मनीष गुप्ता हत्याकांड: साक्ष्य मिटाने को तो नहीं कराई गई थी होटल की सफाई, एडीजी ने दिए जांच के आदेश
एडीजी अखिल कुमार ने कहा कि होटल में सफाई अगर हुई तो क्यों, इसकी जांच की जाएगी। सीसीटीवी कैमरे की मदद से पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विस्तार
सोमवार रात में तत्कालीन रामगढ़ताल इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह, फलमंडी चौकी इंचार्ज अक्षय मिश्रा समेत छह पुलिस वाले चेकिंग के लिए उनके कमरे में पहुंचे थे। इस दौरान मनीष ने पूछ लिया था कि आतंकवादी की तरह व्यवहार क्यों कर रहे हैं? आरोप है कि इसी बात पर पुलिस वालों ने उनकी पिटाई की थी, जिससे मनीष की मौत हो गई। अगले दिन मंगलवार को पत्नी मेडिकल कॉलेज पहुंची थीं और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़ा कर न्याय की गुहार लगाई थी।
पुलिस की मौजूदगी में मिटाए गए साक्ष्य
दूसरी तरफ होटल में साक्ष्य को मिटाया जा रहा था। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में होटल के उस कमरे से खून व अन्य साक्ष्य को मिटा दिया गया था। मंगलवार शाम में जब पत्नी मीनाक्षी होटल पहुंची थीं तो उन्होंने भी यही सवाल किया था और जांच की मांग की थी। अब मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
तकिये के नीचे तौलिया छूटा या छोड़ा गया?
मामला हाई प्रोफाइल होने पर मुख्यमंत्री के दखल के बाद हरकत में आई पुलिस फोरेंसिक टीम के साथ सफाई होने के बाद होटल के कमरे में पहुंची। इस दौरान फोरेंसिक टीम को बेड के नीचे खून से सना एक तौलिया मिला। बताया जा रहा है कि इसी तौलिये से मनीष के खून को पोंछा गया था। सवाल यह है कि सफाई के दौरान तौलिया, शराब की बोतल, सिगरेट के डिब्बे को छोड़ा गया था या छूट गया था?
एडीजी अखिल कुमार ने बताया कि पूरे प्रकरण की पुलिस गहराई से जांच कर रही है। होटल में सफाई अगर हुई तो क्यों, इसकी जांच की जाएगी। सीसीटीवी कैमरे की मदद से पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस को निर्देशित किया गया है कि वह हर बिंदु पर निष्पक्ष तरीके से जांच करे।