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एमएमएमयूटी : केस सुलझाने में मददगार होगी का साइबर सेल, ये खास लोग मिलकर करेंगे काम
Sat, 17 Apr 2021 02:57 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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Published by: vivek shukla
Updated Sat, 17 Apr 2021 02:57 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : amar ujala
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मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की तकनीकी क्षमता को सामाजिक सरोकार से जोड़ने जा रहा है। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन एक साइबर सेल का गठन करने की तैयारी में है। यह सेल साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों पर लगाम लगाने में पुलिस की मदद करेगी। उलझे मामलों को सुलझाने का रास्ता सुझाएगी।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने एडीजी पुलिस अखिल कुमार की पहल पर सेल के गठन का फैसला किया है। इसके लिए विश्वविद्यालय ने छात्रों के चयन का कार्य शुरू कर दिया है। कंप्यूटर और इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्षों से ऐसे छात्रों को चिह्नित करने को कहा गया है, जिनकी साइबर क्राइम विषय में रुचि के साथ ही विशेषज्ञता भी हो।
सेल में उन शिक्षकों को भी शामिल किया जाएगा, जो इससे जुड़कर पुलिस की मदद करने के लिए इच्छुक हैं। सेल के गठन की जिम्मेदारी कंप्यूटर विभाग को सौंपी जाएगी। विश्वविद्यालय ने बीते दिनों इस विषय में एक कोर्स शुरू करने की योजना भी बनाई है, जिसे लेकर एकेडमिक काउंसिल और प्रबंध बोर्ड की मंजूरी भी मिल चुकी है। अगले सत्र से इसे शुरू करने की विश्वविद्यालय की योजना है।
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विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने एडीजी पुलिस अखिल कुमार की पहल पर सेल के गठन का फैसला किया है। इसके लिए विश्वविद्यालय ने छात्रों के चयन का कार्य शुरू कर दिया है। कंप्यूटर और इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्षों से ऐसे छात्रों को चिह्नित करने को कहा गया है, जिनकी साइबर क्राइम विषय में रुचि के साथ ही विशेषज्ञता भी हो।
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सेल में उन शिक्षकों को भी शामिल किया जाएगा, जो इससे जुड़कर पुलिस की मदद करने के लिए इच्छुक हैं। सेल के गठन की जिम्मेदारी कंप्यूटर विभाग को सौंपी जाएगी। विश्वविद्यालय ने बीते दिनों इस विषय में एक कोर्स शुरू करने की योजना भी बनाई है, जिसे लेकर एकेडमिक काउंसिल और प्रबंध बोर्ड की मंजूरी भी मिल चुकी है। अगले सत्र से इसे शुरू करने की विश्वविद्यालय की योजना है।
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साइबर सिक्योरिटी लैब पर भी चल रहा काम
प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में एक साइबर सिक्योरिटी लैब स्थापित किया जा रहा है। लैब को स्थापित के लिए पुणे साइबर सिक्योरिटी से समझौता किया गया है। स्टालेशन कार्य शुरू हो चुका है। लैब में दो सुपर कंप्यूटर लगाए जाने की योजना है। इनमें से एक की खरीद हो चुकी है। उसे केरल के त्रिवेंद्रम से खरीदा गया है। दूसरा सुपर कंप्यूटर आने के बाद लैब का प्रयोग शुरू हो जाएगा। लैब में साइबर सिक्योरिटी का कोर्स करने वाले विद्यार्थियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। लैब से पुलिस विभाग को भी जोड़ा जाएगा, जिससे उन्हें साइबर क्राइम से जुड़े मामलों का पर्दाफाश करने में मदद मिलेगी।
एमएमएमयूटी कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि एडीजी पुलिस से बातचीत के बाद सेल की गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। लैब को अंतिम रूप देने की दिशा में भी कार्य चल रहा है। सेल और लैब दोनों साइबर क्राइम पर नियंत्रण में पुलिस के लिए उपयोगी साबित होंगे।
एमएमएमयूटी कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि एडीजी पुलिस से बातचीत के बाद सेल की गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। लैब को अंतिम रूप देने की दिशा में भी कार्य चल रहा है। सेल और लैब दोनों साइबर क्राइम पर नियंत्रण में पुलिस के लिए उपयोगी साबित होंगे।