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गोरखपुर: पूरे प्रदेश में लागू होगा खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना का मॉडल, खर्च किए जाएंगे 245 करोड़ रुपये
Sat, 26 Aug 2023 02:33 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 26 Aug 2023 02:33 PM IST
सार
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना के विकास मॉडल को शासन ने पसंद किया है। इसकी विस्तृत रूपरेखा जल्द ही भेज दी जाएगी। अन्य योजनाओं का विकास भी इसी मॉडल पर किया जाएगा।
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण।
- फोटो : Social Media
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विस्तार
जीडीए की खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना का मॉडल पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। जीडीए की इस योजना में आरक्षित जमीन का सात प्रतिशत हिस्सा विकासकर्ता को देकर 245 करोड़ रुपये का ढांचागत विकास कार्य कराया जा रहा है। गत दिनों लखनऊ में हुई बैठक में अपर मुख्य सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण ने सभी उपाध्यक्षों को यह मॉडल अपनाने का सुझाव दिया है।
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उन्होंने मॉडल की रुपरेखा जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर से मांगी है। इसी मॉडल से 200 एकड़ में राप्तीनगर विस्तार टाउनशिप एवं स्पोर्ट्स सिटी योजना व कन्वेंशन सेंटर योजना को जांच करने की तैयारी में जीडीए जुटा है।
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खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना जब लांच हुई तो सीएम ने इसकी प्रशंसा की थी। योजना में ढांचागत विकास के लिए बजट की जरूरत पड़ती है। विकास प्राधिकरणों के पास विकास कार्य के लिए बजट नहीं होता। इससे निर्माण कार्य पूरा कराने में लंबा समय लग जाता है। ऐसे में जीडीए के मॉडल से तीन साल के भीतर योजना पूरी हो जाएगी। खोराबार में 13 एकड़ जमीन जीडीए ने प्रीमियम मूल्य पर दिया है।
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जीडीए अधिकारियों के अनुसार, अधिकतम मूल्य पर विकास करने वाली फर्म को जमीन दी गई है। जमीन के बदले फर्म विकास कार्य कराएगी। तकनीकी रूप से इसे रिवर्स लैंड पूलिंग भी कहा जाता है। बीते 23 अगस्त को लखनऊ में हुई बैठक में जीडीए उपाध्यक्ष ने इस मॉडल को रखा, जिस पर शासन की ओर से विस्तृत रूपरेखा मांगी गई है।
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना के विकास मॉडल को शासन ने पसंद किया है। इसकी विस्तृत रूपरेखा जल्द ही भेज दी जाएगी। अन्य योजनाओं का विकास भी इसी मॉडल पर किया जाएगा।
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना के विकास मॉडल को शासन ने पसंद किया है। इसकी विस्तृत रूपरेखा जल्द ही भेज दी जाएगी। अन्य योजनाओं का विकास भी इसी मॉडल पर किया जाएगा।