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एमएमएमयूटी: हाईकोर्ट से राहत पाए छात्रों पर प्रबंध बोर्ड में नहीं हो सका फैसला
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एमएमएमयूटी: हाईकोर्ट से राहत पाए छात्रों पर प्रबंध बोर्ड में नहीं हो सका फैसला
बोर्ड की बैठक में विधिक सलाह के बाद निर्णय लेने पर बनी सहमति
प्रबंध बोर्ड की 23 सितंबर की बैठक में विधिक सलाह के बाद लिया जाएगा निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। मदनमोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में फर्जी प्रवेश के मामले में हाईकोर्ट से राहत पाए छात्रों के मामले में रविवार को प्रबंध बोर्ड की बैठक में निर्णय नहीं लिया जा सका। प्रबंध बोर्ड ने अब इसपर विधिक सलाह लेने का निर्णय लिया है। विधिक सलाह को 23 सितंबर को होने वाली प्रबंध बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद उसपर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
एमएमएमयूटी में बीटेक पाठ्यक्रम में फर्जी ढंग से प्रवेश लेने के मामले में निष्कासित छात्रों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाईकोर्ट के सिंगल बेंच ने अनमोल पांडेय एवं 32 अन्य के वाद पर सुनवाई करते हुए 28 अगस्त को उनके पक्ष में निर्णय सुनाते हुए छात्रों का निष्कासन रद्द कर उनको परीक्षा में शामिल कराकर परिणाम घोषित कराने का आदेश दिया। हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के लिए छात्र हाईकोर्ट के अधिवक्ता हिमांशु गुप्ता के साथ एमएमएमयूटी पहुंचे। कुलपति ने उनके निष्कासन के मामले को प्रबंध बोर्ड में रख आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया।
कुलपति प्रो. जेपी पांडेय की अध्यक्षता में प्रबंध बोर्ड की हुई बैठक में हाईकोर्ट के आदेश पर विधिक सलाह लेने के बाद आगे की कार्रवाई पर जोर दिया गया।
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यह है मामला
एमएमएमयूटी में सितंबर 2022 में बीटेक की कक्षाओं में प्रवेश के मामले में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच कराई। जांच में पाया गया कि दो अलग-अलग सत्रों में 40 छात्रों ने फर्जी दस्तावेज के सहारे विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया। जांच में तीन सदस्यीय कमेटी को वर्ष 2020 व 2021 बैच के 40 छात्र ऐसे मिले, जिन्होंने फर्जी ढंग से विश्वविद्यालय के बीटेक के अलग-अलग पाठ्यक्रमों में प्रवेश लिया था। इस मामले को प्रबंध बोर्ड की बैठक में रखा गया। जिसमें सभी छात्रों को निष्कासन का निर्णय लिया गया। इसके बाद छात्र इस निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट चले गए।
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बोर्ड की बैठक में विधिक सलाह के बाद निर्णय लेने पर बनी सहमति
प्रबंध बोर्ड की 23 सितंबर की बैठक में विधिक सलाह के बाद लिया जाएगा निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। मदनमोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में फर्जी प्रवेश के मामले में हाईकोर्ट से राहत पाए छात्रों के मामले में रविवार को प्रबंध बोर्ड की बैठक में निर्णय नहीं लिया जा सका। प्रबंध बोर्ड ने अब इसपर विधिक सलाह लेने का निर्णय लिया है। विधिक सलाह को 23 सितंबर को होने वाली प्रबंध बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद उसपर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
एमएमएमयूटी में बीटेक पाठ्यक्रम में फर्जी ढंग से प्रवेश लेने के मामले में निष्कासित छात्रों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाईकोर्ट के सिंगल बेंच ने अनमोल पांडेय एवं 32 अन्य के वाद पर सुनवाई करते हुए 28 अगस्त को उनके पक्ष में निर्णय सुनाते हुए छात्रों का निष्कासन रद्द कर उनको परीक्षा में शामिल कराकर परिणाम घोषित कराने का आदेश दिया। हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के लिए छात्र हाईकोर्ट के अधिवक्ता हिमांशु गुप्ता के साथ एमएमएमयूटी पहुंचे। कुलपति ने उनके निष्कासन के मामले को प्रबंध बोर्ड में रख आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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कुलपति प्रो. जेपी पांडेय की अध्यक्षता में प्रबंध बोर्ड की हुई बैठक में हाईकोर्ट के आदेश पर विधिक सलाह लेने के बाद आगे की कार्रवाई पर जोर दिया गया।
यह है मामला
एमएमएमयूटी में सितंबर 2022 में बीटेक की कक्षाओं में प्रवेश के मामले में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच कराई। जांच में पाया गया कि दो अलग-अलग सत्रों में 40 छात्रों ने फर्जी दस्तावेज के सहारे विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया। जांच में तीन सदस्यीय कमेटी को वर्ष 2020 व 2021 बैच के 40 छात्र ऐसे मिले, जिन्होंने फर्जी ढंग से विश्वविद्यालय के बीटेक के अलग-अलग पाठ्यक्रमों में प्रवेश लिया था। इस मामले को प्रबंध बोर्ड की बैठक में रखा गया। जिसमें सभी छात्रों को निष्कासन का निर्णय लिया गया। इसके बाद छात्र इस निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट चले गए।
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