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पुलिस की नौकरी पाने के लिए युवक ने चुनी गलत राह, ऐसे गवां दिए दो लाख रुपये
Fri, 28 Feb 2020 12:19 PM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 28 Feb 2020 12:19 PM IST
सार
- युवक की मां ने एसएसपी से मिलकर की शिकायत
- एसएसपी ने चौरीचौरा पुलिस को जांच कर कार्रवाई का दिया निर्देश
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job fraud
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चौरीचौरा इलाके के भौवापार निवासी अनिल कुमार ने गलत तरीके से पुलिस विभाग में सिपाही की नौकरी पाने के लालच में दो लाख रुपये गंवा दिए। अब नौकरी और रुपये दोनों न मिलने पर युवक की मां कौशल्या देवी ने बृहस्पतिवार को एसएसपी से मुलाकात कर शिकायत की। जिसके बाद एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता ने चौरीचौरा पुलिस को मामले की जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
एसएसपी को दिए गए लिखित शिकायती पत्र में कौशल्या देवी ने बताया कि उनका बेटा अनिल इलाके के एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षक है। उसके साथ इब्राहिमपुर निवासी एक युवती भी स्कूल में शिक्षिका थी। इस दौरान अनिल की मुलाकात उस युवती, उसकी बहन और बहन के पति से हुई। वर्ष 2018 में पुलिस विभाग के सिपाही भर्ती परीक्षा में बेटे अनिल ने फार्म भरा था।
आरोप है कि युवती, उसकी बहन व बहन के पति ने सिपाही की नौकरी दिलाने के लिए दो लाख रुपये एडवांस ले लिए और बोला कि एक लाख रुपये नौकरी मिलने के बाद देने होंगे। आरोप है कि इसके बाद बेटे के साथ पढ़ाने वाली युवती सिपाही की नौकरी पाकर ट्रेनिंग के लिए चली गई। जबकि उनके बेटे को नौकरी नहीं मिली। महिला का आरोप है कि आरोपित अब रुपये मांगने पर धमकी दे रहे हैं।
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वहीं महिला ने आरोप लगाया कि युवती ने हाईस्कूल की मार्कशीट में फर्जीवाड़ा कर नौकरी हासिल की थी। उसने वर्ष 2002 में दसवीं की परीक्षा जगदीशपुर के एक स्कूल से दी थी। वहीं उम्र कम कराने के लिए उसने दोबारा वर्ष 2016 में कुसम्ही बाजार स्थित एक कॉलेज से दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है। दोनों मार्कशीट में जन्मतिथि अलग-अलग है। उसने एसएसपी को बताया कि विभागीय जांच के बाद जब वह फंसने लगी तो नौकरी से त्यागपत्र दे दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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एसएसपी को दिए गए लिखित शिकायती पत्र में कौशल्या देवी ने बताया कि उनका बेटा अनिल इलाके के एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षक है। उसके साथ इब्राहिमपुर निवासी एक युवती भी स्कूल में शिक्षिका थी। इस दौरान अनिल की मुलाकात उस युवती, उसकी बहन और बहन के पति से हुई। वर्ष 2018 में पुलिस विभाग के सिपाही भर्ती परीक्षा में बेटे अनिल ने फार्म भरा था।
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आरोप है कि युवती, उसकी बहन व बहन के पति ने सिपाही की नौकरी दिलाने के लिए दो लाख रुपये एडवांस ले लिए और बोला कि एक लाख रुपये नौकरी मिलने के बाद देने होंगे। आरोप है कि इसके बाद बेटे के साथ पढ़ाने वाली युवती सिपाही की नौकरी पाकर ट्रेनिंग के लिए चली गई। जबकि उनके बेटे को नौकरी नहीं मिली। महिला का आरोप है कि आरोपित अब रुपये मांगने पर धमकी दे रहे हैं।
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वहीं महिला ने आरोप लगाया कि युवती ने हाईस्कूल की मार्कशीट में फर्जीवाड़ा कर नौकरी हासिल की थी। उसने वर्ष 2002 में दसवीं की परीक्षा जगदीशपुर के एक स्कूल से दी थी। वहीं उम्र कम कराने के लिए उसने दोबारा वर्ष 2016 में कुसम्ही बाजार स्थित एक कॉलेज से दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है। दोनों मार्कशीट में जन्मतिथि अलग-अलग है। उसने एसएसपी को बताया कि विभागीय जांच के बाद जब वह फंसने लगी तो नौकरी से त्यागपत्र दे दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।