यौन उत्पीड़न प्रकरण: गोरखपुर विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति भंग, नई गठित
आंतरिक शिकायत समिति के समक्ष बयान दर्ज करने आई पीड़ित छात्रा के परिजनों ने कहा कि उनको विश्वविद्यालय की कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन पर पूरा भरोसा है। उनको उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा।
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विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर पर छात्रा के यौन शोषण के आरोप का मामला गरमा गया है। कुलपति प्रो. पूनम टंडन शुक्रवार को एक्शन में नजर आईं। उन्होंने आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) को तत्काल प्रभाव से भंग कर नई समिति गठित कर दी है। प्राचीन इतिहास विभाग की आचार्य प्रो. प्रज्ञा चतुर्वेदी की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति गठित की गई है।
नई समिति के गठन के साथ ही जांच की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। शुक्रवार को दोपहर में प्रशासनिक भवन के कमेटी हॉल में समिति ने दो घंटे तक बैठक कर छात्रा की शिकायत पर मंथन किया। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर को भी बुलाया गया था। समिति ने आरोपी का बयान दर्ज कर लिया है। आरोप लगाने वाली छात्रा को भी बुलाकर बयान दर्ज किया गया है।
ये हैं आईसीसी में
प्राचीन इतिहास विभाग की प्रो. प्रज्ञा चतुर्वेदी को आईसीसी का अध्यक्ष बनाया गया है। अंग्रेजी विभाग के प्रो. अवनीश राय, मनोविज्ञान की डॉ. रश्मि रानी, विधि विभाग की डॉ. सुमनलता चौधरी, लेखा विभाग से मीनावती कन्नौजिया, भौतिक विज्ञान विभाग के पुनीत भारती सदस्य बनाए गए हैं। मानव सेवा संस्थान के निदेशक राजेश मणि बाहरी सदस्य के रूप में नामित किए गए हैं।
पीड़िता के परिजन बोले-विश्वविद्यालय प्रशासन पर है भरोसा
आंतरिक शिकायत समिति के समक्ष बयान दर्ज करने आई पीड़ित छात्रा के परिजनों ने कहा कि उनको विश्वविद्यालय की कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन पर पूरा भरोसा है। उनको उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा।
मीडिया सेल के जरिए ही भेजें खबरें
इस मामले के लगातार मीडिया की सुर्खियां बनने के कारण डीडीयू प्रशासन भी गंभीर है। विद्यार्थियों, शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए गाइडलाइन जारी किया गया है। कुलसचिव प्रो. शांतनु रस्तोगी की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, शैक्षणिक, शोध और व्यक्तिगत उपलब्धि से संबंधित खबरों को मीडिया सेल को प्रेषित करें। कुलसचिव ने सभी से इसे सुनिश्चित करने के लिए कहा है।