फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   MMMUT: Management Board could not take decision on students who got relief from High Court

एमएमएमयूटी: हाईकोर्ट से राहत पाए छात्रों पर प्रबंध बोर्ड में नहीं हो सका फैसला

Mon, 18 Sep 2023 12:58 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 18 Sep 2023 12:58 AM IST
विज्ञापन
MMMUT: Management Board could not take decision on students who got relief from High Court
एमएमएमयूटी: हाईकोर्ट से राहत पाए छात्रों पर प्रबंध बोर्ड में नहीं हो सका फैसला
विज्ञापन

बोर्ड की बैठक में विधिक सलाह के बाद निर्णय लेने पर बनी सहमति
प्रबंध बोर्ड की 23 सितंबर की बैठक में विधिक सलाह के बाद लिया जाएगा निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। मदनमोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में फर्जी प्रवेश के मामले में हाईकोर्ट से राहत पाए छात्रों के मामले में रविवार को प्रबंध बोर्ड की बैठक में निर्णय नहीं लिया जा सका। प्रबंध बोर्ड ने अब इसपर विधिक सलाह लेने का निर्णय लिया है। विधिक सलाह को 23 सितंबर को होने वाली प्रबंध बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद उसपर आगे का निर्णय लिया जाएगा।

एमएमएमयूटी में बीटेक पाठ्यक्रम में फर्जी ढंग से प्रवेश लेने के मामले में निष्कासित छात्रों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाईकोर्ट के सिंगल बेंच ने अनमोल पांडेय एवं 32 अन्य के वाद पर सुनवाई करते हुए 28 अगस्त को उनके पक्ष में निर्णय सुनाते हुए छात्रों का निष्कासन रद्द कर उनको परीक्षा में शामिल कराकर परिणाम घोषित कराने का आदेश दिया। हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के लिए छात्र हाईकोर्ट के अधिवक्ता हिमांशु गुप्ता के साथ एमएमएमयूटी पहुंचे। कुलपति ने उनके निष्कासन के मामले को प्रबंध बोर्ड में रख आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया।
विज्ञापन


कुलपति प्रो. जेपी पांडेय की अध्यक्षता में प्रबंध बोर्ड की हुई बैठक में हाईकोर्ट के आदेश पर विधिक सलाह लेने के बाद आगे की कार्रवाई पर जोर दिया गया।
-----
यह है मामला

एमएमएमयूटी में सितंबर 2022 में बीटेक की कक्षाओं में प्रवेश के मामले में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच कराई। जांच में पाया गया कि दो अलग-अलग सत्रों में 40 छात्रों ने फर्जी दस्तावेज के सहारे विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया। जांच में तीन सदस्यीय कमेटी को वर्ष 2020 व 2021 बैच के 40 छात्र ऐसे मिले, जिन्होंने फर्जी ढंग से विश्वविद्यालय के बीटेक के अलग-अलग पाठ्यक्रमों में प्रवेश लिया था। इस मामले को प्रबंध बोर्ड की बैठक में रखा गया। जिसमें सभी छात्रों को निष्कासन का निर्णय लिया गया। इसके बाद छात्र इस निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट चले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed