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Gorakhpur: जालसाजी के आरोप में प्रबंधक व फील्ड अफसर गिरफ्तार, फर्जी बैंक खोलकर करते थे धोखाधड़ी
Wed, 07 Sep 2022 03:02 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 07 Sep 2022 03:02 PM IST
सार
इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपियों ने डॉ. विनय कृष्ण अग्रवाल से संपर्क कर उन्हें कंपनी के डायरेक्टर व चेयरमैन आदि से मिलवाकर कंपनी के प्लान के बारे में समझाकर यूनाइटेड इंडिया एग्रो को-ऑपरेटिव सोसायटी मेगा प्रोजेक्ट लिमिटेड में डॉ. विनय कृष्ण अग्रवाल, पत्नी व लड़के का लगभग 26 लाख रुपये जमा करवाया गया था।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
फर्जी बैंक खाता खोलकर जालसाजी करने के आरोपी प्रबंधक व फील्ड अफसर को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।
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पकड़े गए आरोपियों की पहचान पुरानी चकबंदी ऑफिस निवासी अजय वर्मा (प्रबंधक) व श्रवण (फील्ड अफसर) के रूप में हुई है। प्रभारी निरीक्षक मधुपनाथ मिश्र के मुताबिक, आरोपी पहले सहारा में एजेंट का काम करते थे। उस दौरान उनकी मुलाकात गोरखपुर मे यूनाइटेड इंडिया ग्रुप ऑफ कंपनीज के डायरेक्टर से हुई थी। डायरेक्टर ने दोनों को कंपनी का एजेंट नियुक्त कर कोड एलाट कर दिया।
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यह कोड कंपनी के सॉफ्टवेयर पर खुलता है। निदेशक ने अजय वर्मा के कार्य से प्रभावित होकर उन्हें प्रबंधक तथा श्रवण को फील्ड अफसर के पद पर प्रमोट कर दिया। पहले इस कंपनी का नाम यूनाइटेड इंडिया मेगा प्रोजेक्ट लिमिटेड था। बाद में इसी के साथ यूनाइटेड इंडिया एग्रो को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड व इसके बाद उन्होंने तीसरी कंपनी ट्रिनटी मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी लिमिटेड खोला।
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इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपियों ने डॉ. विनय कृष्ण अग्रवाल से संपर्क कर उन्हें कंपनी के डायरेक्टर व चेयरमैन आदि से मिलवाकर कंपनी के प्लान के बारे में समझाकर यूनाइटेड इंडिया एग्रो को-ऑपरेटिव सोसायटी मेगा प्रोजेक्ट लिमिटेड में डॉ. विनय कृष्ण अग्रवाल, पत्नी व लड़के का लगभग 26 लाख रुपये जमा करवाया गया था। जालसाजी की जानकारी होने पर केस दर्ज कर कार्रवाई की गई है।