फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Missing 30 corona infected became trouble for health department

Corona in Gorakhpur: लापता 30 कोरोना संक्रमित बन गए मुसीबत, अब लोगों को सता रहा है इस बात का डर

Fri, 31 Jul 2020 04:55 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 31 Jul 2020 04:55 PM IST
सार

  • गलत मोबाइल नंबर और नाम पता नोट कराकर करा लिया जांच 
  • विभाग को डर कही यह लोग संक्रमित न कर दें लोगों को 

विज्ञापन
Missing 30 corona infected became trouble for health department
कोरोना वायरस। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर शहर में जुलाई माह में 30 से अधिक कोरोना पॉजिटिव आने के बाद लापता हो गए हैं। इन्हें स्वास्थ्य और पुलिस महकमा तलाश नहीं पा रहा है। इसकी वजह यह है कि इन लोगों ने जांच के दौरान नाम, पता और मोबाइल नंबर तक फर्जी दर्ज कराए हैं।

विज्ञापन


इसकी वजह से विभाग की मुसीबतें बढ़ गई हैं। विभाग को डर है कि कही यह घूमकर संक्रमण की नई चैन तो नहीं बना दिए हैं। बताया जा रहा है कि इनमें कई प्रवासी भी शामिल हैं। जुलाई माह में शहर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन


इसकी वजह से विभाग के सामने मुसीबतें खड़ी हो गई हैं। विभाग को समझ नहीं आ रहा है कि संक्रमण की रफ्तार को रोका कैसे जाए। उस पर 30 से अधिक कोरोना संक्रमित लापरवाही करते हुए अपने नाम, पते, मोबाइल नंबर गलत दर्ज कराकर लापता हो गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


विभाग इनकी तलाश में जुटा हुआ है, लेकिन इन संक्रमितों का पता नहीं चल पा रहा है। सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि संक्रमितों की तलाश की जा रही है। कुछ लोगों ने नाम, पता और मोबाइल नंबर गलत दर्ज कराए हैं। ऐसे में उन्हें ढूंढने में मुश्किल हो रही है। 

जिनका पता उनका कोई खोज खबर नहीं लेने वाला 

एक तरफ विभाग 30 लोगों की तलाश में जुटा हुआ है। वहीं, दूसरी ओर होम आइसोलेट में रहने वाले या फिर संक्रमित होने वाले कई ऐसे भी मरीज हैं, जिनका कोई खोज खबर नहीं लेने वाला है। होम आइसोलेट होने वाले मरीजों को किससे संपर्क करना है, इसकी जानकारी तक नहीं दी गई है। 

किसी तरह से मरीज नंबर ढूंढकर महकमे को फोन कर रहे हैं, तो उन्हें कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। इतना ही नहीं मरीजों को यह तक नहीं बताया जा रहा है कि वह कौन सी दवा का सेवन करें। ऐसे मरीजों की संख्या भी 200 से अधिक होगी, जिनके नंबर की जानकारी होते हुए भी विभाग ने संपर्क करने की जहमत नहीं उठाई।  

जांच के लिए देना होगा आईडी प्रूफ
सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि अब मरीजों को एंटीजन और आरटीपीसीआर से जांच कराने के लिए आईडी प्रूफ देना होगा। बिना आईडी प्रूफ की जांच नहीं कराई जाएगी। इसे लेकर शासन की ओर से निर्देश भी मिला है। यही वजह है कि अब स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच के लिए लोगों को आईडी प्रूफ देना पड़ रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed