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गोरखपुर: मंदिरों से निकले फूल और होटल वेस्ट से भी बनेगी खाद, नगर निगम करेगा करार
Thu, 18 Nov 2021 12:41 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 18 Nov 2021 12:41 PM IST
सार
नगर आयुक्त अविनाश सिंह के मुताबिक शहर के विभिन्न इलाकों में काफी संख्या में मंदिर हैं। इन मंदिरों में रोजाना सैकड़ों क्विंटल फूल और मालाएं भगवान को अर्पित की जाती हैं। बाद में इन फूलों और मालाओं को कूड़े के ढेर में फेंक दिया जाता है।
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गोरखपुर नगर निगम।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
गोरखपुर शहर के मंदिरों में चढ़ाए जाने वाले फूल-मालाओं के अलावा शहर के होटल और रेस्टोरेंट से निकलने वाले किचन वेस्ट से नगर निगम खाद बनाएगा। नगर निगम व अमर उजाला फाउंडेशन की अनूठी मुहिम के तहत नगर निगम शहर के पांचों जोन के दो-दो मंदिरों और दो-दो होटलों या रेस्टोरेंट के साथ करार करने जा रहा है। इससे पहले शहर की दस बहुमंजिली इमारतों के किचन वेस्ट से खाद बनाने की शुरुआती औपचारिकता पूरी की गई है।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह के मुताबिक शहर के विभिन्न इलाकों में काफी संख्या में मंदिर हैं। इन मंदिरों में रोजाना सैकड़ों क्विंटल फूल और मालाएं भगवान को अर्पित की जाती हैं। बाद में इन फूलों और मालाओं को कूड़े के ढेर में फेंक दिया जाता है। जबकि, इन फूल-मालाओं से न सिर्फ काफी बेहतर खाद बनाई जा सकती है, बल्कि इनसे अगरबत्ती भी बनाई जा सकती हैं। करीब-करीब यही हाल शहर के होटल और रेस्टोरेंट से निकलने वाले किचन वेस्ट का भी है। इन्हें भी कूड़े के ढेर में ऐसे ही डाल दिया जाता है, जबकि यह गीला कूड़ा खाद बनाने के काफी काम आ सकता है। इसी को देखते हुए नगर निगम शहर के प्रमुख मंदिरों के अलावा होटल और रेस्टोरेंट से करार कर रहा है।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने बताया कि शहर से निकलने वाले गीले कूड़े को स्रोत स्थल पर ही अलग करके इसका बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं मंदिरों से निकलने वाले फूल-मालाओं से काफी संख्या में अगरबत्ती या धूप बनाई जा सकती है। इनसे काफी अच्छी खाद भी बनाई जा सकती है। अब मंदिरों से निकलने वाले फूल और मालाओं से खाद बनाई जाएगी। बाद में इनसे अगरबत्ती बनाने का काम शुरू किया जाएगा। होटल और रेस्टोरेंट से निकलने वाले गीले कूड़े का इस्तेमाल खाद बनाने में किया जाएगा। इसी क्रम में नगर निगम मंदिरों के अलावा होटल एवं रेस्टोरेंट से करार करने जा रहा है।
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इन मंदिरों से होगा करार
महादेव झारखंडी मंदिर, गीता वाटिका शाहपुर, बेतियाहाता हनुमान मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर देवरिया बाईपास, काली मंदिर गोलघर, रविदास मंदिर रमदत्तपुर, गोरखनाथ मंदिर, मानसरोवर मंदिर, अंधियारीबाग विष्णु मंदिर, असुरन चौक दुर्गा मंदिर
इन होटलों और रेस्टोरेंट से होगा करार
अवंतिका होटल मोहद्दीपुर, रेडिसन ब्लू होटल मोहद्दीपुर, विजेता होटल नौसड़, मारवाड़ी होटल गीता प्रेस रोड, शिवाय होटल टाउन हॉल, प्रेसिडेंट होटल गोलघर, चाचा जी रेस्टोरेंट गोरखनाथ मंदिर, चैतदीप पैलेस होटल गोरखनाथ ओवरब्रिज, एसएस पैलेस होटल शाहपुर, बुच्चा बुच्ची रेस्टोरेंट एचएन सिंह चौक।
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नगर आयुक्त अविनाश सिंह के मुताबिक शहर के विभिन्न इलाकों में काफी संख्या में मंदिर हैं। इन मंदिरों में रोजाना सैकड़ों क्विंटल फूल और मालाएं भगवान को अर्पित की जाती हैं। बाद में इन फूलों और मालाओं को कूड़े के ढेर में फेंक दिया जाता है। जबकि, इन फूल-मालाओं से न सिर्फ काफी बेहतर खाद बनाई जा सकती है, बल्कि इनसे अगरबत्ती भी बनाई जा सकती हैं। करीब-करीब यही हाल शहर के होटल और रेस्टोरेंट से निकलने वाले किचन वेस्ट का भी है। इन्हें भी कूड़े के ढेर में ऐसे ही डाल दिया जाता है, जबकि यह गीला कूड़ा खाद बनाने के काफी काम आ सकता है। इसी को देखते हुए नगर निगम शहर के प्रमुख मंदिरों के अलावा होटल और रेस्टोरेंट से करार कर रहा है।
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नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने बताया कि शहर से निकलने वाले गीले कूड़े को स्रोत स्थल पर ही अलग करके इसका बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं मंदिरों से निकलने वाले फूल-मालाओं से काफी संख्या में अगरबत्ती या धूप बनाई जा सकती है। इनसे काफी अच्छी खाद भी बनाई जा सकती है। अब मंदिरों से निकलने वाले फूल और मालाओं से खाद बनाई जाएगी। बाद में इनसे अगरबत्ती बनाने का काम शुरू किया जाएगा। होटल और रेस्टोरेंट से निकलने वाले गीले कूड़े का इस्तेमाल खाद बनाने में किया जाएगा। इसी क्रम में नगर निगम मंदिरों के अलावा होटल एवं रेस्टोरेंट से करार करने जा रहा है।
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इन मंदिरों से होगा करार
महादेव झारखंडी मंदिर, गीता वाटिका शाहपुर, बेतियाहाता हनुमान मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर देवरिया बाईपास, काली मंदिर गोलघर, रविदास मंदिर रमदत्तपुर, गोरखनाथ मंदिर, मानसरोवर मंदिर, अंधियारीबाग विष्णु मंदिर, असुरन चौक दुर्गा मंदिर
इन होटलों और रेस्टोरेंट से होगा करार
अवंतिका होटल मोहद्दीपुर, रेडिसन ब्लू होटल मोहद्दीपुर, विजेता होटल नौसड़, मारवाड़ी होटल गीता प्रेस रोड, शिवाय होटल टाउन हॉल, प्रेसिडेंट होटल गोलघर, चाचा जी रेस्टोरेंट गोरखनाथ मंदिर, चैतदीप पैलेस होटल गोरखनाथ ओवरब्रिज, एसएस पैलेस होटल शाहपुर, बुच्चा बुच्ची रेस्टोरेंट एचएन सिंह चौक।