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गोरखपुर मंडल के कई लोग फंसे- ईरान के हमले के बाद कतर में इमरजेंसी, दुबई में मिसाइलें देख बढ़ी चिंता
Sun, 01 Mar 2026 02:18 PM IST
Rohit Singh
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: Rohit Singh
Updated Sun, 01 Mar 2026 02:18 PM IST
सार
कतर में काम करने वाले उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, बस्ती और देवरिया के सैकड़ों लोग इस संकट के बीच फंसे हुए हैं। ये लोग मुख्य रूप से निर्माण कंपनियों, होटल, मॉल और छोटी प्राइवेट फर्मों में काम करते हैं। हमले की खबर मिलते ही कई कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को तुरंत ऑफिस न आने का मैसेज भेज दिया। कुछ दफ्तरों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है।
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दुबई का फरहान और मोमिन अशरफ
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
इजराइल-ईरान के बीच शुरू हुए युद्ध और ईरान के अमेरिकी बेसों पर हमले के बाद में अचानक खाड़ी देशों के हालात बदल गए। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कुवैत, कतर, ओमान और बहरीन में हमले के बाद कई इलाकों में इमरजेंसी जैसे हालात बन गए हैं।
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सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं, कई दफ्तर अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं और लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई है। सड़कों पर सामान्य दिनों जैसी रौनक नहीं है बल्कि हर चेहरे पर अनिश्चितता और डर साफ दिखाई दे रहा है। वहीं, दुबई में धमाकों के बाद भी दफ्तरों में लोग काम करते रहे और पैनिक हालात नहीं हैं।
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कतर में काम करने वाले उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, बस्ती और देवरिया के सैकड़ों लोग इस संकट के बीच फंसे हुए हैं। ये लोग मुख्य रूप से निर्माण कंपनियों, होटल, मॉल और छोटी प्राइवेट फर्मों में काम करते हैं। हमले की खबर मिलते ही कई कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को तुरंत ऑफिस न आने का मैसेज भेज दिया।
कुछ दफ्तरों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है।बस्ती के रहने वाले मोमिन अशरफ जोकि कंस्ट्रक्शन की फर्म में इंजीनियर के तौर पर तैनात हैं, उन्होंने फोन पर बताया, सुबह जब हम काम के लिए निकलने की तैयारी कर रहे थे, तब ऐसा कोई माहौल नहीं था। ऑफिस पहुंचकर काम शुरू किया।
कुछ दफ्तरों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है।बस्ती के रहने वाले मोमिन अशरफ जोकि कंस्ट्रक्शन की फर्म में इंजीनियर के तौर पर तैनात हैं, उन्होंने फोन पर बताया, सुबह जब हम काम के लिए निकलने की तैयारी कर रहे थे, तब ऐसा कोई माहौल नहीं था। ऑफिस पहुंचकर काम शुरू किया।
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वहां के दोपहर करीब 12 बजे यानी भारतीय समयानुसार करीब ढाई बजे मोबाइल पर अलर्ट आया। थोड़ी देर बाद कंपनी की ओर से मैसेज मिला कि सभी लोग घर पर ही रहें। बाहर सायरन की आवाजें सुनाई दे रही थीं। पहली बार ऐसा लगा कि हम किसी जंग के माहौल में हैं।
बाहर निकले तो देखा कि ऊपर से मिजाइलें जाती नजर आ रहीं थीं। बाहर अफरा-तफरी का माहौल था। किसी तरह बच-बचाकर घर पहुंचे।गोरखपुर के रहने वाले मोहम्मद हमजा ने बताया कि हमले की खबर के बाद सुपरमार्केट में भीड़ बढ़ गई। लोग जरूरी सामान जैसे पानी, दूध और खाने-पीने की चीजें खरीदने लगे।
बाहर निकले तो देखा कि ऊपर से मिजाइलें जाती नजर आ रहीं थीं। बाहर अफरा-तफरी का माहौल था। किसी तरह बच-बचाकर घर पहुंचे।गोरखपुर के रहने वाले मोहम्मद हमजा ने बताया कि हमले की खबर के बाद सुपरमार्केट में भीड़ बढ़ गई। लोग जरूरी सामान जैसे पानी, दूध और खाने-पीने की चीजें खरीदने लगे।
हम भी एहतियात के तौर पर दो-तीन दिन का राशन ले आए हैं। अभी हालात काबू में बताए जा रहे हैं, लेकिन डर तो बना ही हुआ है। उन्होंने बताया कि पेट्रोल पंप पर भी अचानक भीड़ बढ़ गई है और लोग वहां कतारें लगाकर खड़े हैं।उनके इलाके में सुरक्षा बलों की गश्त बढ़ा दी गई है।
हर चौराहे पर पुलिस और सेना के वाहन दिख रहे हैं। हमारे रूम के पास भी रात भर हलचल रही। कंपनी ने कहा है कि जब तक हालात सामान्य नहीं होते, तब तक वर्क फ्रॉम होम या छुट्टी पर रहें।
हर चौराहे पर पुलिस और सेना के वाहन दिख रहे हैं। हमारे रूम के पास भी रात भर हलचल रही। कंपनी ने कहा है कि जब तक हालात सामान्य नहीं होते, तब तक वर्क फ्रॉम होम या छुट्टी पर रहें।