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Gorakhpur LockDown: मनौती पूरा होने पर पहुंचे थे बुढ़िया माता मंदिर, लॉकडाउन के बाद अब ऐसे बीता रहे दिन
Sat, 28 Mar 2020 01:24 PM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 28 Mar 2020 01:24 PM IST
सार
- मनौती पूरा होने पर बुढ़िया माता मंदिर घंटा बांधने के कार्यक्रम में शामिल होने आए थे
- लॉकडाउन की वजह से गरीब रिश्तेदार के यहां हैं, खाने-पीने की हो रही दिक्कत
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वनटांगिया में असीम के घर फंसे संतकबीर नगर व बस्ती के लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के खोराबार के वनटांगिया आमबाग नर्सरी निवासी असीम के घर पर संतकबीरनगर व बस्ती के 15 लोग लॉकडाउन की वजह से फंसे हुए हैं। बीते 21 मार्च को ये सभी असीम की पौत्री के जन्म की मनौती पूरी होने पर बुढ़िया माता मंदिर पर आयोजित घंटा बांधने के कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। लेकिन जनता कर्फ्यू और लॉकडाउन की वजह से घर वापस नहीं जा पाए।
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फिलहाल ये सभी असीम के इंदिरा आवास में ही रहने को मजबूर हैं। असीम के घर में पहले से उनके सात सदस्य हैं। उपर से ये पंद्रह लोग, लिहाजा सभी के सामने खाने का संकट आ गया। असीम ने ग्राम प्रधान मुन्ना सिंह से गुहार लगाई तो उन्होंने चालीस किलो अनाज और कुछ आर्थिक मदद की, लेकिन वो भी नाकाफी है।
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उधर प्रधान ने इसकी सूचना डीएम को भी दी है। डीएम के निर्देश के बाद लेखपाल सहित अन्य कर्मचारी असीम के घर पहुंचे और जानकारी जुटाई। प्रधान ने शनिवार को दुबारा डीएम से फोन पर बात की तो उन्होंने पास की अनुमति के लिए लिखित पत्र देने को कहा है।
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जानकारी के अनुसार आमबाग निवासी असीम मजदूरी करते हैं। उसके घर में सात सदस्य हैं। उन्होंने पौत्री के लिए बुढिया माता मंदिर में मन्नत मांगी थी। बीस फरवरी को पौत्री का जन्म हुआ। जिसके बाद उन्होंने मन्नत पूरा होने की खुशी में बुढ़िया माता मंदिर में घंटा बांधने का कार्यक्रम रखा था।
उसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बीते 21 मार्च को संतकबीरनगर व बस्ती के 15 रिश्तेदार आए थे। रिश्तेदारों में अधिकांश महिला और बच्चे हैं। इस दौरान जनता कर्फ्यू और लॉकडाउन की वजह से सभी लोग वापस नहीं जा पाए। ये सभी असीम के इंदिरा आवास के छोटे से मकान में रहने को मजबूर है। मजदूरी बंद होने से असीम के लिए अपने परिवार के सदस्यों और सभी रिश्तेदारों का पेट भरना मुश्किल हो गया।है।