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Gorakhpur News: जन्म-मृत्यु पंजीकरण के नए नियम लागू, देरी पर देना होगा शुल्क
Sun, 21 Jun 2026 01:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sun, 21 Jun 2026 01:46 AM IST
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गोरखपुर। प्रदेश सरकार ने जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण प्रणाली को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए नई नियमावली लागू कर दी है। उत्तर प्रदेश जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण नियमावली-2026 के तहत अब जन्म, मृत्यु और मृत-जन्म की सूचना संबंधित प्राधिकारी को घटना के 21 दिनों के भीतर देना अनिवार्य कर दिया गया है। यह व्यवस्था राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही प्रभावी हो गई है।
नई नियमावली में विलंब से पंजीकरण कराने वालों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किए गए हैं। यदि निर्धारित 21 दिन की अवधि बीत जाने के बाद 30 दिन के भीतर पंजीकरण कराया जाता है तो 20 रुपये शुल्क देना होगा। 30 दिन से अधिक और एक वर्ष तक की देरी होने पर सक्षम अधिकारी की अनुमति के साथ 50 रुपये शुल्क जमा करना होगा। वहीं, एक वर्ष से ज्यादा समय बीत जाने पर एसडीएम, जिलाधिकारी या अधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट की स्वीकृति मिलने के बाद 100 रुपये शुल्क देकर पंजीकरण कराया जा सकेगा।
सरकार ने प्रमाणपत्रों में दर्ज होने वाले नामों को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जन्म प्रमाणपत्र में नाम प्रथम, मध्य एवं अंतिम नाम के रूप में दर्ज किया जाएगा और किसी भी प्रकार के संक्षिप्त या छोटे नाम को मान्यता नहीं मिलेगी। जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने के लिए 50 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। नियमावली में ऑनलाइन आवेदन, अभिलेखों के सुरक्षित संरक्षण, प्रमाणपत्र निर्गमन तथा रिकॉर्ड में त्रुटियों के संशोधन की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है।
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इस संबंध में अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार ने कहा कि सदन से अनुमोदन मिलने के बाद इसके अनुपालन की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। इसके साथ ही जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण नियमावली-2026 का शासनादेश जारी किया जाएगा।
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नई नियमावली में विलंब से पंजीकरण कराने वालों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किए गए हैं। यदि निर्धारित 21 दिन की अवधि बीत जाने के बाद 30 दिन के भीतर पंजीकरण कराया जाता है तो 20 रुपये शुल्क देना होगा। 30 दिन से अधिक और एक वर्ष तक की देरी होने पर सक्षम अधिकारी की अनुमति के साथ 50 रुपये शुल्क जमा करना होगा। वहीं, एक वर्ष से ज्यादा समय बीत जाने पर एसडीएम, जिलाधिकारी या अधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट की स्वीकृति मिलने के बाद 100 रुपये शुल्क देकर पंजीकरण कराया जा सकेगा।
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सरकार ने प्रमाणपत्रों में दर्ज होने वाले नामों को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जन्म प्रमाणपत्र में नाम प्रथम, मध्य एवं अंतिम नाम के रूप में दर्ज किया जाएगा और किसी भी प्रकार के संक्षिप्त या छोटे नाम को मान्यता नहीं मिलेगी। जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने के लिए 50 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। नियमावली में ऑनलाइन आवेदन, अभिलेखों के सुरक्षित संरक्षण, प्रमाणपत्र निर्गमन तथा रिकॉर्ड में त्रुटियों के संशोधन की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है।
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इस संबंध में अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार ने कहा कि सदन से अनुमोदन मिलने के बाद इसके अनुपालन की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। इसके साथ ही जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण नियमावली-2026 का शासनादेश जारी किया जाएगा।