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Gorakhpur News: पैडलेगंज में फिर लगाई जाली, बारिश में 12 वार्डों में जलभराव का खतरा
Sun, 30 Aug 2026 02:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sun, 30 Aug 2026 02:29 AM IST
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गोरखपुर। पैडलेगंज में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की ओर से जलनिकासी स्थल पर दोबारा जाली लगाए जाने से आसपास के करीब दर्जनभर वार्डों में बारिश के दौरान जलभराव का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय पार्षदों का कहना है कि पैडलेगंज से बेतियाहाता, शास्त्रीनगर, रुस्तमपुर, दाउदपुर, बिलंदपुर, कालेपुर, तुर्कमानपुर, रायगंज और घंटाघर समेत कई वार्डों के पानी की निकासी होती है।
जाली लगने के कारण बारिश के दौरान पानी का बहाव बाधित होने की आशंका है। स्थानीय पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी, रविंद्र सिंह और रितेश सिंह बब्बू का कहना है कि बारिश के दौरान जाली लगी होने से पानी की निकासी बाधित होती है और आसपास के कई वार्डों में जलभराव हो जाता है। कई बार लोगों के घरों में भी पानी घुस जाता है। ऐसी स्थिति में पार्षदों को मौके पर पहुंचकर जाली हटवानी पड़ती है तब जाकर जल निकासी सुचारु हो पाती है।
पार्षदों ने कहा कि यदि जीडीए का उद्देश्य ताल की स्वच्छता बनाए रखने के साथ बेहतर जल निकासी सुनिश्चित करना है तो जाली को मुख्य जल निकासी स्थल के बजाय आगे लगाया जाना चाहिए। करीब 100 मीटर आगे जाली लगाने से ताल में जाने वाले कूड़ा-कचरा और गंदगी को रोका जा सकता है और बारिश के पानी के बहाव पर भी असर नहीं पड़ेगा। इससे करीब 12 वार्डों में जलभराव और लोगों के घरों में पानी घुसने की समस्या से भी बचा जा सकेगा।
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पार्षदों ने जीडीए अधिकारियों से तत्काल जाली हटवाने और बारिश के दौरान जल निकासी व्यवस्था सुचारु रखने की मांग की है।
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जाली लगने के कारण बारिश के दौरान पानी का बहाव बाधित होने की आशंका है। स्थानीय पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी, रविंद्र सिंह और रितेश सिंह बब्बू का कहना है कि बारिश के दौरान जाली लगी होने से पानी की निकासी बाधित होती है और आसपास के कई वार्डों में जलभराव हो जाता है। कई बार लोगों के घरों में भी पानी घुस जाता है। ऐसी स्थिति में पार्षदों को मौके पर पहुंचकर जाली हटवानी पड़ती है तब जाकर जल निकासी सुचारु हो पाती है।
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पार्षदों ने कहा कि यदि जीडीए का उद्देश्य ताल की स्वच्छता बनाए रखने के साथ बेहतर जल निकासी सुनिश्चित करना है तो जाली को मुख्य जल निकासी स्थल के बजाय आगे लगाया जाना चाहिए। करीब 100 मीटर आगे जाली लगाने से ताल में जाने वाले कूड़ा-कचरा और गंदगी को रोका जा सकता है और बारिश के पानी के बहाव पर भी असर नहीं पड़ेगा। इससे करीब 12 वार्डों में जलभराव और लोगों के घरों में पानी घुसने की समस्या से भी बचा जा सकेगा।
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पार्षदों ने जीडीए अधिकारियों से तत्काल जाली हटवाने और बारिश के दौरान जल निकासी व्यवस्था सुचारु रखने की मांग की है।