गोरखपुर: कोरोना संक्रमितों के घर नहीं पहुंच रहीं दवाइयां, कोविड कमांड सेंटर में आ रहे हैं मरीजों के फोन
जिला प्रशासन के इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर में आ रहे हैं अधिकतर मरीजों के फोन, 15-18 साल तक के किशोरों को लगने वाले टीके के बारे में भी जानकारी ले रहे लोग।
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कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच संक्रमितों के घर दवाइयां और डॉक्टर नहीं पहुंच रहे हैं। इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर पर फोन करके कई संक्रमित दवाइयों की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा किशोरों के टीकाकरण से संबंधित जानकारी भी ले रहे हैं। संक्रमितों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग केवल फोन पर मरीजों का हाल पूछ रहा है, दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, जिला प्रशासन की ओर से कलेक्ट्रेट सभागार में इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर बनाया गया है। मरीजों की सहायता और उनकी सुविधा के लिए कई नंबर जारी किए गए हैं। इन नंबरों पर अधिकतर संक्रमितों के फोन आ रहे हैं। संक्रमित फोन पर दवाइयों की मांग कर रहे हैं।
पिछले तीन दिनों में आठ से 10 फोन आ चुके हैं। इसकी जानकारी कंमाड सेंटर की ओर से स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा किशोरों के टीकाकरण को लेकर भी उत्साह है। प्रतिदिन 30 से 40 अभिभावक फोन पर बूथों की जानकारी ले रहे हैं। 15 से 20 फोन ऐसे आ रहे हैं, जो ओमिक्रॉन के बारे में जानकारी ले रहे हैं।
दूसरी डोज के लिए किया जा रहा फोन
इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर की नोडल अधिकारी सुनीता पटेल ने बताया कि हर दिन करीब एक हजार से अधिक लोगों को दूसरी डोज के लिए फोन किया जा रहा है। अब तक 354 शिकायतें मिली हैं, जिनका निस्तारण किया जा चुका है। प्रतिदिन संक्रमितों को फोन करके उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली जा रही है। उन्हें बेड और अस्पताल के बारे में भी बताया जा रहा है।
कोविड जांच प्रभारी डॉ एके सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें संक्रमितों के घर पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ले रही हैं। निगरानी समितियों को एक्टिव किया गया है। इन्हें दवाइयां भी दी गई हैं। जिन संक्रमितों के घर दवाइयां नहीं पहुंची हैं, उन्हें दवाइयां हर हाल में उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही उनके संपर्क में आने वाले लोगों की जांच भी की जाएगी।