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नगर विधायक ने किया अस्पताल का निरीक्षण, बोले- बगैर काम किए बैठकर ले रहे वेतन

Sat, 07 Mar 2020 09:31 PM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर Published by: vivek shukla Updated Sat, 07 Mar 2020 09:31 PM IST
सार

  • नगर निगम के संक्रामक अस्पताल का नगर विधायक ने किया निरीक्षण
  • 11 कर्मियों को मिलता है साल भर में 60 लाख रुपये का वेतन
  • बेड नोट पर भी मरीजों के नाम मिले फर्जी
  • नगर विधायक ने जिला अस्पताल का भी किया निरीक्षण

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MLA Dr. Radha Mohan Das Agarwal investigated Municipal Corporation hospital in gorakhpur
नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने शनिवार को सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी, जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. एके सिंह के साथ जिला अस्पताल और नगर निगम के संक्रामक अस्पताल का निरीक्षण किया। नगर निगम के अस्पताल में मरीजों की संख्या न देख और बेड नोट पर फर्जी मरीजों की रिपोर्ट पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। कहा कि यहां के लोग बिना काम के बैठकर 60 लाख रुपये का सालाना वेतन ले रहे हैं। इस पर उन्होंने कमिश्नर, डीएम, सीएमओ और नगर आयुक्त से वार्ता कर नगर निगम के अस्पताल को कोरोना वार्ड बनाने का प्रस्ताव दिया।
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नगर विधायक डॉ. अग्रवाल सुबह 10 बजे जिला अस्पताल पहुंचे। इसके बाद उन्होंने ओपीडी के एक-एक कमरों में पहुंचकर मरीजों से अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। ओपीडी में मरीजों की भीड़ को देखकर उनके बैठने के लिए कुर्सी की व्यवस्था करने को कहा। इसके बाद वह जिला अस्पताल के बगल में बने नगर निगम के संक्रामक रोग अस्पताल पहुंचे। वहां पर मरीजों का रजिस्टर देखा। मौके पर केवल एक फार्मासिस्ट मिले।
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शनिवार को केवल सात मरीजों का ब्योरा रजिस्टर में दर्ज किया गया था। इसके बाद उन्होंने बेड नोट पर लिखे दवाईयों को देखा तो पाया कि एक ही तरह की दवाएं सभी मरीजों को लिखी गई हैं। इस पर उन्हें सभी बेड नोट फर्जी लगे। कहा कि 11 स्टाफ की तैनाती पर सरकार हर साल वेतन के रूप में 60 लाख रुपये दे रही है लेकिन मरीजों को देखने के बजाए कर्मी बैठ कर केवल वेतन ले रहे हैं। इसके बाद वह इमरजेंसी के महिला वार्ड, आर्थोपेडिक्स वार्ड पुरुष का निरीक्षण करते हुए मरीजों से स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में पूछताछ किए।

कैंसर वार्ड में बने आईसोलेशन वार्ड का निरीक्षण करते हुए कहा कि यह वार्ड नगर निगम के संक्रामक अस्पताल में होना चाहिए। विधायक ने कहा कि दो विभागों में समन्वय के अभाव में जिला अस्पताल में स्थान और सुविधाओं की कमी की बात कही जा रही है। वहीं दूसरी ओर नगर निगम के संक्रामक रोग अस्पताल में संसाधनों की बर्बादी हो रही है। ऐसे में जिला अस्पताल को संक्रामक रोग का अस्पताल हैंडओवर कर देना चाहिए।

नगर निगम के संक्रामक अस्पताल में केवल डायरिया सहित संक्रामक रोगों के मरीज ही आते हैं। इसलिए डायरिया के  ही मरीज भर्ती होते हैं। अन्य रोग होने पर मरीजों को जिला अस्पताल भेज दिया जाता है। डायरिया सहित अन्य संक्रामक बीमारियां गर्मी में फैलती है। उस समय मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। जबकि ठंडक में मरीजों की संख्या कम होती है।  
डॉ सतीश सिंह, प्रभारी संक्रामक अस्पताल, नगर निगम 
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