फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   man hope proof of being alive for three years in Deoria

देवरिया: रामअवध को 'जिंदा' होने की जगी आस, तीन साल पहले कागज में हो चुकी है मृत

Fri, 16 Jul 2021 05:37 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया।
अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया। Published by: vivek shukla Updated Fri, 16 Jul 2021 05:37 PM IST
सार

अमर उजाला की खबर पर मची खलबली, पीड़ित से पूछताछ कर रही पुलिस की लोकल इंटेलिजेंस टीम।

विज्ञापन
man hope proof of being alive for three years in Deoria
पीड़ित रामअवध। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

देवरिया जिले के राजस्व अभिलेख में वर्षो पहले मर चुके डाला गांव के रामअवध की आवाज अब गूंजने लगी है। शुक्रवार को अमर उजाला में 'साहब, एक दम सच कह रहा हूं- मैं जिंदा हूं' शीषर्क से पहले पन्ने पर खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासनिक अमले में खलबली मची है। डीएम आशुतोष निरंजन ने जिंदा आदमी को राजस्व अभिलेख में मारकर जमीन हड़पने के मामले की जांच देवरिया के एसडीएम सुनील कुमार सिंह को दी है। उन्होंने तीन दिन में रिपार्ट मांगी है।

विज्ञापन


वही पुलिस की लोकल इंटलिजेंस टीम ने भी रामअवध का बयान लिया है। एलआईयू गांव में जाकर असलियत पताकर शासन को रिपार्ट भेजेगी। डाला गांव के मूल निवासी रामअवध ने ललितपुर जिले के सैदपुर गांव में वर्षो पहले गृहस्थी बसा ली। वह अपने पिता शिवपूजन की एकलौते संतान हैं। उनके नाम से गांव में करीब 30 कट्ठा जमीन है।
विज्ञापन


आरोप है कि पट्टीदारों ने राजस्व अभिलेख में रामअवध को मुर्दा बताकर अपना नाम चढ़वा लिया। लेखपाल और कानून की मिलीभगत से उनकी जमीन पर पक 11 की तहत पट्टीदारों का नाम दर्ज हो गया। मामले की जानकारी होने पर तीन साल पहले रामअवध तहसीलदार न्यायालय में केस दर्ज कर खुद के जिंदा होने का सबूत दिए। तीन साल से उनके जिंदा या मुर्दा होने पर फैसला नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि पट्टीदार मुकदमे में हाजिर होकर मामले को लटकाने में लगे हैं। आधार कार्ड और अन्य अभिलेखों से जिंदा होने का मिशाल पेश कर चुके रामअवध को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। उन्होंने शासन प्रशासन से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।

 

अधिकारियों ने क्या कहा?

इस बाबत डीएम आशुतोष निरंजन ने कहा कि मामले में एसडीएम बरहज न्यायिक को जांच सौप दी गई है। जांच अधिकारी को तीन दिनों के अंदर रिपोर्ट देने को कहा गया है। जांच आख्या के आधार पर पीड़ित को न्याय मिलेगा। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
 
जांच अधिकारी और एसडीएम सुनील कुमार सिंह ने कहा कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। निर्धारित समयावधि में रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी जाएगी।

ग्राम प्रधान मुलायम यादव ने कहा कि जमीन का विवाद काफी समय से चल रहा है। पट्टीदार उन्हें पहचाने से इनकार कर रहे हैं। जांच अधिकारी का पूरा सहयोग किया जाएगा। मैं नव निर्वाचित प्रधान हूं गांव के लोगों से जानकारी एकत्र कर रहा हूं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed