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बस्ती: मालगाड़ी चपेट में आने से व्यक्ति की मौत, बेटी की शादी का सपना रह गया अधूरा
Sat, 30 Jan 2021 05:23 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, बस्ती।
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Published by: vivek shukla
Updated Sat, 30 Jan 2021 05:23 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ-गोरखपुर रेल खंड पर बहेरिया गांव के समीप मालगाड़ी की चपेट में आने 40 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। मौत की खबर से उसके घर में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची वाल्टरगंज पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थानाध्यक्ष डीके सरोज ने बताया कि मृतक की पहचान राम रूप पुत्र गंगाधर निवासी बहेरिया के रूप में हुई है। सुबह करीब आठ बजे वह रेलवे ट्रैक पर घूम रहे थे। इसी दौरान अप ट्रैक पर आ रही मालगाड़ी की चपेट में आ गए।
गंभीर रूप से घायल रामरूप को उपनिरीक्षक सुरेंद्र प्रताप सिंह, कांस्टेबल प्रद्यम्न सिंह उसे अपने वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाए। जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस बात की जांच की जा रही है कि रामरूप दुर्घटनावश ट्रेन की चपेट में आए या उन्होंने आत्महत्या की है। स्वजनों ने बताया कि रामरूप कुछ समय से मानसिक रूप से बीमार था। उसका इलाज गोरखपुर से चल रहा था।
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रामरूप के घर में उनकी पत्नी माधुरी, बेटा अंगद व गिरीश, बेटी रेखा व मंशा हैं। राम रूप की अचानक मौत से परिवार पर विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक की पत्नी नीलम अपनी बेटी रेखा व मंशा को सीने से लगाकर दहाड़ें मारकर रो रही है।
उसके मुख से बार-बार यही निकल रहा है कि अब बेटी रेखा व मंशा के हाथ कैसे पीले होंगे। इन बच्चों की परवरिश कौन करेगा। रामरूप कई महीने से बड़ी बेटी के लिए रिश्ता देख रहे थे।
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थानाध्यक्ष डीके सरोज ने बताया कि मृतक की पहचान राम रूप पुत्र गंगाधर निवासी बहेरिया के रूप में हुई है। सुबह करीब आठ बजे वह रेलवे ट्रैक पर घूम रहे थे। इसी दौरान अप ट्रैक पर आ रही मालगाड़ी की चपेट में आ गए।
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गंभीर रूप से घायल रामरूप को उपनिरीक्षक सुरेंद्र प्रताप सिंह, कांस्टेबल प्रद्यम्न सिंह उसे अपने वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाए। जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस बात की जांच की जा रही है कि रामरूप दुर्घटनावश ट्रेन की चपेट में आए या उन्होंने आत्महत्या की है। स्वजनों ने बताया कि रामरूप कुछ समय से मानसिक रूप से बीमार था। उसका इलाज गोरखपुर से चल रहा था।
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रामरूप के घर में उनकी पत्नी माधुरी, बेटा अंगद व गिरीश, बेटी रेखा व मंशा हैं। राम रूप की अचानक मौत से परिवार पर विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक की पत्नी नीलम अपनी बेटी रेखा व मंशा को सीने से लगाकर दहाड़ें मारकर रो रही है।
उसके मुख से बार-बार यही निकल रहा है कि अब बेटी रेखा व मंशा के हाथ कैसे पीले होंगे। इन बच्चों की परवरिश कौन करेगा। रामरूप कई महीने से बड़ी बेटी के लिए रिश्ता देख रहे थे।