दिलाया कि लोन की रकम जमा होने के बाद बाइक उनके नाम कर दी जाएगी।
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आशीष के मुताबिक, उन्होंने यूपीआई के माध्यम से तीन बार में 50 हजार, 50 हजार और 68 हजार रुपये, कुल 1.68 लाख रुपये आशुतोष राय के खाते में ट्रांसफर कर दिए। रकम मिलने के बाद आरोपी ने दो-तीन दिन में बुलेट देने का आश्वासन दिया लेकिन बाद में टालमटोल शुरू कर दी। न बाइक दी गई और न ही पैसे लौटाए गए। कुछ दिन बाद आर्यन सिंह नाम के एक व्यक्ति ने खुद को श्रीराम फाइनेंस का कर्मचारी बताते हुए आशीष से संपर्क किया। उसने बाइक दिलाने का भरोसा देकर आठ हजार रुपये और जमा कराने को कहा। भरोसा कर आशीष ने यह रकम भी आशुतोष राय के नंबर पर भेज दी। इस तरह उनसे कुल 1.76 लाख रुपये की ठगी हो गई।
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पीड़ित ने पहले शाहपुर थाने में जनसुनवाई के दौरान शिकायत की थी लेकिन पुलिस के बुलाने पर भी आरोपी उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद आशीष ने गुलरिहा थाने में तहरीर दी। प्रभारी निरीक्षक जगदीश पाल ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। मामले में डिजिटल लेनदेन, बैंक खातों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।