गोरखपुर: जिला अस्पताल में होंगी माइक्रोबायोलॉजी की जांचें, भेजा गया प्रस्ताव
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ अंबुज श्रीवास्तव ने बताया कि प्रस्ताव भेज दिया गया है। जिला अस्पताल के पास लैब है, उसमें कुछ जरूरी मशीनें आ जाएंगी। इसके बाद कल्चर सहित अन्य गंभीर जांच हो सकेंगी। अब तक इन जांचों के लिए नमूने बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजने पड़ते थे।
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गोरखपुर जिला अस्पताल में अब माइक्रोबायोलॉजी की जांचें भी हो सकेंगी। इससे संक्रामक बीमारियों का पता आसानी से लगाया जा सकेगा। जिला अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में पनपने वाले बैक्टीरिया की भी जांच होगी। अब तक इन जांचों के लिए जिला अस्पताल को बीआरडी मेडिकल कॉलेज सैंपल भेजना पड़ता था। अस्पताल प्रशासन ने माइक्रोबायोलॉजिस्ट की तैनाती के बाद लैब का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है।
जानकारी के मुताबिक, जिला अस्पताल में प्रतिदिन दो हजार के आसपास मरीज ओपीडी में इलाज के लिए आते हैं। इन मरीजों में ऐसे 30 फीसदी मरीजों की कल्चर टेस्ट समेत ब्लड जांच के लिए डॉक्टर लिखते हैं। लेकिन, यह जांचें जिला अस्पताल में न होने की वजह से मरीजों को बीआरडी या फिर निजी पैथालॉजी में जांच करानी पड़ती है। इसे देखते हुए शासन ने जिला अस्पताल में माइक्रोबायोलॉजिस्ट की तैनाती कर दी है।
यह सुविधा शुरू होने से गंभीर मरीजों के इलाज में आसानी होगी। संक्रमित मरीजों में बीमारी का पता लग सकेगा। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ अंबुज श्रीवास्तव ने बताया कि प्रस्ताव भेज दिया गया है। जिला अस्पताल के पास लैब है, उसमें कुछ जरूरी मशीनें आ जाएंगी। इसके बाद कल्चर सहित अन्य गंभीर जांच हो सकेंगी। अब तक इन जांचों के लिए नमूने बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजने पड़ते थे।
ये जांचें हो सकेंगी
माइक्रोबायोलॉजी से संबंधित जांचों में कल्चर टेस्ट, ब्लड और यूरीन कल्चर किया जा सकेगा। शरीर के कोशिकाओं की जांच भी हो सकेगी। यदि मरीज के शरीर में पस (मवाद) पड़ गया है और दवाओं से ठीक नहीं हो रहा है तो टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर तय कर पाएंगे कि कौन सी दवा मरीज के लिए ज्यादा फायदेमंद रहेगी।