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पचास पैसे का गुटखा उधार नहीं दिया तो मार दी थी गोली, पकड़े जाने पर पुलिस से बोला- 'बात सम्मान की थी'
Mon, 15 Jun 2020 08:22 AM IST
vivek shukla
शिवम सिंह, गोरखपुर।
शिवम सिंह, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 15 Jun 2020 08:22 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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अपराध के लिए बदनाम गोरखपुर का जिक्र यूं ही नहीं होता दरअसल यहां पर ऐसे तमाम घटनाएं हुई हैं जिसे सुनने और जानने के बाद कोई भी आश्चर्य में आ जाएगा। यहां पचास पैसै के गुटखा के लिए 100 रुपये की गोली चलाने का और फिर मुकदमा झेलने का भी मामला हो चुका है।
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इतना ही नहीं बदमाश जब पकड़ा गया तो उसने बड़े बेखौफ तरीके से कहा साहब बात पचास पैसै की नहीं थी या फिर गुटखे की, बात सम्मान की थी क्योंकि मुझे पहचानने के बाद भी उसने गुटखा नहीं दिया जबकि मैंने कहा था कि सुबह रुपए दे दूंगा।
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यह घटना 2001 की है। जुलाई महीने में तेज बारिश के बीच मारपीट के मामलों में जेल जा चुका अमन बाइक से एक गुटखे की दुकान पर पहुंचा था। छात्रसंघ चौराहे के पास स्थित इस गुटखे की दुकान पर राजेंद्र बैठे थे और अमन ने उनसे पुकार मांगा। तब पुकार की कीमत पचास पैसै हुआ करती थी।
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अमर ने गुटखा लेने के बाद एक और गुटखा मांगा और पैसा अगले दिन देने को कहा। दुकानदार की गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने पैसा तुरंत मांग लिया फिर क्या, अमन ने झटपट तमंचा निकाला और राजेंद्र को गोली मार दी।
पुलिस पहुंची वजह जानी पुलिस के भी होश उड़ गए। रिटायर्ड दरोगा जवाहर बताते हैं कि दो दिन बाद बदमाश पकड़ा गया तब पुलिस ने यही पूछा कि आखिर गोली इतनी छोटी बात पर क्यों मार दी। गोली की कीमत ही 100 रुपये थी तो फिर पचास पैसे के लिए 100 रुपये की गोली खर्च करने की क्या जरूरत थी। मुकदमा अलग से लड़ना होगा। बदमाश को पुलिस गिरफ्त में आने के बाद जरा भी पछतावा नहीं था उसने तपाक से जवाब दिया 'बात सम्मान का था'।