{"_id":"6130ac038ebc3e88394c5fff","slug":"mmmut-to-set-up-center-for-study-on-electric-vehicles","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुशखबर: ईवी पर अध्ययन के लिए केंद्र स्थापित करेगा एमएमएमयूटी, सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय को भेजा गया प्रस्ताव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुशखबर: ईवी पर अध्ययन के लिए केंद्र स्थापित करेगा एमएमएमयूटी, सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय को भेजा गया प्रस्ताव
Thu, 02 Sep 2021 04:18 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 02 Sep 2021 04:18 PM IST
सार
सेंटर ऑफ एक्सिलेंस स्थापित करने के लिए नौ करोड़ 80 लाख का प्रस्ताव बनाया। इलेक्ट्रिक ह्वीकल की डिजाइन और कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में होगा काम।
विज्ञापन
MMMUT
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) की डिजाइन और कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में काम करने के लिए मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) सेंटर ऑफ एक्सिलेंस स्थापित करने की तैयारी में है। इसके लिए विश्वविद्यालय ने सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय को नौ करोड़ 80 लाख का एक प्रस्ताव भेजा है। इसे प्राथमिक स्वीकृति मिल गई है। यह केंद्र प्रदेश के विश्वविद्यालयों में पहला ऐसा केंद्र होगा जहां ईवी पर अध्ययन होगा।
विश्वविद्यालय की ओर से प्रस्ताव इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग ने बनाया है। विभाग के अध्यक्ष प्रो. एके पांडेय ने बताया कि सेंटर को स्थापित करने में मशहूर कंपनी सीमेंस की मदद ली जाएगी। इसे लेकर कंपनी से बातचीत की जा रही है। सेंटर से अधिक से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ने की कोशिश की जाएगी। स्टार्टअप के इच्छुक विद्यार्थियों को सेंटर से पूरी मदद दी जाएगी। पहले चरण में इस सेंटर से सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया जाएगा, जिसे विद्यार्थी अपने मूल कोर्स के साथ कर सकेंगे। सेंटर में विद्यार्थी इलेक्ट्रिकल व्हीकल पर अध्ययन करेंगे और इसकी नई-नई डिजाइन तैयार करेंगे। व्हीकल के लिए नए और प्रभावी चार्जर बनाने पर भी काम किया जाएगा। सारी डिजाइन बाजार की मांग के मुताबिक तैयार की जाएगी।
एमएमएमयूटी कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि इलेक्ट्रिक व्हीकल समय की मांग है। इसे ध्यान में रखकर ही विश्वविद्यालय में इलेक्ट्रिक व्हीकल पर आधारित सेंटर ऑफ एक्सिलेंस स्थापित करने की योजना बनाई गई है। सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है। मंत्रालय को हमारा प्रस्ताव पसंद आया है। पूरी कोशिश है कि आगे की प्रक्रिया पूरी कर जल्द से जल्द इस मद में फंड हासिल कर लिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विश्वविद्यालय की ओर से प्रस्ताव इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग ने बनाया है। विभाग के अध्यक्ष प्रो. एके पांडेय ने बताया कि सेंटर को स्थापित करने में मशहूर कंपनी सीमेंस की मदद ली जाएगी। इसे लेकर कंपनी से बातचीत की जा रही है। सेंटर से अधिक से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ने की कोशिश की जाएगी। स्टार्टअप के इच्छुक विद्यार्थियों को सेंटर से पूरी मदद दी जाएगी। पहले चरण में इस सेंटर से सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया जाएगा, जिसे विद्यार्थी अपने मूल कोर्स के साथ कर सकेंगे। सेंटर में विद्यार्थी इलेक्ट्रिकल व्हीकल पर अध्ययन करेंगे और इसकी नई-नई डिजाइन तैयार करेंगे। व्हीकल के लिए नए और प्रभावी चार्जर बनाने पर भी काम किया जाएगा। सारी डिजाइन बाजार की मांग के मुताबिक तैयार की जाएगी।
विज्ञापन
एमएमएमयूटी कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि इलेक्ट्रिक व्हीकल समय की मांग है। इसे ध्यान में रखकर ही विश्वविद्यालय में इलेक्ट्रिक व्हीकल पर आधारित सेंटर ऑफ एक्सिलेंस स्थापित करने की योजना बनाई गई है। सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है। मंत्रालय को हमारा प्रस्ताव पसंद आया है। पूरी कोशिश है कि आगे की प्रक्रिया पूरी कर जल्द से जल्द इस मद में फंड हासिल कर लिया जाए।
विज्ञापन