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UP Election 2022: गोरखपुर ग्रामीण से विधायक विपिन सिंह को फिर टिकट, कांग्रेस से भाजपा में आए मनीष पडरौना से उम्मीदवार
Mon, 07 Feb 2022 10:55 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 07 Feb 2022 10:55 AM IST
सार
भाजपा विधायक विपिन सिंह के पिता दो बार विधायक, खुद ब्लॉक प्रमुख रहे, फिर विधायक बने। पत्नी भी कौड़ीराम से ब्लॉक प्रमुख हैं।
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बाएं से भाजपा प्रत्याशी विपिन सिंह, मनीष जायसवाल और विनय गोंड। (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार देर रात गोरखपुर-बस्ती मंडल के प्रत्याशियों की एक और सूची जारी कर दी। गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से विधायक विपिन सिंह को फिर टिकट मिल गया है। पहले यह सीट सहयोगी दल निषाद पार्टी के खाते में जाने वाली थी। गोरखपुर ग्रामीण की जगह निषाद पार्टी को चौरीचौरा विधानसभा सीट दी गई। हालांकि, निषाद पार्टी से टिकट मिलने के बाद भी प्रत्याशी सरवन निषाद भाजपा के निशान पर चुनाव लड़ेंगे। वह नामांकन कर चुके हैं।
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भाजपा की जारी सूची के मुताबिक महराजगंज (सुरक्षित) विधानसभा क्षेत्र से जयमंगल कन्नौजिया को प्रत्याशी बनाया गया है। सिसवा से प्रेम सागर पटेल को टिकट मिला है। इसी तरह, बस्ती की रुधौली सीट से संगीता प्रताप जायसवाल को टिकट दिया गया है। कुशीनगर की पडरौना सीट से मनीष जायसवाल को प्रत्याशी बनाया गया है। मनीष को कुछ दिन पहले कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी बनाया था, लेकिन पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री आरपीएन सिंह के भाजपा में आने के बाद मनीष ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया।
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मनीष ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। अब भाजपा से टिकट मिल गया है। पडरौना सीट से पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य विधायक हैं। वह भाजपा छोड़कर सपा का दामन थाम चुके हैं। इस बार पडरौना की जगह कुशीनगर की फाजिलनगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। कुशीनगर की रामकोला (सुरक्षित) सीट से विनय गोंड को टिकट मिला है। देवरिया की भाटपाररानी सीट से सभा कुंवर कुशवाहा को टिकट मिला है।
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विपिन को विरासत में मिली है राजनीति
भाजपा विधायक विपिन सिंह को राजनीति विरासत में मिली है। विधायक के पिता अंबिका सिंह कौड़ीराम विधानसभा सीट से दो बार विधायक रहे हैं।साल 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले परिसीमन हुआ था। तब कौड़ीराम विधानसभा सीट का अस्तित्व खत्म हो गया। इसके बाद गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा सीट का गठन किया गया। इस सीट पर 2012 में पहला चुनाव हुआ। पहली बार में भाजपा को जीत मिल गई। 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने विपिन सिंह को चुनाव मैदान में उतार दिया। इस चुनाव में विपिन को 4410 वोटों के अंतर से जीत मिली थी।
हालांकि, तब निषाद पार्टी का भाजपा से गठबंधन नहीं था। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद भी चुनाव मैदान में उतरे थे। डॉ. संजय को करीब 35 हजार वोट मिले थे। इस बार निषाद पार्टी भाजपा की सहयोगी है। विपिन सिंह 1995 से 2005 तक कौड़ीराम के ब्लॉक प्रमुख रहे हैं।
2005 से 2010 तक विधायक की पत्नी नीता सिंह कौड़ीराम की ब्लॉक प्रमुख रहीं। 2021 के ब्लॉक प्रमुख चुनाव में भी विधायक की पत्नी नीता सिंह को जीत मिली। विधायक के चाचा विजय प्रताप सिंह दस साल तक खोराबार के ब्लॉक प्रमुख रहे हैं। टिकट मिलने के बाद विधायक विपिन सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि पार्टी के उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।