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गोरखपुर में खनन माफिया का दबदबा: राप्ती नदी के बांध को भी काट डाला, कई बार हो चुके हैं हादसे
Sat, 10 Jun 2023 12:42 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 10 Jun 2023 12:42 PM IST
सार
नौसड़ से जीरो प्वाइंट के बीच में खनन के ठेकों की आड़ में अवैध खनन का खेल तो चल ही रहा है, दूसरे हाइवे पर आने के लिए बंधे को भी काट दिया गया है। इस रास्ते पर तीन से अधिक जगहों पर बंधे को काटकर रास्ता बनाया गया है। इससे अक्सर हादसे होते रहते हैं।
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बडगहन के पास काटा गया बंधा।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
अगर, समय रहते जिम्मेदार नहीं चेते तो एक बार फिर गोरखपुर-लखनऊ हाइवे पर लोग हादसे का शिकार हो सकते हैं। दरअसल, खनन माफिया राप्ती नदी को छलनी करने के साथ ही आने-जाने के लिए बंधे को ही काटकर रास्ता बना चुके हैं। अभी तो इन रास्तों पर उड़ने वाली धूल ही मुसीबत है, लेकिन बरसात के समय में बहकर सड़क पर आने वाली मिट्टी से चलना ही दूभर हो जाएगा है। बीते वर्षों में इसकी वजह से कई बड़े हादसे सामने आ चुके हैं।
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जानकारी के मुताबिक, नौसड़ से जीरो प्वाइंट के बीच में खनन के ठेकों की आड़ में अवैध खनन का खेल तो चल ही रहा है, दूसरे हाइवे पर आने के लिए बंधे को भी काट दिया गया है। इस रास्ते पर तीन से अधिक जगहों पर बंधे को काटकर रास्ता बनाया गया है। क्योंकि, बंधे से खनन वाली जगह की दूरी एक से दो किलोमीटर तक है, इस वजह से सीधे आने के चक्कर में खनन माफिया ने काटकर रास्ता बना दिया है।
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इन रास्तों का ही इस्तेमाल कर खनन के ट्रक, ट्रैक्टर ट्राली सीधे हाइवे पर आ जाते हैं और फिर उनकी रफ्तार हादसे की वजह बनती है। बरसात के समय में हादसे बढ़ने की आशंका भी बढ़ जाती है। क्योंकि तेज बारिश होने के बाद पानी के साथ ही मिट्टी बहकर सड़क पर आ जाती है।
बरसात बंद होने पर वह कीचड़ में बदलकर फिसलन का कारण बनती है, जिस वजह से हादसे होते हैं। सबसे बड़ी बात यह कि जिम्मेदार इस पर ध्यान नहीं देते हैं और हादसा होने के बार कार चालक की गलती निकालकर जांच की फाइल को बंद कर दी जाती है।
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केस एक
10 जुलाई 2022: कैंट इलाके के दो व्यापारी के बेटों अंकित अग्रवाल और अभिषेक अग्रवाल गीडा के बरहुआ के पास सड़क हादसे में मौत हो गई थी। दोनों अपने एक अन्य साथी के साथ गीडा स्थित एक रेस्टोरेंट से पार्टी कर लौट रहे थे। रास्ते में सहजनवा-गोरखपुर मार्ग पर बरहुआं गांव के यादव टोला के सामने सड़क के किनारे सड़क पर मिट्टी से कार फिसली और फिर सड़क किनारे ईंट के टुकड़ों के ढेर में घुस गई थी। गाड़ी की स्पीड तेज होने के कारण वह पटल गई और दो युवकों की जान चली गई थी।
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केस दो
07 जून 2021: गीडा के बरहुआ के पास ही मिट्टी से फिसलकर बाइक सवार रुस्तमपुर के जावेद की मौत हो गई थी। वह बाइक पर संतकबीरनगर से लौट रहे थे। रास्ते में सड़क पर ही गिली मिट्टी की वजह से अचानक ब्रेक मारे और बाइक फिसल गई। हादसे में सिर पर गंभीर चोट आने पर पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया था, लेकिन उनकी मौत हो गई थी। उनके गिरने के बाद ही पीछे से आ रहे कार सवार भी अचानक ब्रेक लगाने पर चोटिल हो गए थे। हालांकि, उन्हें गंभीर चोट नहीं आई थी।
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केस दो
07 जून 2021: गीडा के बरहुआ के पास ही मिट्टी से फिसलकर बाइक सवार रुस्तमपुर के जावेद की मौत हो गई थी। वह बाइक पर संतकबीरनगर से लौट रहे थे। रास्ते में सड़क पर ही गिली मिट्टी की वजह से अचानक ब्रेक मारे और बाइक फिसल गई। हादसे में सिर पर गंभीर चोट आने पर पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया था, लेकिन उनकी मौत हो गई थी। उनके गिरने के बाद ही पीछे से आ रहे कार सवार भी अचानक ब्रेक लगाने पर चोटिल हो गए थे। हालांकि, उन्हें गंभीर चोट नहीं आई थी।