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Gorakhpur News: लारेंस बिश्नोई गैंग को भी असलहा सप्लाई करता था मनीष यादव

Fri, 27 Mar 2026 02:58 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 27 Mar 2026 02:58 AM IST
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Manish Yadav also supplied weapons to Lawrence Bishnoi gang
लारेंस बिश्नोई गैंग को भी असलहा सप्लाई करता था मनीष यादव
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सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से भी जुड़े थे तार, एसटीएफ ने किया था गिरफ्तार
इंदौर में करता था असलहा सप्लाई, 2024 में हुई थी गिरफ्तारी, जमानत पर छूटने के बाद दोबारा सक्रिय
गोरखपुर। बरगदवा में प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार चौहान की हत्या में असलहा सप्लाई करने का आरोपी मनीष कुमार यादव लारेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा पाया गया है। जांच में पता चला कि मनीष यादव गैंग का सक्रिय गुर्गा रहा है। वह शशांक पांडेय के माध्यम से लारेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा था। पूछताछ में यह भी पता चला कि मनीष यादव के तार सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से भी जुड़ा था।

एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र कुमार के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया कि मनीष यादव इंदौर, मध्य प्रदेश में रहकर गैंग को असलहा सप्लाई करता था। उसका नाम पहली बार 2024 में आया, जब उसे चिलुआताल इलाके के बरगदवा में रामलीला मैदान के पास से गिरफ्तार किया गया। मनीष यादव पर आरोप था कि वह लारेंस बिश्नोई गैंग के लिए असलहा मुहैया कराता था। गिरफ्तारी के बाद वह जेल गया लेकिन जमानत पर छूटने के बाद दोबारा असलहा सप्लाई करने लगा।
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मनीष की गतिविधियों से जुड़े कई मामले और गैंग के अन्य गुर्गे भी जांच के दायरे में हैं। यह पहली बार है जब मनीष का नाम मूसेवाला हत्याकांड में सामने आया। जांच में पता चला कि मनीष यादव कैंट इलाके के सिंघड़िया निवासी शशांक पांडेय के संपर्क में था। शशांक पहले अंबाला जेल में बंद था, जहां उसकी मुलाकात विक्की लाला से हुई। विक्की भी लारेंस बिश्नोई गैंग का सक्रिय गुर्गा है। जेल से छूटने के बाद शशांक गैंग में शामिल हो गया। उसके माध्यम से मनीष भी गैंग से जुड़ गया। इसके बाद यह नेटवर्क इंदौर से असलहा सप्लाई करने लगा।
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रंगदारी और फायरिंग की वारदात में भी शशांक के साथ सप्लाई की थी पिस्टल
अप्रैल 2023 में अंबाला में मखन सिंह से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई। लारेंस बिश्नोई के चचेरे भाई अनमोल बिश्नोई ने रंगदारी मांगी थी। रकम न मिलने पर उसके घर पर फायरिंग करवाई गई। फायरिंग के लिए विक्की लाला, शशांक पांडेय और मनीष कुमार यादव ने पिस्टल सप्लाई की थी। 10 मई 2024 को एसटीएफ अंबाला और एसटीएफ गोरखपुर को सूचना मिली कि मनीष बरगदवा, गोरखपुर में मौजूद है। दोनों टीमों ने संयुक्त कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया। हाल ही में जमानत पर बाहर आने के बाद वह फिर से सक्रिय हो गया था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि वह असलहा कहां से ला रहा था।


29 अप्रैल, 2022 को हुई थी मूसेवाला की गोली मारकर हत्या
29 अप्रैल, 2022 को मूसेवाला की गोली मारकर हत्या हुई। ऐसे में पंजाब पुलिस को शक था कि मूसेवाला हत्याकांड में शशांक भी शामिल हो सकता है। या फिर शशांक के दिए हुए असलहों से ही मूसेवाला की हत्या हुई होगी। पंजाब पुलिस के कहने पर जब उस वक्त गोरखपुर की कैंट पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि शशांक 21 जून, 2022 को आखिरी बार अपने दोस्तों से मिलने यहां आया था। वह मालवीय नगर में रहने वाले अपने दोस्त के घर रुका था। वहां शशांक ने उस दिन पार्टी भी की थी। उन दोस्तों ने पुलिस को बताया था कि गोरखपुर आने के बाद वह काफी रुपये खर्च करता था लेकिन किसी को यह खबर नहीं थी कि वह लारेंस बिश्नोई गैंग के लिए काम करता है।

पॉलिटेक्निक करने मथुरा चला गया था शशांक

शशांक पांडेय मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण के मैनाटारह में चुठहा गांव का रहने वाला है। उसके पिता नित्यानंद पांडेय 10 साल पहले नौकरी की तलाश में परिवार के साथ गोरखपुर आए थे। सिंघड़िया में बंद हो चुकी नमकीन फैक्टरी को उन्होंने खरीद लिया। छह साल पहले नित्यानंद की मौत हो गई। पिता की मौत के बाद शशांक की मां वापस गांव पश्चिम चंपारण चली गईं। यहां उसके घर पर तभी से ताला बंद रहता था लेकिन करीब 10 महीने पहले मां ने गोरखपुर का घर एक यादव परिवार को बेच दिया। सूत्रों के मुताबिक, शशांक इंटर के बाद पॉलिटेक्निक की पढ़ाई करने मथुरा चला गया। उसकी मां कमरा छोड़कर अपने गांव चली गई। तीन भाइयों में सबसे बड़ा विवेक विदेश रहता है। दूसरे नंबर का भाई राहुल बस्ती जिले में ठेकेदारी करता है। वर्तमान में उस मकान को एक यादव परिवार ने खरीद लिया है।
शशांक और उसके तीन साथी अंबाला में हुए थे गिरफ्तार
अंबाला पुलिस ने 24 जुलाई, 2022 को शशांक और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार किया था। उसके तीनों साथी अंबाला छावनी के बब्याल के रहने वाले हैं। उनके पास से पुलिस को कई असलहे और कारतूस भी मिले थे। शशांक बिहार के मुंगेर से तस्करी कर असलहों की सप्लाई करता था। उसने अंबाला पुलिस के सामने ये बातें कबूल की हैं।

मूसेवाला की हत्या के लिए यूपी से गई थी एके-47
एनआईए ने मूसेवाला हत्याकांड में जब यूपी सहित उत्तराखंड, दिल्ली और पंजाब के कनेक्शन खंगाला तो पता चला कि हत्या के लिए एके-47 जैसे हथियार यूपी के बुलंदशहर से खरीदी गई थी। ऐसे में उसी वक्त एनआईए को यह शक था कि मूसेवाला की हत्या के लिए एके-47 शशांक ने दी होगी। राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) की एक टीम गोरखपुर पहुंची थी। एनआईए ने शॉर्प शूटर शशांक पांडेय की क्राइम कुंडली खंगाली थी। पंजाबी सिंगर और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के कुछ दिनों बाद ही शशांक अंबाला में असलहों के साथ पकड़ा गया था। उस वक्त भी पंजाब पुलिस ने गोरखपुर पुलिस से शशांक की हर गतिविधि की जानकारी मांगी थी।
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